Kidney Stone Prevention: आज के दौर में किडनी में स्टोन यानी पथरी की समस्या एक आम लेकिन दर्दनाक बीमारी बन गई है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि इस परेशानी का सीधा संबंध हमारे गलत खानपान, कम पानी पीने की आदत और बिगड़ी हुई जीवनशैली से है। अक्सर हम अनजाने में ऐसी चीजों का सेवन करते रहते हैं जो शरीर में कैल्शियम और ऑक्सालेट जैसे मिनरल्स की मात्रा को असंतुलित कर देती हैं, जिससे धीरे-धीरे किडनी में पत्थर जैसे ठोस कण जमा होने लगते हैं। शुरुआत में ये स्टोन बहुत छोटे होते हैं, लेकिन यदि ध्यान न दिया जाए तो ये बढ़कर असहनीय दर्द और किडनी डैमेज का कारण भी बन सकते हैं।
पहचानें किडनी स्टोन के शुरुआती लक्षण
किडनी स्टोन होने पर शरीर कई तरह के संकेत देता है जिन्हें सामान्य समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इसमें सबसे प्रमुख लक्षण पीठ के निचले हिस्से या पेट के एक तरफ अचानक उठने वाला तेज दर्द है। इसके अलावा, पेशाब करते समय जलन महसूस होना, बार-बार पेशाब आने की इच्छा होना, पेशाब का रंग गहरा या उसमें खून के अंश दिखाई देना भी पथरी के लक्षण हैं। कई मामलों में दर्द के साथ मतली, उल्टी और बुखार जैसी दिक्कतें भी पेश आती हैं। इन संकेतों को पहचानकर सही समय पर डॉक्टरी सलाह लेना जटिलताओं को रोकने के लिए अनिवार्य है।
किडनी में स्टोन बनने के मुख्य कारण और खानपान
लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. एल.एच. घोटेकर के अनुसार, आहार में सोडियम (नमक) की अधिक मात्रा किडनी स्टोन का सबसे बड़ा कारण है। ज्यादा नमक शरीर में कैल्शियम को यूरिन के जरिए बाहर निकालने के बजाय किडनी में जमा करने लगता है। इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड और अत्यधिक शुगर वाले ड्रिंक्स किडनी के फिल्टरेशन सिस्टम पर दबाव डालते हैं। पालक, चॉकलेट और कुछ नट्स जैसे हाई-ऑक्सालेट वाले खाद्य पदार्थों का संतुलित मात्रा से अधिक सेवन भी पथरी का खतरा बढ़ा देता है। पर्याप्त पानी न पीना इस स्थिति को और भयावह बना देता है क्योंकि इससे यूरिन गाढ़ा हो जाता है।
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये डाइट चार्ट
किडनी की बेहतर सेहत के लिए सबसे सरल और प्रभावी उपाय है ‘हाइड्रेटेड’ रहना। दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा, नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन फायदेमंद होता है क्योंकि नींबू में मौजूद सिट्रेट स्टोन बनने की प्रक्रिया को रोकता है। अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर ताजे फल और हरी सब्जियों को शामिल करें। ताजी खीरा, तरबूज और खरबूजा जैसे पानी से भरपूर फल किडनी की सफाई में सहायक होते हैं। बाहर के खाने और पैकेज्ड ड्रिंक्स की जगह घर का बना हल्का और कम नमक वाला भोजन ही प्राथमिकता होनी चाहिए।
डॉक्टर से परामर्श और समय पर इलाज की महत्ता
यदि आपको पेट या कमर में लगातार सुई चुभने जैसा दर्द महसूस हो रहा है, तो इसे गैस या सामान्य दर्द समझकर घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें। विशेष रूप से यदि पेशाब रुक-रुक कर आ रहा हो या उसमें संक्रमण के लक्षण दिखें, तो तुरंत यूरोलॉजिस्ट या विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर की गई अल्ट्रासाउंड या अन्य जांच से स्टोन की सटीक स्थिति का पता लगाया जा सकता है। छोटे स्टोन अक्सर दवाओं और भरपूर पानी के सेवन से निकल जाते हैं, लेकिन बड़े स्टोन के लिए आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों की आवश्यकता होती है। सतर्कता और संतुलित जीवनशैली ही इस समस्या से बचने का एकमात्र स्थायी समाधान है।
