Tamil Nadu CM : तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया है। अभिनेता से राजनेता बने ‘थलापति’ विजय, जो अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख हैं, ने आज राज्य के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। चेन्नई के खचाखच भरे जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में विजय ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। फिल्मी पर्दे पर ‘नायक’ की भूमिका निभाने वाले विजय अब वास्तविक जीवन में राज्य की बागडोर संभालेंगे। उनकी इस ताजपोशी के साथ ही राज्य में दशकों से चले आ रहे पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है।

राजभवन में विधायकों का समर्थन और सरकार बनाने का दावा
शपथ ग्रहण से पहले, शनिवार को विजय ने राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने सरकार बनाने के लिए 121 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा। गौरतलब है कि तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायकों के जादुई आंकड़े की आवश्यकता थी। विजय के पक्ष में टीवीके के अपने 108 विधायक, कांग्रेस के 5, और वामपंथी दलों (CPI और CPI-M) के 2-2 विधायक शामिल हैं। इसके अलावा, VCK और IUML ने भी अपने 2-2 विधायकों का समर्थन टीवीके को देकर विजय की राह आसान कर दी।
समर्थकों और परिवार में जश्न का माहौल
राज्यपाल ने जैसे ही समर्थन पत्रों की जांच के बाद विजय को सरकार बनाने का औपचारिक निमंत्रण दिया, चेन्नई सहित पूरे राज्य में जश्न की लहर दौड़ गई। स्टेडियम के बाहर और विजय के आवास के पास हजारों समर्थकों ने पटाखे फोड़कर और नाच-गाकर अपनी खुशी जाहिर की। यह पल न केवल उनके समर्थकों के लिए, बल्कि विजय के परिवार के लिए भी भावुक कर देने वाला था। फिल्मी दुनिया में ‘थलापति’ के नाम से मशहूर विजय का यह सफर सिनेमाई चकाचौंध से निकलकर सत्ता के शीर्ष तक पहुंचने की एक मिसाल बन गया है।
6 से 9 मई तक का ‘हाईवोल्टेज’ सियासी ड्रामा
हालांकि, विजय का मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। 4 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद से 9 मई तक तमिलनाडु की राजनीति में जबरदस्त अनिश्चितता बनी रही। 6 मई को विजय पहली बार राज्यपाल से मिले थे, लेकिन तब उनके पास केवल 113 विधायकों (108 TVK + 5 कांग्रेस) का समर्थन था, जो बहुमत से 5 कम था। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि बिना पूर्ण बहुमत के सरकार नहीं बन सकती, जिसके बाद विजय को खाली हाथ लौटना पड़ा।
समर्थन जुटाने की जद्दोजहद और राज्यपाल की सख्त शर्त
7 मई को विजय ने दूसरी कोशिश की और वामपंथी दलों के 4 विधायकों के समर्थन के साथ राजभवन पहुंचे। अब उनकी संख्या 117 हो गई थी, लेकिन वे बहुमत (118) से अब भी एक कदम दूर थे। राज्यपाल ने एक बार फिर उन्हें पूरी संख्या दिखाने को कहा। 8 मई को टीवीके ने दावा किया कि उन्हें VCK का समर्थन मिल गया है, लेकिन देर रात तक VCK की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, जिससे मामला एक बार फिर अधर में लटक गया।
121 विधायकों के साथ विजय ने जीता सत्ता का संग्राम
सियासी खींचतान का अंत 9 मई को हुआ जब IUML और VCK ने औपचारिक रूप से टीवीके को अपना समर्थन देने का ऐलान किया। इस अंतिम समर्थन के साथ विजय का आंकड़ा 121 पर पहुंच गया, जो बहुमत के आंकड़े से 3 अधिक था। राज्यपाल ने तत्काल उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया और इस तरह थलापति विजय के मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ। अब जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विजय अपनी राजनीतिक पारी में कितनी सफलता हासिल करते हैं।
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