Headline
NEET UG 2026 Re-exam
NEET UG 2026 Re-exam : नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की तारीख घोषित, 21 जून को फिर होगी परीक्षा, पेपर लीक के बाद बड़ा फैसला
Petrol-Diesel Price
Petrol-Diesel Price : आम आदमी को लगा बड़ा झटका, रातों-रात बदल गए पेट्रोल और डीजल के दाम
Women Health :
Women Health : PCOS का नाम बदलकर हुआ PMOS, अब इस नए नाम से जानी जाएगी महिलाओं की यह बीमारी
Vastu Tips for Salt
Vastu Tips for Salt : क्या आप भी दूसरों से मांगते हैं नमक? जानिए इससे जुड़ा डरावना वास्तु दोष
Cuba Energy Crisis 2026
Cuba Energy Crisis 2026 : क्यूबा में ऊर्जा का महासंकट, ईंधन खत्म होने से अंधेरे में डूबा पूरा देश
NEET Paper Leak Case
NEET Paper Leak Case : NEET पेपर लीक मामले में तीन राज्यों से 7 गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका
Keralam CM News 2026
Keralam CM News 2026: कौन हैं केरल के नए मुख्यमंत्री सतीशन, जिन्होंने रेस में वेणुगोपाल को पीछे छोड़ा
Chandranath Rath Murder Case
Chandranath Rath Murder Case : सीबीआई जांच में 70 लाख की सुपारी का खुलासा, सिग्नल ऐप से रची गई साजिश
SIR Phase 3 India
SIR Phase 3 India : देशभर में शुरू होगा SIR का तीसरा चरण, 16 राज्यों में होगा स्वास्थ्य सर्वे

Gastric Problem Vitamins : बार-बार होती है एसिडिटी? शरीर में छिपे इस विटामिन के अभाव को पहचानें

Gastric Problem Vitamins

Gastric Problem Vitamins : अक्सर जब हमें पेट फूलने (Bloating), गैस या एसिडिटी की शिकायत होती है, तो हमारा पहला ध्यान खाने-पीने की आदतों पर जाता है। हम सोचते हैं कि शायद ज्यादा मसालेदार भोजन, बाहर का खाना या भोजन के गलत समय के कारण पेट खराब है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पाचन तंत्र की इस परेशानी के पीछे शरीर में मौजूद किसी खास विटामिन की कमी भी हो सकती है?

शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. भुमेश त्यागी के अनुसार, हमारे शरीर के कुछ विटामिन्स का सीधा संबंध डाइजेशन से होता है। यदि इन विटामिन्स का स्तर शरीर में गिर जाए, तो पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम करना बंद कर देता है, जिससे गैस और भारीपन जैसी समस्याएं स्थाई रूप से घर कर लेती हैं।

विटामिन B12: पाचन तंत्र का मुख्य इंजन और इसकी कमी के संकेत

विटामिन B12 न केवल हमारे दिमाग और नसों के लिए जरूरी है, बल्कि यह हमारे मेटाबॉलिज्म और पाचन क्रिया को नियंत्रित करने में भी बड़ी भूमिका निभाता है। शरीर में Vitamin B12 की कमी होने पर रेड ब्लड सेल्स का निर्माण प्रभावित होता है, जिससे पाचन तंत्र को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसकी कमी के कारण अक्सर लोगों को कब्ज (Constipation), बार-बार गैस बनना और पेट में भारीपन महसूस होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि आपको लगातार पेट की समस्या बनी रहती है, तो साल में कम से कम एक बार विटामिन B12 का चेकअप जरूर कराना चाहिए।

विटामिन D और आंतों का स्वास्थ्य: ‘सनशाइन विटामिन’ का कमाल

विटामिन D, जिसे हम अक्सर हड्डियों की मजबूती से जोड़कर देखते हैं, वास्तव में हमारी आंतों (Guts) के स्वास्थ्य के लिए भी अनिवार्य है। शोध से पता चला है कि विटामिन D की कमी सीधे तौर पर आंतों में सूजन और जलन पैदा कर सकती है। यह विटामिन शरीर के भीतर सूजन (Inflammation) को कंट्रोल करने वाले रिसेप्टर्स को सक्रिय करता है। जब शरीर में विटामिन D का स्तर कम होता है, तो आंतों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिससे भोजन सही से नहीं पचता और गैस की समस्या गंभीर रूप ले लेती है।

मैग्नीशियम की भूमिका: मांसपेशियों को रिलैक्स करना है जरूरी

विटामिन के साथ-साथ ‘मैग्नीशियम’ जैसा महत्वपूर्ण मिनरल भी पाचन के लिए आवश्यक है। मैग्नीशियम पेट की मांसपेशियों को रिलैक्स (शिथिल) करने में मदद करता है। यदि शरीर में इसकी कमी हो जाए, तो पाचन मार्ग की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं, जिससे मल त्याग में कठिनाई होती है और पेट में गैस व ब्लोटिंग महसूस होने लगती है। मैग्नीशियम की कमी से आंतों की गतिशीलता धीमी पड़ जाती है, जो पाचन संबंधी विकारों का प्रमुख कारण बनती है।

गैस और एसिडिटी से राहत पाने के प्रभावी घरेलू उपाय

विटामिन की कमी को दूर करने के लिए अपनी डाइट में बदलाव करना सबसे पहला कदम है। विटामिन B12 के लिए मांसाहारी लोग अंडा, मछली और मीट का सेवन कर सकते हैं, जबकि शाकाहारियों के लिए दूध, दही, पनीर और फोर्टिफाइड अनाज बेहतरीन विकल्प हैं। वहीं, विटामिन D के लिए सुबह की गुनगुनी धूप सबसे अच्छी है। इसके अलावा, पेट में ‘गुड बैक्टीरिया’ की संख्या बढ़ाने के लिए प्रोबायोटिक्स जैसे दही और छाछ को भोजन का हिस्सा बनाएं।

फाइबर और पानी का सही संतुलन: सावधानी है जरूरी

पाचन को बेहतर बनाने के लिए फाइबर युक्त भोजन (जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज) जरूरी है, लेकिन ध्यान रहे कि इसकी मात्रा का संतुलन बना रहे। बहुत ज्यादा फाइबर या अचानक से फाइबर बढ़ा देना भी गैस का कारण बन सकता है। इसलिए धीरे-धीरे अपनी डाइट में फाइबर जोड़ें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फाइबर के साथ भरपूर पानी पिएं, क्योंकि बिना पर्याप्त पानी के फाइबर शरीर में जम सकता है और कब्ज पैदा कर सकता है। सप्लीमेंट्स लेने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Read More : Vastu Tips for Plants: घर में भूलकर भी न लगाएं इमली समेत ये 4 पौधे, वरना बढ़ेगी कंगाली

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top