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Polyphagia Symptoms: बार-बार भूख लगना हो सकता है डायबिटीज का संकेत, जानें क्या कहती है रिपोर्ट

Polyphagia Symptoms

Polyphagia Symptoms: अक्सर लोग खाना खाने के महज एक घंटे बाद फिर से भूख महसूस करने लगते हैं या उन्हें बार-बार कुछ न कुछ मीठा या नमकीन खाने की तीव्र इच्छा होती है। सामान्य दिखने वाली यह आदत वास्तव में शरीर के भीतर पनप रही किसी गंभीर बीमारी का इशारा हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आपको पर्याप्त भोजन के बाद भी संतुष्टि महसूस नहीं हो रही है, तो यह इस बात का संकेत है कि आपके शरीर में इंसुलिन हार्मोन सही तरीके से काम नहीं कर रहा है।

Polyphagia Symptoms: क्या है पॉलीफेजिया? जब भूख बन जाती है बीमारी का लक्षण

अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (ADA) के अनुसार, बार-बार भूख लगना शरीर में शुगर लेवल के असंतुलन और इंसुलिन के बिगड़े हुए फंक्शन का प्रमुख लक्षण है। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस स्थिति को ‘पॉलीफेजिया’ (Polyphagia) कहा जाता है। सामान्य स्थिति में, हम जो भी खाते हैं, इंसुलिन उस ग्लूकोज को रक्त से कोशिकाओं (Cells) तक पहुँचाता है ताकि शरीर को ऊर्जा मिल सके। लेकिन जब इंसुलिन का कार्य बाधित होता है, तो ग्लूकोज कोशिकाओं तक नहीं पहुँच पाता। नतीजा यह होता है कि शरीर में ऊर्जा की कमी बनी रहती है और मस्तिष्क बार-बार भूख का संकेत भेजता रहता है।

Polyphagia Symptoms: प्री-डायबिटीज की चेतावनी: समय रहते संभलना है जरूरी

अत्यधिक भूख लगना अक्सर डायबिटीज की शुरुआत या ‘प्री-डायबिटीज’ का प्रारंभिक संकेत होता है। कई लोग इसे केवल मेटाबॉलिज्म की तेजी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो भविष्य में भारी पड़ सकता है। यदि इसे शुरुआती चरण (प्री-डायबिटीज) में ही पहचान लिया जाए, तो केवल जीवनशैली और खानपान में बदलाव करके बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। याद रखें, एक बार टाइप-2 डायबिटीज होने के बाद इसे पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, इसे केवल दवाओं और अनुशासन से नियंत्रित (Control) ही किया जा सकता है।

डायबिटीज के अन्य प्रमुख लक्षण: शरीर को ऐसे पहचानें

केवल भूख ही नहीं, बल्कि शरीर के कुछ अन्य संकेत भी इंसुलिन की गड़बड़ी को दर्शाते हैं। यदि आपको भूख के साथ-साथ निम्नलिखित समस्याएं भी हो रही हैं, तो तुरंत जांच करानी चाहिए:

  • अत्यधिक प्यास लगना: बार-बार गला सूखना।

  • बार-बार पेशाब आना: विशेषकर रात के समय।

  • थकान और कमजोरी: पर्याप्त नींद के बाद भी सुस्ती महसूस होना।

  • धुंधला दिखाई देना: आंखों की रोशनी पर अचानक प्रभाव पड़ना।

  • घाव भरने में देरी: शरीर पर लगी चोट का जल्दी ठीक न होना।

किसे है सबसे ज्यादा खतरा? इन कारकों पर दें ध्यान

डायबिटीज का खतरा उन लोगों में अधिक होता है जिनकी जीवनशैली असंतुलित है। यदि आपके परिवार में किसी को पहले से यह बीमारी है (जेनेटिक), तो आपको अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। इसके अलावा, जो लोग अधिक मीठा खाते हैं, जिनका वजन बढ़ गया है, या जो शारीरिक श्रम बिल्कुल नहीं करते, वे इसके निशाने पर सबसे पहले आते हैं। लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने वाले (Sedenatry Lifestyle) लोगों में भी शुगर लेवल बिगड़ने की संभावना अधिक होती है।

बचाव के उपाय: कैसे रखें खुद को सुरक्षित?

डायबिटीज से बचने के लिए सबसे जरूरी है अपनी डाइट और सक्रियता पर ध्यान देना।

  1. प्रोटीन युक्त आहार: भोजन में फैट कम करें और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं ताकि पेट लंबे समय तक भरा रहे।

  2. नियमित व्यायाम: प्रतिदिन कम से कम 15-20 मिनट की सैर या एक्सरसाइज शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को सुधारती है।

  3. तनाव प्रबंधन: मानसिक तनाव शुगर लेवल को अचानक बढ़ा सकता है, इसलिए योग या ध्यान का सहारा लें।

  4. नियमित जांच: 30 की उम्र के बाद समय-समय पर अपने शुगर लेवल (Fasting और PP) की जांच कराते रहें।

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