PM Modi France Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह नई दिल्ली से अपने करीब हफ्ते भर लंबे विदेश दौरे के लिए रवाना हो रहे हैं। विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी 13 जून को फ्रांस और स्लोवाकिया की इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक यात्रा पर निकलेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के साथ भारत के सामरिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई देना है। प्रधानमंत्री 16 और 17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित होने वाले हाई-प्रोफाइल जी7 (G7) शिखर सम्मेलन में भी विशेष तौर पर हिस्सा लेंगे।
निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक, यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी 13-14 जून को फ्रांस के नीस शहर में रहेंगे, जबकि 16 से 19 जून के बीच वे एवियन और पेरिस के विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। इस बहुप्रतीक्षित दौरे में भारत और फ्रांस के बीच अरबों डॉलर की डिफेंस डील्स पर अंतिम मुहर लगने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
राफेल फाइटर जेट और सबमरीन को लेकर हो सकती है ऐतिहासिक रक्षा डील
पीएम मोदी की इस फ्रांस यात्रा के दौरान भारतीय वायुसेना और नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए बड़े रक्षा समझौतों पर चर्चा अंतिम दौर में पहुंच सकती है। राजनयिक सूत्रों के संकेत दिए हैं कि फ्रांस सरकार ‘मेक-इन-इंडिया’ पहल के तहत मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बड़े प्रोजेक्ट के अंतर्गत फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन 18 राफेल लड़ाकू विमान ‘फ्लाई-अवे’ (पूरी तरह तैयार) स्थिति में भारत को सौंपेगी, जबकि बाकी विमानों का निर्माण स्वदेशी तकनीक और 50 फीसदी भारतीय हिस्सेदारी के साथ भारत में ही किया जाएगा। इसके अलावा, दोनों देश भारतीय नौसेना के लिए तीन और आधुनिक स्कॉर्पीन पनडुब्बियां (सबमरीन) बनाने की बातचीत को रफ्तार देंगे। लगभग 36,000 करोड़ रुपये के इस सबमरीन प्रोजेक्ट को सरकारी कंपनी मझगांव डॉक लिमिटेड (MDL) और फ्रांस का नेवल ग्रुप मिलकर पूरा करेंगे।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक और ‘भारत इनोवेट्स’ का भव्य आगाज
अपनी यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री मोदी 14 जून को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक के लिए नीस शहर पहुंचेंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों वैश्विक नेता भारत-फ्रांस के रणनीतिक संबंधों के सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा करेंगे। इसी शहर के ‘पैलेस डेस एक्सपोजिशन्स’ में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की इस अनूठी पहल में देश के 120 चुनिंदा स्टार्टअप, 15 प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा संस्थान और दुनिया भर के 500 से अधिक बड़े निवेशक शामिल हो रहे हैं। यह आयोजन सेमीकंडक्टर, स्पेस टेक, एआई और हेल्थकेयर जैसे 13 अत्याधुनिक क्षेत्रों में भारत की बढ़ती ‘डीप टेक’ क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा। इस कार्यक्रम में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के भी शामिल होने की उम्मीद है।
स्लोवाकिया का ऐतिहासिक दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे नरेंद्र मोदी
अपनी यात्रा के दूसरे चरण में पीएम मोदी स्लोवाकिया के राजकीय दौरे पर जाएंगे, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। साल 1993 में स्लोवाकिया को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता मिलने के बाद, यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की वहां की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में बताया कि पीएम मोदी का यह ऐतिहासिक कदम व्यापार, भारी निवेश, ऑटोमोबाइल सेक्टर और रेलवे विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में स्लोवाकिया के साथ मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को विकसित करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इस दौरे से मध्य यूरोप के देशों के साथ भारत के कूटनीतिक गठजोड़ को एक नया और मजबूत आधार मिलेगा।
जी7 शिखर सम्मेलन में शिरकत और पेरिस के ‘विवाटेक’ में वैश्विक दिग्गजों से मुलाकात
दौरे के तीसरे चरण में, पीएम मोदी 16-17 जून को फ्रांस के एवियन में आयोजित होने वाले जी7 (G7) शिखर सम्मेलन के विशेष सत्रों को संबोधित करेंगे। यहाँ वे विश्व नेताओं के साथ मिलकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के सुरक्षित उपयोग, टिकाऊ आर्थिक विकास और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता के पुनर्निर्माण जैसे वैश्विक मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण रखेंगे। इसके बाद, यात्रा के अंतिम पड़ाव में प्रधानमंत्री 18 जून को पेरिस का रुख करेंगे। पेरिस में वे यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप महाकुंभ ‘विवाटेक शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लेंगे और वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) व उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें करेंगे, जिससे भारत में विदेशी निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।
