Heart Health: अक्सर हम रात की अधूरी नींद को अगले दिन के आलस या खराब मूड से जोड़कर देखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह समस्या इससे कहीं अधिक गहरी है? अमेरिका के प्रसिद्ध हार्ट सर्जन, डॉक्टर जेरेमी लंदन के अनुसार, नींद की कमी को नजरअंदाज करना आपके शरीर के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। यदि आप अपनी ‘बायोलॉजिकल क्लॉक’ यानी जैविक घड़ी के विरुद्ध चलते हैं, तो यह लंबे समय में आपके लिए घातक साबित हो सकता है। नींद केवल आराम करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह शरीर की मरम्मत और आंतरिक तालमेल बिठाने की एक अनिवार्य प्रक्रिया है।
Heart Health: कितने घंटे की नींद है ‘गोल्डन स्टैंडर्ड’? समझें U-शेप्ड कर्व
अक्सर लोग इस भ्रम में रहते हैं कि वे जितना ज्यादा सोएंगे, उतने ही स्वस्थ रहेंगे। डॉक्टर लंदन ने इस धारणा को स्पष्ट करते हुए ‘U-आकार के वक्र’ (U-shaped curve) का सिद्धांत समझाया है। उनके अनुसार:
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6 घंटे से कम सोना: यह शरीर के लिए तनावपूर्ण है और बीमारियों को न्योता देता है।
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9 घंटे से अधिक सोना: आश्चर्यजनक रूप से, बहुत अधिक नींद लेना भी स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ा देता है।
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आदर्श समय: विशेषज्ञ 6 से 8 घंटे की गहरी नींद को सबसे बेहतर मानते हैं। 7-8 घंटे की नींद शरीर की कार्यप्रणाली को सुचारू रखने के लिए ‘परफेक्ट’ मानी गई है।
Heart Health: सर्कैडियन रिदम: सूर्य के साथ शरीर का प्राकृतिक तालमेल
मानव शरीर को प्रकृति ने सूर्य की रोशनी के अनुसार डिजाइन किया है। इसे ‘सर्कैडियन रिदम’ (Circadian Rhythm) कहा जाता है। हमारा शरीर सूर्योदय के साथ जागने और सूर्यास्त के बाद विश्राम करने के लिए बना है। जब हम देर रात तक जागकर इस प्राकृतिक लय का उल्लंघन करते हैं, तो हमारी ‘इंटरनल केमिस्ट्री’ यानी आंतरिक रसायन बिगड़ने लगते हैं। रात में जागने से शरीर में गलत समय पर हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं, जिसका सीधा असर हमारे मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है।
हार्मोनल असंतुलन और भूख पर प्रभाव
नींद पूरी न होने का सबसे पहला असर हमारे हार्मोन्स और भूख पर पड़ता है। जब नींद का चक्र टूटता है, तो तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन (जैसे कोर्टिसोल) का स्तर बढ़ जाता है। इससे न केवल आपका मूड खराब होता है, बल्कि आपकी खाने की इच्छा (Cravings) भी अनियंत्रित हो जाती है। आप अक्सर अस्वास्थ्यकर भोजन की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे वजन बढ़ना और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। एक स्वस्थ मानसिक स्थिति के लिए प्राकृतिक रोशनी के साथ तालमेल बिठाना अनिवार्य है।
लंबे समय तक खराब नींद के गंभीर परिणाम: डायबिटीज और कैंसर का खतरा
डॉक्टर लंदन चेतावनी देते हैं कि एक-दो दिन कम सोने से सेहत पूरी तरह नहीं बिगड़ती, लेकिन यदि यह आपकी आदत बन चुकी है, तो परिणाम भयानक हो सकते हैं। सालों तक नींद की कमी झेलने वाले शरीर में टाइप-2 डायबिटीज, गंभीर हृदय रोग और कुछ विशेष प्रकार के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। आपके दिल (Heart) को स्वस्थ रखने और धमनियों के सुचारू कामकाज के लिए कम से कम 6 घंटे की निरंतर नींद लेना अनिवार्य है।
