Bihar Political Upset: बिहार की सियासत में एक बार फिर भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्य की राजनीति से निकलकर केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार कल राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनके नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रह सकते हैं। यदि नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य बनते हैं, तो बिहार में मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली होना तय माना जा रहा है, जिससे राज्य में नए समीकरणों का उदय होगा।
Bihar Political Upset: निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर पिछले लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब उन पर से पर्दा उठता दिख रहा है। खबर है कि निशांत कुमार कल आधिकारिक तौर पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) की सदस्यता लेंगे। चर्चा तो यहाँ तक है कि उन्हें बिहार के अगले उपमुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया जा सकता है। इससे पहले उनके राज्यसभा जाने की खबरें थीं, लेकिन जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की पटना वापसी के बाद समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
Bihar Political Upset: संवैधानिक प्रावधान और सत्ता हस्तांतरण
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का मतलब यह नहीं है कि वे तुरंत मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे। विशेषज्ञों और सूत्रों का कहना है कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत वे सांसद बनने के बाद भी अगले छह महीनों तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं। इस दौरान वे धीरे-धीरे सत्ता का हस्तांतरण करेंगे। इस बदलाव के बाद यह भी संभव है कि बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मुख्यमंत्री बने। यह कदम एनडीए के भीतर शक्ति संतुलन को एक नई दिशा दे सकता है, जो 2025 के चुनावी नतीजों के बाद एक बड़ा बदलाव होगा।
जेडीयू और एनडीए की अहम बैठक: पटना में जुटेगा दिग्गजों का जमावड़ा
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव को देखते हुए जेडीयू ने कल एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में उम्मीदवारों के नाम और भावी राजनीतिक रणनीति पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है। साथ ही, अगले 24 से 48 घंटों के भीतर पटना में एनडीए विधायकों की एक बड़ी मीटिंग भी बुलाई गई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य में होने वाले नेतृत्व परिवर्तन और गठबंधन के भविष्य के रोडमैप को तय करना है।
राज्यसभा के उम्मीदवारों का गणित: बीजेपी और जेडीयू के कोटे की सीटें
बिहार से राज्यसभा के लिए कुल पांच उम्मीदवार भेजे जाने हैं। बीजेपी ने पहले ही अपने दो उम्मीदवारों—पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश कुमार के नामों की घोषणा कर दी है। एनडीए के घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का नाम भी तय माना जा रहा है। वहीं, जेडीयू के कोटे की दो सीटों में से एक पर केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का नाम लगभग फाइनल है, जबकि दूसरी सीट पर स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नामांकन की प्रबल संभावना है।
2025 के जनादेश के बाद नई चुनौतियां: नीतीश का राजनीतिक उत्तराधिकारी कौन?
साल 2005 से बिहार की सत्ता संभाल रहे नीतीश कुमार के लिए यह निर्णय काफी भावुक और रणनीतिक हो सकता है। 2025 के विधानसभा चुनावों में जेडीयू ने 85 और बीजेपी ने 89 सीटें जीतकर विपक्ष के तमाम दावों को ध्वस्त कर दिया था। अब जबकि नीतीश कुमार अपनी सेहत और भविष्य की योजना को देखते हुए दिल्ली का रुख कर रहे हैं, तो सवाल उठता है कि क्या उनके बेटे निशांत कुमार उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में खुद को स्थापित कर पाएंगे? बिहार की जनता और विपक्षी दल अब बारीकी से इन बदलते घटनाक्रमों पर नजर रख रहे हैं।
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