High Blood Pressure Brain : आज की भागदौड़ भरी और व्यस्त जिंदगी में हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) एक बेहद आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनकर उभरा है। अधिकांश लोग इसे केवल दिल (हार्ट) से जुड़ी एक सामान्य बीमारी मानकर बैठ जाते हैं, जबकि असलियत में इसका खतरनाक असर शरीर के कई अन्य संवेदनशील अंगों पर भी पड़ता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि हाई बीपी के शुरुआती लक्षणों को लोग अक्सर सामान्य शारीरिक थकान या काम का तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इस वजह से कई मरीजों को सालों तक पता ही नहीं चल पाता कि वे इस साइलेंट किलर बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।
खराब दिनचर्या, मानसिक तनाव और जागरूकता की कमी का परिणाम
चिकित्सकों के अनुसार, आजकल के अनियंत्रित और खराब खानपान, अत्यधिक मानसिक तनाव, शारीरिक निष्क्रियता (एक्सरसाइज की कमी) और देर रात तक जागने यानी नींद की कमी के कारण हाई बीपी के मामले युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। लोग अपनी सेहत को लेकर तब तक लापरवाह रहते हैं जब तक कि स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं हो जाती। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ समय-समय पर ब्लड प्रेशर की रूटीन जांच कराने और एक अनुशासित व स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर को भविष्य के बड़े खतरों से सुरक्षित रखा जा सके।
क्या हाई बीपी आपकी याददाश्त और ब्रेन हेल्थ को कर सकता है प्रभावित?
मेडिकल जर्नल ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में प्रकाशित एक हालिया शोध के अनुसार, लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर सीधे तौर पर हमारे दिमाग की बारीक रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसल्स) को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर सकता है। जब दिमाग की नसों पर खून का दबाव असामान्य रूप से बढ़ जाता है, तो व्यक्ति की सोचने-समझने, किसी काम पर ध्यान केंद्रित करने (फोकस) और पुरानी बातों को याद रखने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। यदि मस्तिष्क के मुख्य हिस्सों तक ऑक्सीजन और रक्त का प्रवाह सही तरीके से न पहुंचे, तो दिमागी कोशिकाएं कमजोर होने लगती हैं, जिससे मानसिक थकान और बार-बार भूलने की बीमारी (डिमेंशिया) का खतरा बढ़ जाता है।
इन दिमागी और शारीरिक संकेतों को कभी न करें सामान्य समझने की भूल
वैसे तो हाई बीपी का असर हर व्यक्ति के शरीर और उम्र के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है, लेकिन कुछ ऐसे सामान्य संकेत हैं जिन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। अगर आपको बार-बार चीजें भूलने की आदत हो रही है, काम में मन नहीं लग रहा, लगातार तेज सिरदर्द बना रहता है या अचानक चक्कर आते हैं, तो यह खतरे की घंटी हो सकती है। इसके अलावा, अचानक कमजोरी महसूस होना, असमंजस या भ्रम (कन्फ्यूजन) की स्थिति पैदा होना और निर्णय लेने में दिक्कत आना भी इसके लक्षण हैं। ऐसे संकेत दिखने पर बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क कर बीपी और ब्रेन हेल्थ की मुकम्मल जांच करानी चाहिए।
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उपाय
अपने ब्लड प्रेशर को हमेशा नॉर्मल रेंज में रखने और दिमाग को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए जीवनशैली में कुछ छोटे लेकिन बेहद महत्वपूर्ण बदलाव करने की आवश्यकता है। सबसे पहले, डॉक्टर की सलाह के अनुसार अपनी दवाओं का नियमित सेवन करें और घर पर ग्लूकोमीटर की तरह बीपी मशीन से भी नियमित जांच करते रहें। अपने आहार में नमक (सोडियम) की मात्रा को तुरंत सीमित करें और हरी सब्जियां, फल व संतुलित डाइट शामिल करें। रोजाना कम से कम 30 मिनट योग, प्राणायाम या वॉक करें, 7-8 घंटे की गहरी नींद लें और खुद को तनाव से दूर रखें। इसके साथ ही धूम्रपान और शराब के सेवन से पूरी तरह दूरी बना लेना ही आपके दिल और दिमाग दोनों के स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम विकल्प है।
