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Amit Shah Security Meeting: आतंकवाद से साइबर क्राइम तक, आज शुरू होगा 2 दिन का बड़ा मंथन

Amit Shah Security Meeting

Amit Shah Security Meeting : देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से नई दिल्ली में 24 और 25 अगस्त को 9वें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति यानी NSS सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में देश की सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भी इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में विशेष रूप से हिस्सा लेंगे।

हाइब्रिड मोड में आयोजित होगा महत्वपूर्ण सम्मेलन

राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया जा रहा है। इसका मतलब है कि अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से कार्यक्रम में शामिल होने के साथ-साथ वर्चुअल माध्यम से भी बैठक में हिस्सा ले सकेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों की पहचान करना और उनके समाधान के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना है।

850 से अधिक वरिष्ठ और युवा अधिकारी लेंगे हिस्सा

इस उच्चस्तरीय बैठक में देशभर की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस संगठनों के 850 से अधिक वरिष्ठ और युवा अधिकारी शामिल होंगे। केंद्रीय गृह सचिव, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल यानी CAPF के प्रमुख और केंद्रीय पुलिस संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मेलन का हिस्सा होंगे। इसके अलावा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक भी इसमें भाग लेंगे।

राष्ट्रीय सुरक्षा के सामने मौजूद चुनौतियों पर मंथन

सम्मेलन के दौरान देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर विषयों पर चर्चा की जाएगी। बदलते सुरक्षा माहौल और नई तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं। सम्मेलन में इन खतरों को समझने, उनकी निगरानी मजबूत करने और समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के तरीकों पर विचार किया जाएगा।

पहले दिन देश विरोधी गतिविधियों और साइबर खतरों पर चर्चा

सम्मेलन के पहले दिन देश विरोधी ताकतों की गतिविधियों और उनके नेटवर्क से उत्पन्न चुनौतियों पर मंथन किया जाएगा। इसके साथ ही नारकोटिक्स कारोबार, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के संभावित दुरुपयोग और भीड़ प्रबंधन जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। आधुनिक तकनीक के गलत इस्तेमाल से पैदा होने वाले सुरक्षा जोखिमों को लेकर नई रणनीति तैयार करने पर विशेष जोर रहेगा।

टेरर फंडिंग रोकने की रणनीति पर भी होगा विचार

आतंकी संगठनों तक पहुंचने वाली आर्थिक मदद को रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है। सम्मेलन में टेरर फंडिंग के स्रोतों और उन्हें रोकने के प्रभावी उपायों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा देश के निर्जन द्वीपों की सुरक्षा भी बैठक के महत्वपूर्ण विषयों में शामिल है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ऐसे क्षेत्रों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर विचार किया जाएगा।

दूसरे दिन आतंकवाद और नक्सलवाद पर रहेगा फोकस

सम्मेलन के दूसरे दिन का एजेंडा भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। नागरिक उड्डयन की सुरक्षा, पोर्ट सिक्योरिटी, आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और वामपंथी उग्रवाद यानी नक्सलवाद से निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा होगी। सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और खुफिया सूचनाओं के प्रभावी इस्तेमाल को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

ड्रग्स तस्करी रोकने के लिए बनेगी बेहतर रणनीति

नशे के अवैध कारोबार का नेटवर्क देश की आंतरिक सुरक्षा और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती माना जाता है। सम्मेलन में ड्रग्स की तस्करी रोकने, इसके नेटवर्क को खत्म करने और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी। सीमा और समुद्री मार्गों के जरिए होने वाली तस्करी पर प्रभावी निगरानी के उपाय भी बैठक में महत्वपूर्ण रहेंगे।

2016 से लगातार आयोजित हो रहा NSS सम्मेलन

राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2016 में दिए गए निर्देशों के बाद हुई थी। तब से यह सम्मेलन हर वर्ष आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में जमीनी स्तर पर काम करने वाले पुलिस अधिकारियों के अनुभवों को विशेषज्ञों की राय के साथ जोड़ना है, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए व्यावहारिक और प्रभावी नीतियां तैयार की जा सकें।

जमीनी अनुभव और विशेषज्ञ राय को जोड़ने पर जोर

इस सम्मेलन की खासियत यह है कि इसमें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ युवा पुलिस अधिकारी भी हिस्सा लेते हैं। इससे सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर अलग-अलग स्तरों से विचार सामने आते हैं। जमीनी अनुभव, तकनीकी विशेषज्ञता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े व्यापक दृष्टिकोण को एक मंच पर लाकर सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने की कोशिश की जाती है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम साबित होगा सम्मेलन

दो दिवसीय NSS सम्मेलन में आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद, नक्सलवाद, साइबर अपराध, ड्रग्स तस्करी और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा होगी। अमित शाह समेत देशभर के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में होने वाला यह सम्मेलन बदलते सुरक्षा परिदृश्य के बीच नई रणनीतियां तैयार करने और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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