Heart Blockage Symptoms : मानव शरीर में दिल तक शुद्ध खून पहुंचाने और वहां से अशुद्ध खून को वापस लाने वाली मुख्य रक्त वाहिकाओं को कोरोनरी आर्टरीज (धमनियां) कहा जाता है। आज की खराब जीवनशैली के कारण जब इन धमनियों के अंदर वसा, हानिकारक कोलेस्ट्रॉल या अन्य अपशिष्ट पदार्थ धीरे-धीरे जमा होने लगते हैं, तो नसें अंदर से संकरी हो जाती हैं। इस वजह से दिल में रक्त का प्रवाह सुचारू रूप से नहीं हो पाता, जिसे चिकित्सा की भाषा में ‘हार्ट ब्लॉकेज’ या दिल की नसों का अवरुद्ध होना कहते हैं।
इस गंभीर समस्या से राहत पाने और धमनियों को प्राकृतिक रूप से साफ करने के लिए अक्सर लोग कई तरह के घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं, जिनमें से सबसे प्रमुख है लहसुन का सेवन। लेकिन सवाल उठता है कि क्या लहसुन सचमुच आर्टरीज को पूरी तरह साफ कर सकता है? इसी महत्वपूर्ण विषय पर जाने-माने वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुमित कपाड़िया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल के माध्यम से बेहद जरूरी और वैज्ञानिक जानकारी साझा की है।
सर्जन की अनूठी सलाह: पाइप क्लीनर नहीं, पाइप रिलैक्सर है लहसुन
वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुमित कपाड़िया ने इस भ्रांति को दूर करते हुए बताया कि दिल के भीतर होने वाली ब्लॉकेज कोई मुलायम या सॉफ्ट परत नहीं होती, बल्कि समय के साथ जमा होकर यह किसी पत्थर की तरह अत्यधिक सख्त हो जाती है। ऐसे में यह सोचना पूरी तरह गलत है कि लहसुन खाने से वह इस पत्थर जैसी सख्त ब्लॉकेज को रगड़कर या पिघलाकर साफ कर देगा। हालांकि, डॉक्टर यह भी स्पष्ट करते हैं कि लहसुन सेहत के लिए पूरी तरह अप्रभावी या बेकार नहीं है।
लहसुन में मौजूद औषधीय तत्व आपकी रक्त वाहिकाओं (नसों) को रिलैक्स यानी शिथिल करने में मदद करते हैं, जिससे शरीर का बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर काफी हद तक नियंत्रित रहता है। इसलिए, चिकित्सा के दृष्टिकोण से लहसुन को एक ‘पाइप रिलैक्सर’ की तरह देखा जाना चाहिए, न कि ‘पाइप क्लीनर’ की तरह। डॉक्टर ने मरीजों को सख्त हिदायत दी है कि वे लहसुन के घरेलू नुस्खे के भरोसे अपनी डॉक्टरी दवाइयां खाना कभी बंद न करें। लहसुन को इलाज में केवल एक सहायक (हेल्पर) के रूप में देखें, न कि पूर्ण उपचार (हीलर) के रूप में।
इन चेतावनी भरे संकेतों को न करें नजरअंदाज, यह हो सकते हैं लक्षण
दिल की धमनियों में ब्लॉकेज होने पर शरीर में इसके लक्षण अचानक नहीं, बल्कि धीरे-धीरे और स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगते हैं। इसका सबसे प्राथमिक और बड़ा लक्षण है सीने में अचानक तेज दर्द या भारीपन महसूस होना, जिसे एंजाइना भी कहते हैं। कई बार यह दर्द सीने से शुरू होकर व्यक्ति के बाएं कंधे, गर्दन, पीठ या जबड़े तक फैल जाता है। आमतौर पर शारीरिक मेहनत करने, भारी सामान उठाने या तेज चलने पर यह दर्द तेजी से बढ़ता है और आराम करने पर धीरे-धीरे कम हो जाता है।
इसके अलावा, थोड़ा सा भी पैदल चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलने लगना भी इसका एक बड़ा संकेत है, जो दर्शाता है कि दिल को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। यही नहीं, जब शरीर का ब्लड फ्लो बाधित होता है, तो मस्तिष्क तक खून ठीक से न पहुंचने के कारण बार-बार चक्कर आने लगते हैं और कभी-कभी बेहोशी छा जाती है। बिना किसी कसरत या गर्मी के भी अचानक बहुत अधिक ठंडा पसीना आना भी दिल की बीमारी का एक बड़ा चेतावनी संकेत माना जाता है।
किन वजहों से धमनियों में जमा होता है कचरा, जानिए मुख्य कारण
हार्ट ब्लॉकेज की समस्या के पीछे कई तरह के शारीरिक और व्यावहारिक कारण जिम्मेदार होते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर अत्यधिक बढ़ जाना इसका सबसे मुख्य कारण है, क्योंकि यही कोलेस्ट्रॉल नसों की दीवारों पर चिपकता है। इसके अलावा, लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) और मधुमेह (डायबिटीज) की बीमारी से पीड़ित रहने वाले लोगों में हार्ट ब्लॉकेज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। आधुनिक दौर में शारीरिक गतिविधियों की भारी कमी यानी दिनभर बैठे रहना, अत्यधिक मानसिक तनाव व वर्क प्रेशर लेना और लगातार धूम्रपान या नशा करना दिल की बीमारियों को सीधे तौर पर बुलावा देता है। अंततः, गलत खान-पान, जैसे अत्यधिक तैलीय, जंक फूड और प्रोसेस्ड खाने का सेवन करने से शरीर में मोटापा बढ़ता है, जो नसों में रुकावट पैदा करने का एक बड़ा और अहम कारण बनता है।
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