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High Protein Diet: क्या ज्यादा प्रोटीन बढ़ा सकता है यूरिक एसिड? एक्सपर्ट्स ने बताया सच

High Protein Diet

High Protein Diet:  आज के आधुनिक दौर में खुद को फिट रखने, वजन घटाने और बेहतर मस्कुलर बॉडी पाने के लिए हाई-प्रोटीन डाइट का चलन बेहद तेजी से बढ़ा है। जिम जाने वाले युवाओं से लेकर आम लोग भी मसल्स बनाने, शरीर को सुडौल रखने और वजन को नियंत्रित करने के लिए अपने दैनिक भोजन में प्रोटीन की मात्रा लगातार बढ़ा रहे हैं। इसके लिए लोग भारी मात्रा में अंडे, चिकन, मछली, तरह-तरह की दालें, डेयरी प्रोडक्ट्स और कई प्रकार के प्रोटीन सप्लीमेंट्स (वे प्रोटीन) का अंधाधुंध सेवन कर रहे हैं। हालांकि, इस फिटनेस क्रेज के समानांतर दूसरी ओर समाज में हाई यूरिक एसिड की समस्या भी बहुत तेजी से पैर पसार रही है। यूरिक एसिड बढ़ने के कारण लोगों को जोड़ों में गंभीर दर्द, उंगलियों में सूजन और आगे चलकर ‘गाउट’ यानी गठिया जैसी दर्दनाक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

क्या है यूरिक एसिड और शरीर पर इसका प्रभाव

यूरिक एसिड वास्तव में मानव शरीर में पाचन प्रक्रिया के दौरान बनने वाला एक प्राकृतिक टॉक्सिक यानी अपशिष्ट (विषाक्त) पदार्थ है। एक स्वस्थ शरीर में यह खून के माध्यम से बहते हुए किडनी (गुर्दे) तक पहुंचता है, जहां किडनी इसे फिल्टर करके यूरिन के रास्ते आसानी से शरीर से बाहर निकाल देती है। परंतु, जब किसी कारणवश शरीर में इसका स्तर सामान्य से अधिक बढ़ने लगता है या किडनी इसे पूरी तरह बाहर निकालने में असमर्थ हो जाती है, तो यह क्रिस्टल के रूप में टूटकर हमारे शरीर के जोड़ों में जमा होने लगता है। ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कई लोगों के मन में यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है? आइए गहराई से जानते हैं कि हाई-प्रोटीन डाइट और यूरिक एसिड के बीच क्या वैज्ञानिक संबंध है।

हाई-प्रोटीन डाइट और यूरिक एसिड के बीच का सीधा संबंध

चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, केवल ज्यादा मात्रा में प्रोटीन खाना ही यूरिक एसिड बढ़ने का एकमात्र कारण नहीं होता है। असल फर्क इस बात से पड़ता है कि आप प्रोटीन किस विशेष खाद्य स्रोत (सोर्स) से प्राप्त कर रहे हैं। दरअसल, कुछ प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों में ‘प्यूरिन’ (Purine) नामक एक प्राकृतिक तत्व की मात्रा बहुत अधिक पाई जाती है। जब हमारा शरीर इस प्यूरिन को पचाता है, तो इसके टूटने से ही यूरिक एसिड का निर्माण होता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक बिना डॉक्टरी सलाह के बहुत अधिक मात्रा में हाई-प्यूरिन वाली चीजों का लगातार सेवन करता है, तो उसके शरीर में यूरिक एसिड का स्तर तेजी से बढ़ जाता है।

सभी प्रोटीन सोर्स नहीं होते नुकसानदेह: जानें अंतर

यह समझना बेहद जरूरी है कि सभी प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ यूरिक एसिड के स्तर पर एक जैसा या नकारात्मक प्रभाव नहीं डालते हैं। जहां एक तरफ कुछ चीजें नुकसान पहुंचा सकती हैं, वहीं दूसरी तरफ अंडे, गाय का दूध, घर का बना ताजा दही और पौधों से मिलने वाले कई शाकाहारी प्रोटीन को आमतौर पर सेहत के लिए बहुत सुरक्षित और बेहतर विकल्प माना जाता है। इसलिए, यदि कोई व्यक्ति पहले से ही यूरिक एसिड या जोड़ों के दर्द की समस्या से जूझ रहा है, तो उसे अपनी डाइट में कोई भी बड़ा बदलाव करने या प्रोटीन सप्लीमेंट शुरू करने से पहले किसी अनुभवी डॉक्टर या सर्टिफाइड डाइटीशियन की सलाह अनिवार्य रूप से लेनी चाहिए। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित मात्रा में ही प्रोटीन का सेवन करना सबसे उत्तम है।

भूलकर भी न खाएं ये हाई-प्यूरिन प्रोटीन फूड्स

प्रसिद्ध मेडिकल संस्थान ‘मायो क्लिनिक’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों का यूरिक एसिड अक्सर बढ़ा रहता है, उन्हें कुछ विशेष प्रकार के हाई-प्यूरिन प्रोटीन फूड्स का सेवन बेहद सीमित मात्रा में करना चाहिए या संभव हो तो इनसे पूरी तरह परहेज करना चाहिए। इन नुकसानदेह खाद्य पदार्थों में मुख्य रूप से रेड मीट (बकरे या भैंस का मांस), ऑर्गन मीट (जैसे लीवर या किडनी), कुछ विशेष प्रकार की समुद्री मछलियां और अन्य सी-फूड्स शामिल हैं। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आप प्रोटीन लेना ही बंद कर दें, बल्कि आपको इनकी जगह लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स, अंडे की सफेदी और पेड़-पौधों से मिलने वाले सुरक्षित प्रोटीन को अपने आहार का हिस्सा बनाना चाहिए।

बढ़े हुए यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के आसान उपाय

शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को हमेशा नियंत्रण में रखने के लिए सबसे आसान और कारगर उपाय यह है कि आप दिनभर में पर्याप्त मात्रा में (कम से कम 3-4 लीटर) साफ पानी पिएं। पानी शरीर में मौजूद अतिरिक्त यूरिक एसिड को फ्लश आउट करने में किडनी की मदद करता है। इसके अलावा, रोजाना नियमित रूप से शारीरिक एक्टिविटी, योग या व्यायाम करें और अपने शरीर के वजन को संतुलित बनाए रखें। यूरिक एसिड के मरीजों को ज्यादा मीठी ड्रिंक्स, पैक्ड जूस, अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड और शराब (विशेषकर बीयर) के सेवन से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए। यदि आपको जोड़ों में अक्सर दर्द रहता है, तो समय-समय पर यूरिक एसिड की ब्लड जांच करवाएं और डॉक्टर के परामर्श का पालन करें।

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