Jeffrey Epstein Files : जब भी वैश्विक स्तर पर तकनीकी क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली और मार्गदर्शक दिग्गजों की बात की जाती है, तो माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक (Co-Founder) बिल गेट्स का नाम हमेशा सबसे अग्रिम पंक्ति में लिया जाता है। बिल गेट्स ने समाजसेवा, तकनीकी नवाचार और अपनी सकारात्मक पब्लिक इमेज (जन छवि) को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में दशकों की कड़ी मेहनत और बेशुमार समय लगाया है। हालांकि, हाल ही में कुख्यात और दोषी जेफरी एपस्टीन फाइल्स से जुड़े नए व चौंकाने वाले खुलासे सामने आने के बाद, उनकी यह बेहद सावधानी और करीने से तैयार की गई छवि अब गहरे विवादों के घेरे में आ गई है।
इन जारी किए गए दस्तावेजों में बिल गेट्स का नाम सबसे प्रमुखता से उभर कर सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स और विश्लेषकों का मानना है कि दिवंगत अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ उनके कथित पुराने जुड़ाव ने अब उनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जिसका सीधा असर माइक्रोसॉफ्ट के बड़े और हाई-प्रोफाइल आयोजनों में उनकी भागीदारी पर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।
दिग्गज आयोजनों और सीईओ समिट से किए गए साइडलाइन
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ द्वारा प्रकाशित एक विस्तृत और खोजी रिपोर्ट के अनुसार, इस साल बिल गेट्स को कई बड़े वैश्विक और कॉर्पोरेट कार्यक्रमों से पूरी तरह दूर या साइडलाइन कर दिया गया है। मध्य मई में आयोजित माइक्रोसॉफ्ट के सबसे प्रतिष्ठित सालाना ‘सीईओ समिट’ (CEO Summit) में भी उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि ऐतिहासिक रूप से इस खास आयोजन में बिल गेट्स हमेशा से एक बेहद अहम और केंद्रीय भूमिका निभाते आए थे।
इस समिट के शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले ही, मामले से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े अंदरूनी सूत्रों ने पब्लिकेशन को जानकारी दी कि गेट्स की निजी प्रबंधन टीम को प्रबंधन द्वारा स्पष्ट तौर पर यह सूचित कर दिया गया था कि इस बार बेहतर यही होगा कि गेट्स वाशिंगटन स्थित अपने आलीशान आवास पर दुनिया भर से आने वाले मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) के लिए पारंपरिक डिनर पार्टी की मेजबानी न करें, जो कि वे हर साल बेहद उत्साह के साथ करते आए हैं।
नई दिल्ली एआई समिट से भी अंतिम समय में हटना पड़ा
इस विवाद का व्यापक असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देखने को मिला है। इसी साल फरवरी के महीने में भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण ‘एआई समिट’ (Artificial Intelligence Summit) में बिल गेट्स का एक विशेष मुख्य भाषण तय किया गया था। हालांकि, आयोजन से ठीक पहले सरकारी अधिकारियों और नीति निर्माताओं को यह गंभीर चिंता सताने लगी कि जेफरी एपस्टीन मामले में होने वाले नए खुलासे और उससे जुड़े विवादों पर मीडिया का अत्यधिक ध्यान केंद्रित हो सकता है।
अधिकारियों को डर था कि इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे भविष्यवादी विषय पर होने वाले इस भव्य इवेंट का मुख्य फोकस पूरी तरह से दब जाएगा। इसी भू-राजनीतिक और रणनीतिक चिंता के चलते, बिल गेट्स कार्यक्रम शुरू होने के ऐन वक्त यानी आखिरी मिनट में इस समिट से पूरी तरह पीछे हट गए। हालांकि, बाद में विवाद को थामने के लिए दोनों ही पक्षों (गेट्स टीम और आयोजकों) ने इस फैसले को पूरी तरह से आपसी सहमति से लिया गया कदम बताया।
क्या है बिल गेट्स और जेफरी एपस्टीन का मुख्य विवाद?
बिल गेट्स के खिलाफ वैश्विक स्तर पर तीखी आलोचना और सार्वजनिक आक्रोश तब शुरू हुआ, जब अमेरिकी न्याय विभाग (Justice Department) की कुछ गोपनीय फाइलें और विवरण सामने आए। इन आधिकारिक दस्तावेजों से कथित तौर पर यह पुख्ता संकेत मिले कि बिल गेट्स ने जेफरी एपस्टीन के साथ कई मौकों पर व्यक्तिगत मुलाकातें की थीं। गौर करने वाली बात यह है कि ये मुलाकातें उस दौर में भी जारी रहीं, जब गेट्स की तत्कालीन पत्नी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने एपस्टीन के चरित्र को लेकर अपनी गंभीर चिंताएं और कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
इसके अलावा, लीक हुए इन बेहद संवेदनशील दस्तावेजों से यह भी सनसनीखेज खुलासा हुआ कि एपस्टीन को बिल गेट्स के कुछ पुराने विवाहेतर संबंधों (Extra Marital Relations) की बारीक जानकारी थी। इतना ही नहीं, दस्तावेजों से यह भी प्रमाणित हुआ कि गेट्स के दो सबसे भरोसेमंद और करीबी सलाहकारों ने साल 2019 तक एपस्टीन को सैकड़ों व्यक्तिगत संदेश (Messages) भी भेजे थे, जो उनके गहरे संबंधों को दर्शाते हैं।
गेट्स की सफाई और आगामी कांग्रेस कमेटी के सामने पेशी
इन गंभीर और चौंकाने वाले आरोपों पर अपनी सफाई देते हुए बिल गेट्स ने लगातार विभिन्न मंचों पर सार्वजनिक रूप से यह दोहराया है कि अतीत में जेफरी एपस्टीन से मुलाकात करना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी और विचारहीन भूल थी। इसके साथ ही, उन्होंने किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या गैर-कानूनी गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल होने के आरोपों से पूरी तरह से इनकार किया है।
बिल गेट्स के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने ‘द जर्नल’ को दिए अपने बयान में कहा कि गेट्स एपस्टीन से जुड़ी सभी गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक रूप से जारी करने का पूरी तरह समर्थन करते हैं और वे इस मामले में कांग्रेस के जांचकर्ताओं के साथ हर संभव सहयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, इन बयानों के बावजूद गेट्स को लेकर कानूनी और प्रशासनिक जांच अभी खत्म नहीं हुई है। जैसे-जैसे वे आने वाले जून के महीने में अमेरिकी कांग्रेस की एक शक्तिशाली कमेटी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने की तैयारी कर रहे हैं, एपस्टीन से जुड़ा यह गंभीर विवाद उनकी दशकों पुरानी छवि पर काले साए की तरह मंडरा रहा है।
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