Saudi-Yemen Border: यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हालिया घटनाओं ने सऊदी-यमन सीमा क्षेत्र के साथ-साथ यमन के मध्य हिस्सों में सुरक्षा स्थिति को और गंभीर बना दिया है। सऊदी सैन्य गठबंधन का कहना है कि हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र में गोलाबारी की, जबकि दूसरी ओर यमन के मारिब और हद्रामौत प्रांतों में सरकारी सेना के सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
नजरान में गोलाबारी, कई नागरिक घायल
सऊदी सैन्य गठबंधन के अनुसार, नजरान क्षेत्र में हुई गोलाबारी में कुल 11 नागरिक घायल हुए हैं। घायलों में चार वर्ष का एक बच्चा भी शामिल है, जो झुलस गया। इसके अलावा एक महिला सहित कई अन्य लोगों को भी चोटें आई हैं। अधिकारियों का कहना है कि घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं। इस घटना ने सीमा के पास रहने वाले लोगों में एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
चार देशों के नागरिक हमले की चपेट में आए
सऊदी सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मल्की ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि घायल होने वालों में सात सऊदी नागरिक शामिल हैं। इनमें एक महिला और चार वर्षीय बच्चा भी है। इसके अलावा दो मिस्र के नागरिक, एक यमन का नागरिक और एक पाकिस्तान का नागरिक भी घायल हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी घायलों का इलाज जारी है और घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।
सऊदी गठबंधन ने लगाए गंभीर आरोप
कर्नल तुर्की अल-मल्की ने आरोप लगाया कि हूती विद्रोहियों ने असैन्य इलाकों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाकर अंधाधुंध हमले किए। उनका कहना है कि नागरिक आबादी और सार्वजनिक संपत्तियों पर हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन है। सऊदी गठबंधन ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हैं और इससे आम लोगों की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है।
मारिब और हद्रामौत में सैन्य ठिकानों पर हमला
दूसरी ओर, यमन के मारिब और हद्रामौत प्रांतों में स्थित सरकारी सेना के सैन्य शिविरों पर भी बड़े हमले की खबर सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 30 सरकारी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक अन्य घायल हुए हैं। यह हमला नजरान में हुई गोलाबारी से कुछ घंटे पहले हुआ था। सुरक्षा एजेंसियां इन घटनाओं के बाद पूरे इलाके की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
हूती विद्रोहियों ने ली हमलों की जिम्मेदारी
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने इन सैन्य हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार की है। उनके अनुसार, मारिब और हद्रामौत में स्थित सैन्य ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों और विस्फोटक ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया। हालांकि स्वतंत्र स्रोतों से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके बावजूद यह स्पष्ट है कि हालिया घटनाओं ने क्षेत्र में संघर्ष को और तेज कर दिया है।
मध्य-पूर्व में बढ़ सकती है अस्थिरता
विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी-यमन सीमा पर बढ़ती हिंसा पूरे मध्य-पूर्व की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित कर सकती है। लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण क्षेत्र पहले ही मानवीय और आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। ऐसे में सीमा पार हमलों और सैन्य कार्रवाई के बढ़ने से तनाव और गहरा सकता है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संयम बरतने और हिंसा कम करने की अपील कर रहा है। आने वाले दिनों में इस संघर्ष की दिशा क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
Read more : National Handloom Day: पीएम मोदी बोले- स्वदेशी अपनाएं, बुनकरों को आत्मनिर्भर बनाना हमारा संकल्प

