India Pakistan : पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को खुली और भड़काऊ धमकी देते हुए कहा है कि अगर उनके देश की जल सुरक्षा पर कोई आंच आई, तो इस्लामाबाद सैन्य कार्रवाई करने से बिल्कुल भी पीछे नहीं हटेगा। एआरवाई (ARY) न्यूज़ को दिए गए एक हालिया इंटरव्यू में आसिफ ने आक्रामक लहजे में कहा कि “जिस पल हमें यह लगेगा कि पानी का संकट हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा बन चुका है और इसके लिए एक बड़ा खतरा है, हम भारत के खिलाफ सीधे तौर पर जंग छेड़ देंगे।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर उन्हें इस बात के पुख्ता प्रमाण मिलते हैं कि भारत खतरनाक स्पीड से पानी की सप्लाई में रुकावट डालने की दिशा में काम कर रहा है, तो युद्ध के विकल्प पर पूरी गंभीरता से विचार किया जाएगा।
सिंधु जल संधि का निलंबन और भारतीय मंत्री के बयान से बौखलाहट
पाकिस्तान की इस नई बौखलाहट का मुख्य कारण भारत के जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल का वह बयान माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि जून 2028 तक पाकिस्तान जाने वाले सिंधु नदी के पानी को पूरी तरह से रोका जा सकता है। ज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक जानलेवा आतंकी हमले (जिसमें 26 लोगों की जान गई थी) के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक तनाव अपने चरम पर पहुंच गया था।
इस हमले में पाकिस्तानी समर्थन की बात सामने आने के बाद, भारत ने सख्त कदम उठाते हुए 1960 की ऐतिहासिक ‘सिंधु जल संधि’ को निलंबित कर दिया था। भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को वित्तीय मदद देना बंद नहीं करता, तब तक यह फैसला लागू रहेगा। विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई इस संधि के तहत पाकिस्तान को सिंधु जल बेसिन का करीब 80 प्रतिशत पानी मिलता है, जो वहां की 80 फीसदी कृषि भूमि का मुख्य आधार है।
भारत पर पानी को हथियार बनाने और डेटा छिपाने का आरोप
अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए पाकिस्तानी रक्षा मंत्री आसिफ ने भारत पर पानी को एक रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि भारत चिनाब नदी के प्राकृतिक बहाव के साथ हेरफेर कर रहा है और जरूरी हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझा करने से रोक रहा है। आसिफ ने बताया कि अतीत में पाकिस्तानी टीमों ने इस संधि के तहत भारतीय परियोजनाओं के लगभग 115 फिजिकल इंस्पेक्शन (भौतिक निरीक्षण) किए थे। हालांकि, उन्होंने खुद स्वीकार किया कि पिछले एक साल में हुए नए डेवलपमेंट्स के बारे में उनके पास कोई ताज़ा जानकारी मौजूद नहीं है।
पाकिस्तान का आंतरिक जल संकट: सूबों के बीच हाहाकार
भारत को युद्ध की खोखली धमकियां देने वाला पाकिस्तान इस वक्त खुद अपने ही देश के भीतर पानी के लिए मचे त्राहिमाम से जूझ रहा है। देश की लगभग एक-तिहाई आबादी, विशेषकर सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों में, पानी की भारी किल्लत का सामना कर रही है। सिंध के सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नॉर्थ वेस्ट कैनाल में 64.1 प्रतिशत की कमी है, जबकि राइस और दादू कैनाल में यह कमी क्रमशः 38 और 82 प्रतिशत तक पहुंच गई है। स्थिति इतनी खराब है कि सिंध प्रांत के अधिकारियों ने अपने ही अपस्ट्रीम राज्य पंजाब पर अवैध रूप से 21 प्रतिशत अधिक (53,394 क्यूसेक) पानी निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। पानी का बहाव लगातार कम होने के कारण स्थानीय नेताओं ने ‘आर्थिक नरसंहार’ की चेतावनी दी है, और सूबों की सीमाओं पर जल बंटवारे को लेकर आपसी झगड़े गहराते जा रहे हैं।
Read More : Keir Starmer Resigns : ब्रिटेन में राजनीतिक भूचाल, कीर स्टार्मर के इस्तीफे से सत्ता गलियारों में बढ़ी हलचल
