West Bengal Budget : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात करते हुए, वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने आज राज्य विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अपना पहला बजट पेश किया। यह बजट न केवल आंकड़ों का एक दस्तावेज है, बल्कि ‘विकसित भारत और विकसित बंगाल’ के व्यापक लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक साहसिक कदम है। वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि नई सरकार राज्य की आर्थिक स्थिति को सुधारने और आम जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी भी पुरानी कल्याणकारी योजना को बंद करने के बजाय, उन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया गया है। सरकार ने राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है, जिसका मुख्य केंद्र प्रदेश के युवा, महिलाएं और सरकारी कर्मचारी हैं। इस बजट को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है, क्योंकि यह जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखता है।
युवाओं के लिए रोजगार के द्वार और ‘भरोसा स्कीम’ का शुभारंभ
राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए यह बजट उम्मीद की एक नई किरण बनकर आया है। सरकार ने घोषणा की है कि आने वाले समय में एक लाख नई सरकारी रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा, बेरोजगार युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से एक नई और महत्वाकांक्षी ‘भरोसा स्कीम’ की घोषणा की गई है। इस योजना के अंतर्गत पात्र युवाओं को प्रतिमाह 3,000 रुपये का भत्ता मिलेगा, जो उनके संघर्ष के दिनों में एक बड़ी राहत साबित होगा।
रोजगार के साथ-साथ युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने अगले दो वर्षों तक सभी सरकारी भर्तियों में अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की बड़ी छूट देने का भी निर्णय लिया है। यह निर्णय उन युवाओं के लिए संजीवनी का काम करेगा जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे।
महिला सशक्तिकरण: शिक्षा से लेकर रोजगार तक विशेष प्रावधान
महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। बजट में यह घोषणा की गई है कि एक लाख सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत का विशेष आरक्षण आरक्षित रहेगा। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य की कॉलेज जाने वाली सभी छात्राओं को 50,000 रुपये की बड़ी आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपनी उच्च शिक्षा बिना किसी आर्थिक बाधा के पूरी कर सकें। इसके अलावा, समाज की गरीब और बेसहारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही विधवा पेंशन योजना में 500 रुपये की मासिक बढ़ोतरी की गई है, जिससे हजारों परिवारों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले बड़ी सौगात
राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए वित्त मंत्री ने एक बड़ा तोहफा देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस वृद्धि के बाद कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता बढ़कर 38 प्रतिशत हो गया है, जो अक्टूबर 2026 से प्रभावी रूप से लागू होगा। यह कदम कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के साथ-साथ राज्य की कार्यक्षमता को भी बढ़ावा देगा। इसके साथ ही, सुरक्षा के मोर्चे पर दिन-रात तैनात रहने वाली सिविक पुलिस और ग्रीन पुलिस के मानदेय में भी 2,000 रुपये की मासिक वृद्धि की गई है, जो उनके कठिन परिश्रम के प्रति सरकार का सम्मान दर्शाता है।
अवसंरचना विकास और नए एयरपोर्ट का निर्माण
राज्य की कनेक्टिविटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए सरकार ने बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव रखा है। राजधानी कोलकाता के समीप कल्याणी में एक नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की गई है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य के अन्य हिस्सों में विकास को गति देने के लिए पुरुलिया, बालुरघाट और मालदा में आधुनिक एयरपोर्ट्स का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, कूचबिहार एयरपोर्ट को पूरी तरह से अपग्रेड और मजबूत करने की योजना है। रक्षा जरूरतों और सामरिक महत्व को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने हासीमारा एयर फोर्स स्टेशन को 25 एकड़ और कलाईकुंडा एयर फोर्स स्टेशन को 37 एकड़ जमीन देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी को नमन और सामाजिक सुरक्षा के कड़े नियम
बजट में सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी उचित स्थान दिया गया है। राज्य सरकार ने शराब के ठेकों के संबंध में एक कड़ा फैसला लेते हुए आदेश दिया है कि अब ये किसी भी मंदिर, स्कूल, कॉलेज या अस्पताल से कम से कम 1 किलोमीटर की दूरी पर ही खोले जा सकेंगे। वहीं, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को सम्मानित करते हुए, उनकी जयंती (6 जुलाई) को हर साल राज्य में राजकीय अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया गया है।
उनकी 150वीं जयंती को भव्यता से मनाने के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपये का विशेष फंड आवंटित किया है। इसके अलावा, सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए 5,000 रुपये और राजनीतिक कारणों से जेल में रहे बेगुनाह लोगों के लिए 10,000 रुपये प्रति माह की विशेष पेंशन योजना भी शुरू की जा रही है। अंत में, स्थानीय विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए विधायकों की निधि को 70 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 1 करोड़ रुपये करने का निर्णय लिया गया है, जिससे बुनियादी ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा।
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