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बारिश के मौसम में आंखों की सुरक्षा कैसे करें, जानि‍ए 10 टिप्स

बारिश के मौसम में आंखों की सुरक्षा कैसे करें, जानि‍ए 10 टिप्स

बारिश जहां मन को राहत देती है, वहीं यह मौसम आंखों से जुड़ी कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। इस दौरान नमी, गंदगी और बैक्टीरिया का प्रसार तेज हो जाता है, जिससे आंखों में इंफेक्शन होना आम बात है। आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स के अनुसार आंखों की कैसे करें खास देखभाल।

बारिश में गंदे पानी से बचाव है जरूरी

बारिश के समय सड़कों पर बहने वाला गंदा पानी बैक्टीरिया और वायरस से भरा होता है। यदि यह पानी अनजाने में आंखों में चला जाए, तो कंजंक्टिवाइटिस (आंख आना), आंखों में जलन या खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस मौसम में बच्चों और बाइक सवारों को विशेष सतर्क रहना चाहिए। अगर आंखों में गंदा पानी चला जाए, तो तुरंत साफ, ठंडे और उबले पानी से धोएं।

कंजंक्टिवाइटिस से रहें सतर्क

मानसून में सबसे सामान्य आंखों का संक्रमण कंजंक्टिवाइटिस होता है। यह एक संक्रामक रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे में तेजी से फैल सकता है। आंखें लाल होना, पानी आना, जलन और सूजन इसके मुख्य लक्षण हैं। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं, तौलिए या रुमाल शेयर न करें और अपनी आंखों को बार-बार छूने से बचें। डॉक्टर की सलाह लेकर उचित आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें।

हाथ धोना न भूलें-आंखों को छूने से पहले

बारिश में कीटाणुओं और वायरस का फैलाव अधिक होता है। दिन में कई बार बिना हाथ धोए आंखें छूना संक्रमण को न्योता देने जैसा है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर बार जब भी आप बाहर से घर आएं या किसी भी चीज को छूने के बाद आंखें छूनी हों, पहले हाथ साबुन से धोएं। सैनिटाइजर से हाथ साफ करना भी कारगर हो सकता है, पर आंखों से पहले साबुन-पानी बेहतर है।

कॉन्टैक्ट लेंस पहनते समय रखें सावधानी

बारिश में जो लोग कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग करते हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश की नमी, धूल और बैक्टीरिया लेंस के जरिए आंखों में आसानी से पहुंच सकते हैं। लेंस को समय पर निकालना, साफ करना और डॉक्टर द्वारा दिए गए सॉल्यूशन से ही धोना अनिवार्य है। अगर आंखों में थोड़ी भी जलन या लालिमा हो, तो लेंस तुरंत हटा दें और डॉक्टर से सलाह लें।

मेकअप और आंखों की सुरक्षा

मानसून में आंखों पर मेकअप करते समय वाटरप्रूफ प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। बारिश में बहता मेकअप आंखों में जाकर संक्रमण फैला सकता है। अगर आप ऑफिस या बाहर जा रही हैं तो आंखों पर हल्का आईलाइनर और मस्कारा लगाएं। आंखों में किसी भी हालत में नुकीले ब्रश या काजल पेंसिल का ज्यादा प्रयोग न करें। रात में सोने से पहले पूरा मेकअप अच्छी तरह साफ कर लें।

आंखों की सफाई के लिए घरेलू उपाय

बारिश में आंखों को आराम देने के लिए कुछ घरेलू उपाय भी कारगर हो सकते हैं। रुई को गुलाबजल में भिगोकर आंखों पर रखना सूजन और जलन को कम कर सकता है। इसके अलावा खीरे के पतले स्लाइस भी आंखों पर रखे जा सकते हैं। ये ठंडक पहुंचाते हैं और तनाव भी कम करते हैं। ध्यान रखें कि घरेलू उपाय केवल हल्की जलन या थकान में करें, अगर स्थिति गंभीर हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

समय पर डॉक्टर से परामर्श लें

अगर आंखों में लंबे समय तक जलन, सूजन, लालिमा या धुंधला दिखाई देना जैसे लक्षण बने रहें, तो देर न करें। मानसून में इंफेक्शन तेजी से फैलता है और इसका असर आंखों की दृष्टि पर भी हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक बार आंखों की जांच जरूर कराएं, विशेषकर अगर पहले से ही चश्मा या लेंस पहनते हैं। ऑवर-द-काउंटर दवाओं से बचें और डॉक्टर द्वारा बताए गए आई ड्रॉप का ही उपयोग करें।

धूप के चश्मे का करें इस्तेमाल

मानसून के दौरान भी यूवी किरणों से आंखों को नुकसान पहुंच सकता है, खासकर जब बारिश के बाद अचानक तेज धूप निकलती है। ऐसे में आंखों को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने के लिए धूप का चश्मा पहनना एक सरल लेकिन प्रभावी उपाय है। इसके अलावा, धूल और बारिश के छींटों से भी यह चश्मा सुरक्षा देता है। खासकर दोपहिया वाहन चलाते समय धूप का चश्मा या हेलमेट का कवर आंखों को बचाव प्रदान करता है। आंखों को बार-बार रगड़ने की आदत भी कम होती है। बाजार में मिलने वाले UV प्रोटेक्शन वाले चश्मों का ही चयन करें। यह स्टाइल और सुरक्षा दोनों का संतुलन प्रदान करता है। मानसून में यह एक जरूरी एसेसरी बन जाती है जो आंखों को संक्रमण से भी बचा सकती है।

आई मेकअप ब्रश और सामान को साफ रखें

बरसात के मौसम में नमी के कारण मेकअप ब्रश, काजल पेंसिल और आईशैडो जैसे उत्पादों में बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं। खासकर जब ये आंखों के आसपास इस्तेमाल होते हैं, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से अपने मेकअप ब्रश को माइल्ड शैंपू या क्लीनर से धोकर सुखाएं। कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति के मेकअप प्रोडक्ट का उपयोग न करें, खासकर काजल या मस्कारा। अगर किसी को कंजंक्टिवाइटिस है, तो उसके द्वारा इस्तेमाल किए गए आई प्रोडक्ट से आंखों में संक्रमण तुरंत फैल सकता है। बारिश के मौसम में मेकअप कम करना और आंखों को समय-समय पर ठंडे पानी से धोना फायदेमंद रहता है।

अधिक स्क्रीन टाइम से करें परहेज

मानसून में अधिकतर लोग बाहर कम निकलते हैं और मोबाइल, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताते हैं। यह आदत आंखों में थकान, जलन और ड्रायनेस को बढ़ा सकती है। खासकर अगर वेंटिलेशन कम हो और कमरे में पर्याप्त रोशनी न हो, तो यह और भी नुकसानदायक हो सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर 20 मिनट बाद आंखों को स्क्रीन से हटाकर 20 सेकंड के लिए किसी दूर की चीज को देखना चाहिए (20-20-20 नियम)। इसके अलावा, ब्लू लाइट से बचने के लिए स्क्रीन फिल्टर या ब्लू लाइट कट चश्मे का इस्तेमाल भी करें। स्क्रीन टाइम कम रखने से आंखों को आराम मिलता है और मानसून में संक्रमण का खतरा भी कम हो सकता है।

यह भी पढ़ें-Monsoon vegetables safety: मानसून में इन सब्जियों को खाने से बचें, जानिए सही विकल्प

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