बच्चों को बदलते मौसम, धूल-मिट्टी, एलर्जी या हल्के संक्रमण के कारण अक्सर खांसी हो जाती है। बार-बार खांसी बच्चों को कमजोर बना सकती है और उनकी नींद, भूख और पढ़ाई पर असर डालती है। दवाइयों पर निर्भर रहने की बजाय कई सरल घरेलू उपाय हैं, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के बच्चों को राहत दिला सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ कारगर और प्राकृतिक उपाय।
शहद और अदरक का चमत्कारी मिश्रण
शहद में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो गले की खराश को शांत करते हैं। वहीं, अदरक कफ को कम करने में मदद करता है।
उपयोग विधि: एक चम्मच शहद में कुछ बूंदें अदरक का रस मिलाकर बच्चे को दिन में 2-3 बार दें।
(ध्यान दें: 1 वर्ष से छोटे बच्चों को शहद न दें।)
तुलसी और काली मिर्च की जादुई चाय
तुलसी की पत्तियां प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर होती हैं और कफ कम करने में मदद करती हैं। कुछ तुलसी की पत्तियों को पानी में उबालें, उसमें चुटकीभर काली मिर्च और थोड़ा सा गुड़ मिलाएं। गुनगुना करके दिन में एक-दो बार बच्चों को पिलाएं।
भाप लेना: तुरंत आराम का तरीका
भाप (स्टीम) गले और नाक में जमा कफ को ढीला करता है और सांस लेने में आसानी करता है। गर्म पानी की भाप बच्चों को सुरक्षित दूरी से दिलवाएं। चाहें तो पानी में थोड़ा सा यूकेलिप्टस ऑयल भी मिला सकते हैं। छोटे बच्चों के लिए बाथरूम में गर्म पानी छोड़कर वहां बैठाना भी फायदेमंद है।
हल्दी वाला दूध: पुरानी लेकिन कारगर दवा
हल्दी में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। रात में सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर बच्चों को पिलाएं। इससे गले की खराश और सूजन कम होती है।
सरसों के तेल से छाती की मालिश
सरसों का तेल गर्म तासीर वाला होता है, जो बलगम ढीला करता है और खांसी में राहत देता है। सरसों के तेल को थोड़ा गर्म करें, उसमें लहसुन की कुछ कलियां डालकर पकाएं। ठंडा होने पर बच्चों की छाती, पीठ और तलवों पर हल्की मालिश करें। इससे बच्चों को राहत मिलेगी।

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