Hormuz Strait Crisis : पश्चिम एशिया में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के भीषण हमलों ने दुनिया के सामने एक गंभीर ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है। इस तनाव का सबसे घातक परिणाम ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) का बंद होना है। भौगोलिक दृष्टि से यह संकरा समुद्री मार्ग वैश्विक तेल व्यापार की जीवन रेखा माना जाता है, जहाँ से दुनिया के कुल कच्चे तेल के ट्रांजिट का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग के बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में उछाल और आपूर्ति श्रृंखला टूटने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे निपटने के लिए अब वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
Hormuz Strait Crisis : ब्रिटेन की पहल: 35 देशों की महत्वपूर्ण बहुपक्षीय वार्ता
होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को पटरी पर लाने के लिए ब्रिटेन ने एक बड़ी पहल की है। इसी सिलसिले में 35 प्रमुख देशों की एक आपातकालीन बैठक आयोजित की जा रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को आधिकारिक जानकारी दी कि भारत को भी इस महत्वपूर्ण चर्चा में शामिल होने का विशेष निमंत्रण प्राप्त हुआ है। भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री इस बैठक में वर्चुअल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य एक साझा रणनीति बनाना है ताकि ऊर्जा संकट को कम किया जा सके और समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाया जा सके।
Hormuz Strait Crisis : युद्धग्रस्त क्षेत्रों में 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा का सवाल
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जब युद्धग्रस्त देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सवाल पूछा गया, तो प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक महत्वपूर्ण आंकड़ा साझा किया। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया के इन अशांत क्षेत्रों में लगभग 1 करोड़ भारतीय नागरिक रहते हैं। सरकार के लिए उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है और फिलहाल वे सभी सुरक्षित स्थानों पर हैं। भारतीय दूतावास और उच्चायोग लगातार इन नागरिकों के संपर्क में हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
संघर्ष के बीच 8 भारतीयों की मौत और एक लापता
हालाँकि, कूटनीतिक प्रयासों के बीच एक दुखद खबर भी सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने बेहद खेद के साथ पुष्टि की है कि इस भीषण युद्ध की चपेट में आने से अब तक 8 भारतीय नागरिकों की मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा, एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता बताया जा रहा है जिसकी तलाश के प्रयास जारी हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हताहत हुए लोगों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
होर्मुज में जहाजों पर ‘अतिरिक्त शुल्क’ की खबरों का खंडन
विदेश मंत्रालय ने उन अटकलों पर भी विराम लगा दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय जहाजों पर कोई विशेष या अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार की ईरान के साथ इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई है और न ही किसी प्रकार का नया टैक्स लगाया गया है। सरकार ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की हर गतिविधि पर सूक्ष्म नजर बनाए हुए है ताकि भारतीय व्यापारिक हितों को कोई नुकसान न पहुँचे।
भारत की सतर्क और रणनीतिक भूमिका
वर्तमान परिस्थितियों में भारत एक संतुलित और सतर्क भूमिका निभा रहा है। एक तरफ जहाँ वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति और ऊर्जा सुरक्षा की वकालत कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह अपने लाखों प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कूटनीतिक चैनल का उपयोग कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना केवल भारत ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है। अब सबकी नजरें इस 35 देशों की बैठक के परिणामों पर टिकी हैं कि क्या पुतिन और ब्रिटेन जैसे देशों की पहल इस युद्ध की आग को शांत कर पाएगी।
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