गर्मियों के मौसम में जब तापमान 40 डिग्री से ऊपर चला जाता है, तो घर के बड़े-बुज़ुर्ग तो पसीने से तर-बतर हो जाते हैं, और छोटे बच्चों की हालत तो और भी नाज़ुक हो जाती है। ऐसे में सवाल उठता है-क्या छोटे बच्चों को एसी (AC) में सुलाना सही है? क्या यह उनकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है या फिर गर्मी से राहत के लिए एसी जरूरी है?
आज हम जानेंगे कि एसी का बच्चों पर क्या असर होता है, कौन-से सावधानियां बरतनी चाहिए और एसी का सही इस्तेमाल कैसे किया जाए।
छोटे बच्चों की बॉडी थर्मोरेग्युलेशन कैसा होता है?
नवजात शिशु और छोटे बच्चों की त्वचा पतली होती है और उनके शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती। ज्यादा गर्मी या ठंडी दोनों ही उन्हें जल्दी प्रभावित करती है। इसलिए उन्हें ऐसी जगह सुलाना चाहिए जहां तापमान स्थिर और संतुलित हो।
क्या एसी बच्चों के लिए नुकसानदेह है?
एसी खुद में नुकसानदेह नहीं है, लेकिन उसका गलत इस्तेमाल बच्चों को बीमार कर सकता है। यदि तापमान बहुत कम रखा जाए या एसी की हवा सीधे बच्चे पर पड़े, तो सर्दी, जुकाम या सूखी त्वचा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बच्चों के लिए एसी का आदर्श तापमान कितना होना चाहिए?
बच्चों के लिए एसी का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना सबसे उपयुक्त होता है। इससे कमरे में ठंडक भी बनी रहती है और बच्चा आराम से सो सकता है। ध्यान रखें, एसी का डायरेक्ट एयरफ्लो बच्चे की तरफ ना हो।
एसी में बच्चों को कैसे सुरक्षित रखें?
बच्चों को हल्के कॉटन के कपड़े पहनाएं। कानों और पैरों को ढंकने के लिए हल्की टोपी या सॉक्स पहनाएं। ह्यूमिडिटी बनाए रखने के लिए कमरे में एक पानी से भरा बर्तन या ह्यूमिडिफायर रखें और र 2-3 घंटे में कमरे को थोड़ी देर के लिए वेंटिलेट करें।
डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?
बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि यदि एसी का तापमान नियंत्रित रखा जाए और हाइजीन का ध्यान रखा जाए, तो एसी में बच्चों को सुलाना सुरक्षित है। एसी का सही इस्तेमाल बच्चे की नींद को बेहतर बना सकता है, जिससे उनकी ग्रोथ भी सही होती है।
