रक्तदान एक पुण्य कार्य है, जो किसी जरूरतमंद की जान बचा सकता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह भ्रम होता है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आ जाती है। आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि इस धारणा में कितनी सच्चाई है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसका क्या उत्तर है।
रक्तदान के बाद शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?
रक्तदान के दौरान शरीर से लगभग 350 से 450 मि.ली. रक्त निकाला जाता है, जो शरीर की कुल रक्त मात्रा का लगभग 7-10% होता है। यह मात्रा शरीर खुद ही कुछ ही दिनों में फिर से बना लेता है। रक्तदान के तुरंत बाद थोड़ी देर आराम की जरूरत होती है, लेकिन यह कोई स्थायी कमजोरी नहीं होती।
क्या रक्तदान से कमजोरी आती है?
स्वस्थ व्यक्ति के लिए रक्तदान बिल्कुल सुरक्षित होता है। यदि डोनर संतुलित आहार लेता है और पर्याप्त पानी पीता है, तो कमजोरी महसूस होने की संभावना नहीं के बराबर होती है। रक्तदान से पहले डॉक्टर द्वारा स्वास्थ्य की जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि व्यक्ति रक्तदान के योग्य है या नहीं।
रक्तदान के लाभ क्या हैं?
यह शरीर में नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा देता है। दिल से संबंधित बीमारियों की संभावना कम होती है। वजन संतुलन में मदद करता है। मानसिक संतुष्टि मिलती है कि आप किसी की जान बचा रहे हैं।
किन लोगों को रक्तदान नहीं करना चाहिए?
कैंसर, हृदय रोग, किडनी फेल्योर, लिवर सिरोसिस, मिर्गी आदि रोगों से पीड़ित लोगों को रक्तदान से बचना चाहिए। जिन लोगों को HIV/AIDS, हेपेटाइटिस B या C, सिफलिस जैसे संक्रामक रोग हैं, उन्हें रक्तदान नहीं करना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान या डिलीवरी के कुछ महीनों तक रक्तदान करने से महिला की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। यदि आपने हाल ही में कोई ऑपरेशन कराया है या आप किसी संक्रमण/बुखार/एनीमिया से पीड़ित हैं, तो रक्तदान करना सुरक्षित नहीं है। जिनका वजन 50 किलोग्राम से कम है, उन्हें रक्तदान करने की अनुमति नहीं दी जाती।
रक्तदान के लिए आयु सीमा 18 से 65 वर्ष के बीच होती है। यदि आपने पिछले 3 महीने में (पुरुष) या 4 महीने में (महिला) रक्तदान किया है, तो दोबारा रक्तदान से पहले शरीर को पुनः रिकवर होने का समय दें। यदि आप किसी एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड दवा पर हैं, तो पहले डॉक्टर से परामर्श लें। अगर किसी को संदेह हो कि वह रक्तदान कर सकता है या नहीं, तो उसे नजदीकी ब्लड बैंक या डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। रक्तदान जरूरी है, लेकिन उससे पहले अपनी और दूसरों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।
रक्तदान के बाद क्या सावधानियां रखें?
रक्तदान के तुरंत बाद उठने या तेजी से चलने से चक्कर आ सकते हैं। इसलिए 20–30 मिनट तक आराम करना जरूरी है। अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पीना चाहिए। नारियल पानी, फलों का रस, नींबू पानी शरीर को हाइड्रेट रखता है और रक्त निर्माण में मदद करता है। आयरन और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे-पालक, अनार, गुड़, दालें, अंडा, दूध, फल आदि का सेवन करें। कम से कम 24 घंटे तक भारी व्यायाम, दौड़ या भारी सामान उठाने से बचें।
रक्तदान के कम से कम 24 घंटे बाद तक धूम्रपान या शराब का सेवन न करें। डोनेशन वाले हाथ का विशेष ध्यान रखें। अगर सूजन, दर्द या अधिक खून बहने लगे तो चिकित्सक से संपर्क करें। अगर चक्कर आए या कमजोरी लगे तो तुरंत लेट जाएं, पैरों को ऊपर उठाएं और किसी को सहायता के लिए बुलाएं। रक्तदान करने से पहले कम से कम 3 महीने का अंतर रखें। यह शरीर को पूर्णतः रिकवर होने का समय देता है।
