PM Modi on West Asia Crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में आयोजित रिपब्लिक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत की बदलती छवि को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत क्षणिक घटनाओं से प्रभावित होकर उतावला होने वाला देश नहीं है। भारत ने इतिहास में विकास और विनाश दोनों को देखा है, जिसके कारण देश के भीतर एक ‘युगों की मेमोरी चिप’ की तरह अनुभव निहित है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि आज भारत जो भी कदम उठा रहा है, वह आगामी 1,000 वर्षों के भविष्य की नींव रख रहा है। यही विश्व के लिए भारत की सबसे बड़ी गारंटी है कि वह एक विश्वसनीय और भरोसेमंद वैश्विक शक्ति बनकर उभरा है।
‘राष्ट्र सर्वोपरि’ का मंत्र और वैश्विक साख
प्रधानमंत्री ने जी7 शिखर सम्मेलन के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विश्व के तमाम नेता अब ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ (Nation First) के सिद्धांत को भारत की पहचान मानते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में लिए गए हर निर्णय के केंद्र में राष्ट्र प्रथम की भावना रही है। स्वच्छ भारत अभियान से लेकर ‘मेक इन इंडिया’ और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने तक, इन सभी की सफलता का श्रेय देश की जनता को जाता है, जिसने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। यह नीतिगत बदलाव अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती साख का मुख्य आधार है।
माओवाद का खात्मा और आकांक्षी जिलों का उदय
सरकारी नीतियों की सफलता का सबसे बड़ा उदाहरण आदिवासी क्षेत्रों का कायाकल्प है। दशकों तक ये क्षेत्र माओवादी आतंकवाद और हिंसा की आग में झुलस रहे थे। पीएम ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2004 से 2014 के बीच 17,000 से अधिक हिंसक घटनाएं हुई थीं। आज इन क्षेत्रों से माओवाद का पूर्णतः उन्मूलन हो चुका है। सरकार ने इन पिछड़े क्षेत्रों को ‘आकांक्षी जिले और ब्लॉक’ का नाम देकर वहां विकास की नई किरण पहुंचाई है। आज वहां 9,500 से अधिक मोबाइल टावर, 45,000 गांवों में कनेक्टिविटी और 6,000 से अधिक नए पोस्ट ऑफिस के माध्यम से शासन आम नागरिक तक पहुँच चुका है।
कनेक्टिविटी का विस्तार: मेट्रो से लेकर वंदे भारत तक
देश की बदलती तस्वीर को आधारभूत संरचना के विकास से समझा जा सकता है। वर्ष 2014 में जहां मेट्रो से प्रतिदिन केवल 28 लाख लोग सफर करते थे, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 1.28 करोड़ तक पहुंच गई है। नमो भारत, वंदे भारत और अमृत भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेनों ने देश को आपस में जोड़ा है। साथ ही, पिछले कुछ वर्षों में हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी होने से आम आदमी का हवाई यात्रा का सपना साकार हुआ है। यह बुनियादी ढांचे का विस्तार भारत की बदलती कार्यक्षमता का प्रमाण है।
मध्यम वर्ग को राहत और गरीबी से मुक्ति
पीएम मोदी ने मध्यम वर्ग के जीवन को सुगम बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि 2014 में होम लोन की दरें डबल डिजिट में हुआ करती थीं, जबकि आज यह 7-8 प्रतिशत के दायरे में उपलब्ध है, जो अब घर बैठे आसानी से मिल जाता है। पिछले कुछ वर्षों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि अवसरों के विस्तार की एक प्रेरणादायक गाथा है। सरकार ने निराशा के दौर को आशा की नई ऊर्जा में परिवर्तित किया है।
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