Headline
Jantar Mantar Terror Plot
Jantar Mantar Terror Plot: जंतर-मंतर आतंकी हमले की साजिश नाकाम, ISI मॉड्यूल का खुलासा, 9 आरोपी गिरफ्तार
RBI Repo Rate Update
RBI Repo Rate Update: RBI ने Repo Rate 5.25% पर रखा स्थिर, लोन EMI में राहत नहीं
Article 370
Article 370: आर्टिकल 370 हटाने से पहले का सीक्रेट मिशन, इन 7 चेहरों ने निभाई अहम भूमिका
Food Cravings
Food Cravings: चॉकलेट और मीठा खाने का मन क्यों करता है? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
Shravan Amavasya 2026
Shravan Amavasya 2026: सावन अमावस्या कब है? जानें तिथि, मुहूर्त और पूजा के नियम
Mangal Milan Meeting
BJP Mangal Milan Meeting: मांडविया ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां, UPA पर साधा निशाना
Amit Shah Big Statement
Amit Shah Big Statement: 7 साल में 36 देशों से लौटे 275 भगोड़े अपराधी, शाह ने गिनाईं उपलब्धियां
Lok Sabha
Lok Sabha: ध्वनिमत से पास हुआ विनियोग विधेयक 2026, विपक्ष ने चर्चा का किया बहिष्कार
Bypoll Results
Bypoll Results : उपचुनाव नतीजों पर BJP में मंथन, नितिन नवीन बोले- नई ऊर्जा और संकल्प के साथ जनता के बीच जाएंगे

Who is Kalyan Banerjee : कौन हैं कल्याण बनर्जी, जिन्होंने TMC में बढ़ाई हलचल?

Who is Kalyan Banerjee

Who is Kalyan Banerjee : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हाथों मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर का अंदरूनी कलह अब खुलकर सड़कों पर आ गया है। राज्य में पिछले 15 वर्षों तक एकछत्र शासन करने वाली टीएमसी इस समय इतिहास के सबसे बड़े बिखराव और अंदरूनी विद्रोह के दौर से गुजर रही है। पार्टी के विधायकों के बाद अब वरिष्ठ सांसदों ने भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब काकोली घोष दस्तीदार और सयोनी घोष जैसी ममता बनर्जी की बेहद करीबी नेत्रियों के भी पार्टी का साथ छोड़ने की खबरें तेजी से सामने आने लगीं।

कल्याण बनर्जी का खुला विद्रोह

तृणमूल कांग्रेस में आए इस भयानक राजनीतिक भूचाल को संभालने में जुटीं पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को सबसे बड़ा झटका उनके सबसे वफादार माने जाने वाले सांसद कल्याण बनर्जी ने दिया है। कल्याण बनर्जी ने बगावती सुर अख्तियार करते हुए सीधे ममता बनर्जी को एक कड़ा अल्टीमेटम थमा दिया है। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा है कि ममता बनर्जी को अब उनके और अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी में से किसी एक को चुनना होगा। उन्होंने साफ कर दिया कि अब वह और अभिषेक बनर्जी एक साथ एक ही दल में नहीं रह सकते। इस दोटूक बयान ने संकटों से घिरीं ममता बनर्जी की राजनीतिक मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।

कौन हैं कल्याण बनर्जी?

कल्याण बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के एक बेहद सीनियर राजनेता और देश के जाने-माने कानूनविद् हैं। 4 जनवरी, 1957 को जन्मे बनर्जी सुप्रीम कोर्ट और कलकत्ता हाई कोर्ट में एक वरिष्ठ अधिवक्ता (सीनियर एडवोकेट) के रूप में अपनी धाक रखते हैं। वह लगातार चार बार लोकसभा का चुनाव जीतकर देश की संसद पहुंचे हैं। उन्होंने साल 2009, 2014, 2019 और 2024 के आम चुनावों में श्रीरामपुर संसदीय सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में लगातार शानदार जीत दर्ज की है।

शानदार शैक्षणिक पृष्ठभूमि और वकालत का सफर

कल्याण बनर्जी की शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने वाणिज्य में स्नातक (B.Com) और कानून की डिग्री (LL.B) हासिल की है। वह 1981 से कलकत्ता हाई कोर्ट में लगातार वकालत की प्रैक्टिस कर रहे हैं और लंबे समय तक अदालतों में टीएमसी के मुख्य संकटमोचक रहे हैं। उन्होंने पार्टी और सरकार के लिए कई हाई-प्रोफाइल केस लड़े हैं, जिनमें चर्चित रिजवानुर रहमान मामला, नंदीग्राम हिंसा से जुड़े केस, छोटा अंगारिया मामला, भिखारी पासवान केस, सिंगूर में धारा-144 लागू करने का विवाद और राज्य के विभिन्न भूमि अधिग्रहण से जुड़े महत्वपूर्ण मामले शामिल हैं।

चुनावी नतीजों के बाद बढ़े हमले

पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद भड़की राजनीतिक हिंसा की चपेट में टीएमसी के बड़े नेता भी आ गए। बीते 30 मई 2026 को दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर उग्र भीड़ ने हमला किया था। इसके ठीक अगले दिन, 31 मई 2026 को हुगली जिले के चंडीतला इलाके में उनके अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में कल्याण बनर्जी पर भी जानलेवा हमला कर दिया गया। इस हिंसक हमले में कल्याण बनर्जी के सिर पर गंभीर चोटें आईं और मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मी व पुलिसवाले भी बुरी तरह घायल हो गए थे।

बगावत के पीछे की असली इनसाइड स्टोरी

आखिरकार ममता बनर्जी के इस सबसे मजबूत कानूनी और राजनीतिक स्तंभ ने अचानक विद्रोह क्यों किया? इस इनसाइड स्टोरी का खुलासा खुद कल्याण बनर्जी के दर्द से होता है। दरअसल, वह अदालत में अभिषेक बनर्जी से जुड़े एक बेहद संवेदनशील तलाशी और समन के कानूनी मामले की पैरवी कर रहे थे। उन्होंने कोर्ट में घंटों खड़े रहकर केस की पूरी तैयारी की थी। लेकिन आधी रात को उन्हें एक फोन कॉल के जरिए सूचित किया गया कि उन्हें इस केस से हटाकर किसी दूसरे वकील को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। खुद को इस तरह अपमानित किए जाने के बाद ही कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ सीधे तौर पर आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया।

Read More  :  MTech Scholarship : एमटेक छात्रों को हर महीने मिलेंगे 12,400 रुपये, जानिए कैसे उठाएं इसका लाभ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
घर की सूनी दीवार को बनाएं हराभरा ग्रीन साड़ी में रॉयल और ट्रेंडी दिखने के लिए अपनाएं ये तरीके पिंपल्स वाली स्किन के लिए मेकअप के आसान टिप्स पहले सावन सोमवार की पूजा ऐसे करें सफल कहां से आया फ्रेंडशिप डे का विचार?