DK Shivakumar CM : कर्नाटक के सियासी हलके से इस वक्त की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। बेंगलुरु में आयोजित कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बेहद अहम बैठक में वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार को सर्वसम्मति से नया नेता चुन लिया गया है। इसके साथ ही पिछले कई दिनों से चल रही राजनीतिक अनिश्चितता समाप्त हो गई है और डीके शिवकुमार के कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। दिलचस्प बात यह रही कि खुद पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बैठक में शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे वहां मौजूद सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने एक सुर में स्वीकार कर लिया।
केंद्रीय आलाकमान की मौजूदगी में पूरी हुई चुनावी औपचारिकता
कांग्रेस विधायक दल की यह ऐतिहासिक बैठक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल और पार्टी के कर्नाटक मामलों के प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला की सीधी देखरेख और गरिमामयी मौजूदगी में संपन्न हुई। दिल्ली से विशेष निर्देश लेकर ये दोनों शीर्ष नेता शनिवार सुबह ही बेंगलुरु पहुंचे थे। विधायक दल की मुख्य बैठक शुरू होने से ठीक पहले, डीके शिवकुमार ने शहर के एक प्रतिष्ठित होटल में वेणुगोपाल और सुरजेवाला से मुलाकात कर सरकार गठन की रूपरेखा पर गहन चर्चा की थी। इस बैठक से ठीक पहले सिद्धारमैया ने सीएलपी लीडर के पद से अपना औपचारिक इस्तीफा सौंप दिया था।
3 जून को लोकभवन के ग्लास हाउस में होगा शपथ ग्रहण समारोह
ताजा जानकारी के मुताबिक, डीके शिवकुमार आगामी बुधवार, 3 जून को दोपहर बाद ठीक 4 बजकर 5 मिनट पर कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। प्रशासन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यह शपथ ग्रहण समारोह लोकभवन के भीतर स्थित ग्लास हाउस में एक गरिमापूर्ण और सादे समारोह के रूप में आयोजित किया जाएगा। इससे पहले राजनीतिक हलकों में विधानसभा के मुख्य द्वारों की भव्य सीढ़ियों (ग्रांड स्टेप्स) पर शपथ ग्रहण कराने की व्यापक चर्चा चल रही थी, लेकिन शहर में संभावित भारी भीड़ और यातायात (ट्रैफिक) की गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों के सुझाव पर अब लोकभवन के अंदर ही कार्यक्रम आयोजित करने का अंतिम निर्णय लिया गया है।
राज्यपाल ने स्वीकार किया था सिद्धारमैया का इस्तीफा और भंग की थी कैबिनेट
इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की पृष्ठभूमि पर गौर करें तो राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शुक्रवार को ही निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया था। इसके साथ ही उन्होंने पिछली मंत्रिपरिषद को भी तत्काल प्रभाव से भंग करने की अधिसूचना जारी कर दी थी। शनिवार को दिन के वक्त डीके शिवकुमार ने खुद लोकभवन जाकर राज्यपाल थावरचंद गहलोत से शिष्टाचार मुलाकात की थी। अब विधायक दल का आधिकारिक नेता चुने जाने के बाद, वह एक बार फिर राजभवन जाएंगे और राज्यपाल के समक्ष विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपकर राज्य में नई कांग्रेस सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश करेंगे।
आलाकमान के सुझाव पर सिद्धारमैया ने छोड़ा पद, दिल्ली में बनी थी सहमति
आपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बीते 28 मई को कर्नाटक के सीएम पद से अपना त्यागपत्र दे दिया था। अपना इस्तीफा सौंपने के बाद मीडिया से बात करते हुए सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया था कि उनका यह फैसला किसी दबाव में नहीं, बल्कि पूरी तरह से उनकी अपनी मर्जी और कांग्रेस आलाकमान के साथ बने आपसी ‘पावर शेयरिंग’ सुझाव पर आधारित था। इस बड़े फेरबदल की पटकथा कुछ दिनों पहले ही दिल्ली में लिख दी गई थी, जब शिवकुमार ने नई दिल्ली का दौरा कर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मैराथन मुलाकातें की थीं।
Read More : Delhi Police Special Cell : दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा, ISI-अंडरवर्ल्ड मॉड्यूल के 9 आतंकी गिरफ्तार
