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CBSE Portal Cyber Attack : सीबीएसई चेयरमैन और सचिव हटाए गए, ऑन स्क्रीन मार्किंग टेंडर की जांच शुरू

CBSE Portal Cyber Attack

CBSE Portal Cyber Attack : केंद्र सरकार ने ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के तूल पकड़ने के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया है। इसके साथ ही सरकार ने OSM सर्विस के टेंडर और खरीद प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी का गठन भी कर दिया है। गौरतलब है कि 13 मई को जारी हुए 12वीं के नतीजों में पहली बार कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन (OSM प्रणाली) पर जांची गई थीं, जिसके बाद नंबरों को लेकर देश भर में भारी शिकायतें सामने आने लगी थीं।

संसदीय समिति के सामने पहली बार पेश हुआ कोई छात्र

OSM प्रणाली में तकनीकी खामियों और भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत मंगलवार को दोपहर एक बजे संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुए। संसदीय इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी परीक्षा से जुड़े मामले में किसी छात्र को उसकी बात रखने और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। सार्थक ने समिति के समक्ष डिजिटल मूल्यांकन की विफलता को लेकर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।

सार्थक ने तकनीकी विश्लेषण कर निकालीं 15 बड़ी खामियां

रांची के 17 वर्षीय टेक रिसर्चर और छात्र सार्थक सिद्धांत ने संसद की स्थायी समिति को बताया कि उनके तकनीकी विश्लेषण और ब्लॉग के अनुसार इस पूरी प्रणाली में कम से कम 15 गंभीर खामियां हैं। सार्थक ने एक आम छात्र से आगे बढ़कर एक डेटा साइंटिस्ट की तरह काम किया। उन्होंने सीबीएसई द्वारा पिछले दिनों जारी किए गए 576 दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन करके टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को उजागर किया। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने तत्परता दिखाते हुए सीबीएसई से कोएम्प्ट (COEMPT) कंपनी को टेंडर दिए जाने पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए वेदांत से बोर्ड ने मांगी माफी

इस गड़बड़ी को सामने लाने में दिल्ली के छात्र वेदांत श्रीवास्तव ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 12वीं की परीक्षा देने वाले वेदांत को जब फिजिक्स में उम्मीद से बेहद कम यानी 65 नंबर मिले, तो उन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाई। री-इवैल्यूएशन में जब उनकी कॉपी सामने आई तो बोर्ड की बड़ी लापरवाही उजागर हुई। शुरुआत में आवाज उठाने पर वेदांत को सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल किया गया और देशद्रोही तक कहा गया, लेकिन सच सामने आने के बाद आखिरकार बोर्ड को अपनी गलती माननी पड़ी और छात्र से लिखित में माफी मांगनी पड़ी।

री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर भारी साइबर अटैक, फिर भी आवेदन जारी

इस पूरे विवाद के बीच सोमवार से शुरू होने वाले सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर एक बड़ा साइबर हमला हुआ। सीबीएसई के आधिकारिक बयान के मुताबिक, महज 2 मिनट के भीतर पोर्टल पर 15 लाख से अधिक बार एक्सेस करने का प्रयास किया गया, जबकि 1 लाख से ज्यादा बार सिस्टम की संवेदनशील फाइलों तक बिना अनुमति के पहुंचने की हैकिंग कोशिश की गई। हालांकि, इस भीषण साइबर अटैक के बावजूद पोर्टल क्रैश नहीं हुआ और वह सुचारू रूप से काम करता रहा, जिसके चलते मंगलवार दोपहर 3 बजे तक 16 हजार से अधिक प्रभावित छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए अपना सफलतापूर्वक आवेदन दर्ज करा दिया।

संसदीय समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह का आधिकारिक बयान

संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि छात्र सार्थक सिद्धांत ने समिति के सामने बेहद तार्किक और मजबूती से अपनी बात रखी है। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि समिति अब छात्र द्वारा उठाए गए सभी 15 तकनीकी मुद्दों, टेंडर प्रक्रिया की विसंगतियों और इन पर सीबीएसई द्वारा दिए जाने वाले आधिकारिक जवाबों की गहराई से समीक्षा करेगी, ताकि देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली इस प्रणाली की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

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