PM Modi Meeting : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक राजनयिक यात्रा को सफलतापूर्वक संपन्न कर भारत वापस लौट आए हैं. स्वदेश वापसी के तुरंत बाद उन्होंने देश के प्रशासनिक और विकास कार्यों को गति देने के लिए कमर कस ली. गुरुवार, 21 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ (प्रधानमंत्री कार्यालय) में पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई.
लगभग साढ़े चार घंटे तक चली इस लंबी और मैराथन बैठक में प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की व्यापक स्तर पर समीक्षा की. बैठक के दौरान पीएम मोदी ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े सुधारों (रिफॉर्म्स) पर विशेष बल दिया. उन्होंने सभी मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी कामकाज की प्रक्रियाओं में सरलता लाई जाए और कम से कम समय में अधिक से अधिक परिणामोन्मुखी काम करने का प्रयास किया जाए.
जनहित को सर्वोपरि रखने का सख्त निर्देश, फाइलों की लेटी-लतीफी पर लगेगी लगाम
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में मौजूद सभी विभागों के प्रमुखों और मंत्रियों को स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि उनके काम के केंद्र में केवल और केवल जनहित होना चाहिए. प्रधानमंत्री ने प्रशासनिक सुस्ती पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि फाइलों को बिना किसी ठोस कारण के मंत्रालयों में लटका कर न रखा जाए, बल्कि उनका त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जाए ताकि विकास योजनाएं समय पर धरातल पर उतर सकें. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी व्यवस्था में लालफीताशाही पूरी तरह समाप्त होनी चाहिए और फाइलों के चक्कर काटने की प्रक्रिया बंद होनी चाहिए. पीएम मोदी ने दृढ़ता के साथ कहा कि साल 2047 तक ‘विकसित भारत’ का निर्माण करना महज एक राजनीतिक नारा नहीं है, बल्कि यह देश की सवा सौ करोड़ जनता के प्रति हमारी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता और संकल्प है.
कमजोर प्रदर्शन वाले मंत्रालयों को नसीहत, अतीत के बजाय भविष्य के लक्ष्यों पर ध्यान देने की अपील
समीक्षा बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदर्शन के आधार पर मंत्रालयों की रैंकिंग का भी विश्लेषण किया. सूत्रों के मुताबिक, जिन मंत्रालयों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं था या रैंकिंग में जो विभाग कमजोर पाए गए, प्रधानमंत्री ने उन्हें अपने कामकाज के तरीके में तत्काल सुधार करने और कार्यक्षमता बढ़ाने की सख्त हिदायत दी. उन्होंने सभी सहयोगियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अब हमें बीते हुए कल या अतीत की उपलब्धियों से अपनी तुलना करके संतुष्ट नहीं होना है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए अपने प्रदर्शन को और अधिक उत्कृष्ट बनाना है.
उन्होंने लंबित पड़े सभी सरकारी कार्यों को मिशन मोड में जल्द से जल्द पूरा करने की सलाह दी. पीएम मोदी ने साफ कहा कि कोई भी काम अधूरा नहीं छूटना चाहिए और किसी भी मंत्री या अधिकारी को अनावश्यक विवादों में उलझने के बजाय पूरी तरह से अपने निर्धारित लक्ष्यों और जनकल्याणकारी कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.
समय की मांग को समझें: 2014 की उपलब्धियों को छोड़, 2026 की प्राथमिकताओं पर दें ध्यान
मंत्रिपरिषद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण साझा किया. उन्होंने कहा कि अब समय केवल आगे देखने और भविष्य की रणनीति तैयार करने का है, पीछे मुड़कर यह देखने का नहीं कि अतीत में हमने क्या-क्या हासिल किया है. प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि हमारी सरकार साल 2014 से लगातार देश की सेवा में जुटी हुई है और सत्ता में है, लेकिन अब साल 2026 आ चुका है. समय की मांग और देश की जरूरतें बदल चुकी हैं.
इसलिए, वर्तमान समय की मांग यह है कि हम इस बात पर अपना पूरा ध्यान लगाएं कि आगामी वर्षों में हम देश के विकास के लिए और क्या नया, आधुनिक और बेहतर कर सकते हैं. उन्होंने सभी विभागों को नए विजन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया.
नौ प्रमुख विभागों का विस्तृत प्रेजेंटेशन, पांच देशों की यात्रा और चुनावी सफलता पर अभिनंदन
इस उच्च स्तरीय मंत्रिपरिषद की बैठक में केंद्र सरकार के कुल नौ प्रमुख विभागों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट और भविष्य का खाका पेश करते हुए विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया. इन विभागों में कृषि, वन एवं पर्यावरण, श्रम, सड़क परिवहन, कॉरपोरेट मामले, विदेश, वाणिज्य (कॉमर्स), और पावर (ऊर्जा) मंत्रालय शामिल रहे. इस बैठक में सभी संबंधित मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्रियों के साथ-साथ उनके विभागों के सचिव भी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे.
बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी के हालिया पांच देशों के सफल विदेशी दौरे और उसके वैश्विक परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की. इसके पश्चात, समूचे मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस सफल विदेश यात्रा और साथ ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली प्रचंड व ऐतिहासिक जीत के लिए खड़े होकर करतल ध्वनि से उनका भव्य अभिनंदन और स्वागत किया.
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