PM Modi’s Letter: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार के अंतिम दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की जनता को संबोधित एक भावुक पत्र साझा किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस पत्र को पोस्ट करते हुए उन्होंने बंगाल की जनता से मिले अपार स्नेह और समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया। पीएम ने अपने कैप्शन में लिखा कि पूरे चुनाव अभियान के दौरान उन्हें अपने “परिवारजनों” से जो ऊर्जा मिली, उसने उन्हें एक नए उत्साह से भर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बंगाल की नारीशक्ति, युवाशक्ति, किसान और श्रमिक अब एक स्वर में ‘विकसित बंगाल’ के संकल्प को सिद्ध करने के लिए तैयार हैं।
जनता के बीच तीर्थ यात्रा का अनुभव: आध्यात्मिक जुड़ाव का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में चुनाव प्रचार के अनुभवों को किसी ‘तीर्थ यात्रा’ के समान बताया। उन्होंने लिखा कि बंगाल की धरती पर रैलियां और रोड शो करना उनके लिए महज राजनीतिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा थी। उन्होंने विशेष रूप से मां काली का जिक्र करते हुए कहा कि इतनी भीषण गर्मी और व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद उन्हें जरा भी थकान महसूस नहीं हुई, क्योंकि मां काली के भक्तों के बीच उन्हें निरंतर दैवीय शक्ति और ऊर्जा मिलती रही। उनके अनुसार, बंगाल के लोगों का अपनत्व उन्हें एक अलग ही धरातल पर ले गया।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा जैसी अनुभूति: जनता का प्यार ही असली पूंजी
पीएम मोदी ने पत्र में एक बेहद निजी अनुभव साझा करते हुए इसकी तुलना अयोध्या के ऐतिहासिक क्षण से की। उन्होंने लिखा, “जनवरी 2024 में अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले मैंने जो 11 दिनों का अनुष्ठान किया था, इस चुनाव प्रचार में मुझे ठीक वैसी ही अनुभूति हुई है।” उन्होंने बताया कि रैलियों के दौरान मिले प्रेम पत्रों और चित्रों को वे रात में बड़े चाव से देखते हैं और उनका उत्तर भी लिखवाते हैं। पीएम के अनुसार, हर आयु वर्ग के लोगों से मिला यह निस्वार्थ स्नेह ही उनके सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।
परिवर्तन की अधीरता: “अब भय नहीं, भरोसा और भाजपा चाहिए”
बंगाल की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि राज्य का हर वर्ग अब बदलाव के लिए व्याकुल है। उन्होंने रेखांकित किया कि बंगाल का युवा अब विकास के लिए खुला मैदान चाहता है और प्रदेश की बेटियां सुरक्षित आसमान की तलाश में हैं। पीएम ने जनता के मन की बात को शब्दों में पिरोते हुए कहा कि अब बंगाल में डर और आतंक का माहौल खत्म करने का समय आ गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल का हर नागरिक अब एक ही संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है— “भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए, अब भाजपा चाहिए।”
विकसित बंगाल का वादा: शपथ ग्रहण के उत्सव का दिया भरोसा
पत्र के समापन में प्रधानमंत्री ने बंगाल की सेवा और सुरक्षा को अपना परम कर्तव्य बताया। उन्होंने वादा किया कि बंगाल के सामने खड़ी हर चुनौती को वे अवसर में बदल देंगे और इस जिम्मेदारी से कभी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, “मैं आपको भरोसा देता हूं कि जल्द ही हम बंगाल में भाजपा के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण का उत्सव साथ मिलकर मनाएंगे।” उन्होंने एक बार फिर ‘सोनार बांग्ला’ के सपने को साकार करने और राज्य को विकसित बनाने के अपने अटूट संकल्प को दोहराया।
