Share Market : हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन यानी शुक्रवार (22 मई) को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद सुस्त और सपाट (Flat) देखने को मिली। बाजार खुलने के शुरुआती कुछ मिनटों तक निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल रहा, जिसके चलते ट्रेडिंग में सुस्ती छाई रही। हालांकि, जल्द ही बाजार ने इस दबाव को पीछे छोड़ दिया और इसमें हल्का सुधार दर्ज किया गया। सुबह 9:15 बजे तक बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान से उबरकर हरे निशान में कारोबार करने लगे, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत मिली।
सेंसेक्स और निफ्टी के आंकड़े: हरे निशान के साथ प्रमुख स्तरों पर पहुंचे इंडेक्स
बाजार में आए इस सुधार के बाद मुंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स 180.63 अंक यानी 0.24% की मजबूती के साथ 75,363.99 के स्तर पर ट्रेड करता हुआ नजर आया। सेंसेक्स के साथ-साथ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मुख्य सूचकांक निफ्टी 50 में भी सकारात्मक रुख देखा गया। निफ्टी 50 ने 48.10 अंकों (0.20%) की बढ़त हासिल की और यह 23,702.80 के महत्वपूर्ण स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती दौर में प्रमुख शेयरों में आई लिवाली ने बाजार को सहारा देने का काम किया।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस का विश्लेषण: बैंकिंग सेक्टर में चमक, मीडिया और आईटी शेयरों में गिरावट
अगर विभिन्न सेक्टर्स के प्रदर्शन (Sectoral Performance) पर नजर डालें तो आज के कारोबार में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का दबदबा देखने को मिला। निफ्टी बैंक (Nifty Bank) इंडेक्स 0.8% की शानदार बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज (Financial Services) इंडेक्स में भी 0.77% का उछाल दर्ज किया गया। इसके अलावा ऑटोमोबाइल, पीएसयू बैंक और रियलिटी इंडेक्स भी हरे निशान में रहकर बाजार को मजबूती प्रदान कर रहे थे। इसके विपरीत, कुछ सेक्टर्स में बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। मीडिया, रियल्टी और आईटी शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिसमें मीडिया इंडेक्स को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा और आईटी शेयरों में भी मंदी का रुख रहा।
वैश्विक बाजारों का माहौल: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव का साया
भारतीय बाजारों पर वैश्विक संकेतों का भी गहरा असर देखने को मिल रहा है। इस समय ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों और मिडिल ईस्ट (Middle East) में गहराते अमेरिका-ईरान तनाव के कारण निवेशक बेहद सतर्क नजर आ रहे हैं। दुनिया भर के बाजारों में इस समय अनिश्चितता का माहौल है, जिसके चलते निवेशक फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं और बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं। भू-राजनीतिक अस्थिरता ने बाजार के सेंटिमेंट को काफी हद तक प्रभावित किया है।
कच्चे तेल के दामों में उछाल: अमेरिकी-ईरान वार्ता और निवेशकों के बदलते सेंटिमेंट का असर
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं और निवेशकों के बदलते सेंटिमेंट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिला है। लगातार तीन दिनों की गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए क्रूड ऑयल के दाम तेजी से ऊपर चढ़े हैं। शुरुआती एशियाई कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स (Brent Crude Futures) 1.9% की बढ़त के साथ 104.52 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1.5% की मजबूती लेकर 97.81 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा, जिससे आने वाले समय में महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
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