Bengal ED Raid: पश्चिम बंगाल से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य के कई हिस्सों में एक साथ तगड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेन-देन के मामलों की जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी की अलग-अलग टीमों ने कोलकाता और मुर्शिदाबाद में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है. जांच एजेंसी की यह कार्रवाई सुबह से ही जारी है, जिससे राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में अधिकारी संदिग्धों के घरों और दफ्तरों को खंगाल रहे हैं.
सोना पप्पू और शांतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़े मामलों में कसा शिकंजा
केंद्रीय जांच एजेंसी के सूत्रों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई सोना पप्पू और शांतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़े एक बेहद संवेदनशील मामले में की जा रही है. जांच के दायरे में आए इन दोनों मुख्य चेहरों के वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड खंगालने के बाद ही इस छापेमारी की रूपरेखा तैयार की गई थी. ईडी को कुछ ऐसे पुख्ता इनपुट और दस्तावेज मिले थे, जो इन दोनों व्यक्तियों द्वारा किए गए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की ओर इशारा कर रहे थे. इसी कड़ी को जोड़ने और अहम सबूतों को जुटाने के मकसद से अधिकारियों ने कोर्ट से जरूरी वारंट हासिल करने के बाद इस औचक कार्रवाई को अंजाम दिया है.
कोलकाता से लेकर मुर्शिदाबाद तक फैली कार्रवाई
इस पूरी छापेमारी की सबसे खास बात यह है कि केंद्रीय एजेंसी ने किसी एक जगह पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, इस नेटवर्क से जुड़े तमाम संदिग्धों को एक साथ अपने रडार पर लिया है. कुल मिलाकर 9 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. जिन जगहों पर आज सुबह ईडी की गाड़ियों का काफिला पहुंचा, उनमें इस मामले से जुड़े कई रसूखदार और उनके करीबी सहयोगी शामिल हैं. इस अचानक हुई कार्रवाई के कारण किसी भी संदिग्ध को संभलने या अपने दस्तावेजों को छिपाने का मौका नहीं मिल सका.
मोहम्मद अली उर्फ मैक्स राजू और सौरव अधिकारी के ठिकानों पर दबिश
जांच एजेंसी जिन ठिकानों और व्यक्तियों के परिसरों की सघन तलाशी ले रही है, उनमें कुछ प्रमुख नाम भी सामने आए हैं. खबरों के अनुसार, मोहम्मद अली उर्फ मैक्स राजू के ठिकानों पर ईडी की टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है. इसके साथ ही सौरव अधिकारी भी जांच एजेंसी के निशाने पर हैं और उनके ठिकानों को भी खंगाला जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि इन लोगों के पास से मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी और डिजिटल सबूत बरामद हो सकते हैं, जो आने वाले समय में जांच की दिशा तय करेंगे.
शांतनु सिन्हा बिस्वास के भांजे और पैतृक आवास पर भी ईडी का पहरा
कार्रवाई का यह दायरा केवल मुख्य आरोपियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जांच एजेंसी ने उनके पारिवारिक और करीबी रिश्तेदारों के नेटवर्क को भी अपने घेरे में ले लिया है. इसी क्रम में शांतनु सिन्हा बिस्वास के भांजे के ठिकाने पर भी एक टीम मुस्तैद है और वहां गहन पूछताछ के साथ-साथ तलाशी ली जा रही है. इसके अलावा, मुर्शिदाबाद स्थित शांतनु सिन्हा बिस्वास के खुद के ठिकानों और पैतृक संपत्तियों पर भी केंद्रीय अधिकारियों का कड़ा पहरा है. स्थानीय पुलिस को इस कार्रवाई की भनक तक नहीं लगने दी गई और पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय बलों के जवानों को सौंपी गई है.
आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें, बड़ी बरामदगी की उम्मीद
ईडी की इस व्यापक कार्रवाई के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में संबंधित आरोपियों की मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ सकती हैं. छापेमारी के दौरान अधिकारियों द्वारा डिजिटल डिवाइस जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और लॉकरों की चाबियों को अपने कब्जे में लिया जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि शाम तक इस पूरी छापेमारी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया जा सकता है, जिसमें बरामद की गई बेनामी संपत्ति या नकदी का ब्योरा सामने आने की उम्मीद है. फिलहाल सभी ठिकानों पर सुरक्षा बेहद सख्त है और किसी को भी अंदर या बाहर जाने की अनुमति नहीं है.
Read More : Share Market : भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को मामूली बढ़त, सेंसेक्स और निफ्टी में सुधार
