ORS यानी Oral Rehydration Solution एक खास घोल होता है, जिसमें पानी, नमक और ग्लूकोज का संतुलित मिश्रण होता है। यह शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को तेजी से पूरा करता है। बच्चों में डायरिया, उल्टी या तेज पसीना होने पर शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) का खतरा बढ़ जाता है, जो गंभीर हो सकता है। ऐसे में ORS पीने से खोए हुए मिनरल्स और फ्लुइड्स वापस मिल जाते हैं। डॉक्टर और WHO भी बच्चों के डिहाइड्रेशन में सबसे पहला और सुरक्षित इलाज ORS को ही मानते हैं। यह घर में भी आसानी से मिल सकता है और बच्चों की सेहत के लिए लाइफ सेविंग हो सकता है।
किस उम्र में दे सकते हैं ORS?
WHO और यूनिसेफ के मुताबिक, ORS जीवन के पहले दिन से ही दिया जा सकता है, लेकिन 6 महीने से कम उम्र के बच्चों में इसे देने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है। 6 महीने से बड़े बच्चों को, खासकर जब उन्हें डायरिया या उल्टी हो, तो तुरंत ORS देना फायदेमंद होता है। शिशुओं को ORS चम्मच से धीरे-धीरे पिलाया जा सकता है, जबकि बड़े बच्चों को कप या ग्लास से भी दिया जा सकता है। याद रखें, ORS कोई दवा नहीं बल्कि हाइड्रेशन सपोर्ट है, इसलिए इसे जितनी जल्दी शुरू किया जाए, उतना अच्छा होता है।
बच्चों के लिए कौन सा ORS सबसे अच्छा है?
बच्चों के लिए सबसे अच्छा वही ORS है, जो WHO/यूनिसेफ द्वारा मान्यता प्राप्त फार्मूला वाला हो। बाजार में कई फ्लेवर्ड ORS पाउडर भी मिलते हैं, जो बच्चों को पीने में आसान लगता है। हमेशा पैक पर लिखे निर्देशों के मुताबिक पानी में घोलें और तुरंत पिलाएं। घर पर बनाया गया ORS (एक लीटर पानी में आधा चम्मच नमक और छह चम्मच चीनी) भी इमरजेंसी में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन पैक्ड ORS ज्यादा संतुलित और सुरक्षित माना जाता है। किसी भी तरह के एनर्जी ड्रिंक या सोडा को ORS का विकल्प न समझें।
कितनी मात्रा में देना चाहिए?
ORS की मात्रा बच्चे की उम्र, वजन और डिहाइड्रेशन की गंभीरता पर निर्भर करती है। सामान्यत: हल्के डायरिया में हर दस्त के बाद छोटे बच्चों को 50-100 मिलीलीटर (3-6 चम्मच) और बड़े बच्चों को 100-200 मिलीलीटर ORS दिया जा सकता है। अगर बच्चा बार-बार उल्टी कर रहा है, तो ORS को बहुत धीमे-धीमे, चम्मच-चम्मच कर के पिलाएं। डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, ताकि सही मात्रा और तरीका तय किया जा सके। ORS की ज्यादा मात्रा एक साथ न पिलाएं, वरना उल्टी बढ़ सकती है।
ORS का कोई साइड इफेक्ट है?
सही मात्रा और सही तरीके से दिया गया ORS आमतौर पर सुरक्षित होता है और इसके कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं होते। लेकिन अगर बहुत गाढ़ा घोल बना दिया जाए, या जरूरत से ज्यादा दिया जाए, तो उल्टी, पेट दर्द या लूज मोशन बढ़ सकते हैं। इसलिए पैकेट पर दिए निर्देशों के अनुसार ही घोल तैयार करें। बिना जरूरत के हेल्दी बच्चों को बार-बार ORS न दें। मधुमेह या किडनी से जुड़ी किसी गंभीर बीमारी वाले बच्चों में भी ORS से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
डॉक्टर को कब दिखाएं?
अगर बच्चे में तेज बुखार, खून वाला दस्त, बार-बार उल्टी, बहुत सुस्ती या पानी पीने की इच्छा न होना जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ORS से सिर्फ पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी होती है, लेकिन यह संक्रमण या बीमारी का इलाज नहीं करता। बच्चे की उम्र, वजन और हालत देखकर डॉक्टर सही दवा और उपचार बताएंगे। बहुत छोटे बच्चों में (6 महीने से कम) दस्त या उल्टी में हमेशा डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि उनके शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है।
ORS के साथ और क्या करें?
ORS देने के साथ-साथ बच्चे को हल्का, सुपाच्य और पौष्टिक खाना भी देते रहें, जैसे दाल का पानी, खिचड़ी, दही, केला आदि। ब्रेस्टफीडिंग करने वाले बच्चों को स्तनपान जारी रखें। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें, जैसे हाथ धोना, पीने का पानी उबालना और खाना ढककर रखना, ताकि संक्रमण दोबारा न हो। पर्याप्त आराम और प्यार भी जरूरी है, ताकि बच्चा जल्दी ठीक हो सके। डॉक्टर की सलाह से जिंक सिरप भी डायरिया की अवधि को कम करने में मदद करता है।
घर पर ORS बनाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
अगर बाजार में ORS पाउच उपलब्ध न हो, तो घर पर भी ORS घोल बनाया जा सकता है। एक लीटर साफ उबले और ठंडे पानी में आधा चम्मच नमक और छह चम्मच चीनी डालकर अच्छी तरह घोलें। ध्यान रखें कि घोल न बहुत मीठा हो और न ही बहुत नमकीन, क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ सकती है। घोल को 24 घंटे के भीतर ही इस्तेमाल करें; उसके बाद बचा हुआ घोल फेंक दें और नया बनाएं। छोटे बच्चों के लिए इसे चम्मच-चम्मच पिलाएं और बहुत तेजी से न पिलाएं, ताकि उल्टी न हो। यह आसान, सस्ता और आपातकाल में उपयोगी तरीका है, लेकिन फिर भी अगर बच्चा बहुत बीमार है या बार-बार उल्टी कर रहा है, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
ORS कब नहीं देना चाहिए?
हालांकि ORS बच्चों के लिए सुरक्षित माना जाता है, फिर भी कुछ स्थितियों में इसे बिना डॉक्टर की सलाह के न दें। जैसे, अगर बच्चे को गंभीर उल्टी है और कुछ भी पेट में नहीं रुक रहा, खून की उल्टी या खून वाले दस्त हो रहे हैं, या बच्चा बहुत सुस्त और बेहोशी जैसी हालत में है – तब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। छह महीने से छोटे शिशुओं में भी ORS सिर्फ डॉक्टर की सलाह के बाद ही देना चाहिए। इसके अलावा, किडनी की गंभीर बीमारी वाले बच्चों को भी ORS की मात्रा नियंत्रित और चिकित्सक की निगरानी में ही दी जानी चाहिए, ताकि शरीर में सोडियम का स्तर असामान्य न हो।
क्या सिर्फ ORS से ही डायरिया ठीक हो सकता है?
ORS सिर्फ शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करता है, लेकिन यह डायरिया का कारण खत्म नहीं करता। इसलिए अगर डायरिया का कारण संक्रमण, बैक्टीरिया या परजीवी है, तो डॉक्टर की सलाह से दवा की भी जरूरत होती है। कई बार डॉक्टर जिंक सिरप, प्रोबायोटिक्स या एंटीबायोटिक्स भी लिख सकते हैं, जो बीमारी की गंभीरता और वजह पर निर्भर करता है। इसके साथ-साथ हल्का और सुपाच्य भोजन, पर्याप्त आराम और सफाई भी जरूरी है। ORS एक महत्वपूर्ण सहायक उपचार है, लेकिन इसे मुख्य इलाज न समझें – डॉक्टर की सलाह लेना हमेशा जरूरी है।
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