PM Modi Kerala rally : केरल विधानसभा चुनाव के सरगर्म माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवल्ला में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए चुनावी शंखनाद किया। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने श्री वल्लभम, तिरुवल्लुवर, सबरीमाला और स्वामी अय्यप्पा को नमन करके की। पीएम मोदी ने जनता के उत्साह को देखकर दावा किया कि केरल में एनडीए के प्रति महिलाओं का अपार समर्थन और विश्वास स्पष्ट नजर आ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के बाद, 4 मई को केरल में भाजपा-एनडीए गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि केरल अब वामपंथी और कांग्रेस की राजनीति से ऊब चुका है और एक ऐतिहासिक बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
PM Modi Kerala rally : विकास की उपेक्षा और ‘डबल इंजन’ सरकार का वादा
प्रधानमंत्री ने एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) पर पिछले कई दशकों से केरल की उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में जर्जर सड़कें, नए पुलों का अभाव और मेडिकल कॉलेजों की बदतर स्थिति इस बात का प्रमाण है कि यहां बुनियादी ढांचे पर कोई काम नहीं हुआ है। मोदी सरकार के कार्यकाल की तुलना करते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र ने पहले के मुकाबले केरल को पांच गुना अधिक धनराशि आवंटित की है। उन्होंने वादा किया कि ‘डबल इंजन’ सरकार आते ही सबरीमाला रेलवे परियोजना जैसी लंबित योजनाओं की बाधाएं दूर होंगी, जिससे न केवल तीर्थयात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
PM Modi Kerala rally : महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में महिलाओं के लिए किए गए कार्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एनडीए की नीतियों का सबसे अधिक लाभ महिलाओं को हुआ है, चाहे वह शौचालय निर्माण हो, बैंक खाते हों या मुद्रा ऋण। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम की सफलता का जिक्र करते हुए 3 करोड़ और महिलाओं को इसका लाभ देने का लक्ष्य रखा। इसके अलावा, उन्होंने संसद में 33% महिला आरक्षण सुनिश्चित करने वाले ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा के लिए 16 से 18 अप्रैल तक विशेष सत्र बुलाने की बात कही। उन्होंने देश को आश्वस्त किया कि परिसीमन के बाद दक्षिण भारत सहित किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी, बल्कि उनमें वृद्धि ही होगी।
पश्चिम एशिया संकट और कांग्रेस की ‘खतरनाक’ राजनीति पर प्रहार
खाड़ी देशों (वेस्ट एशिया) में जारी युद्ध संकट पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में केरल के लाखों भाई-बहन काम कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता जानबूझकर ऐसे भ्रामक बयान दे रहे हैं जिससे खाड़ी देशों की सरकारें नाराज हों और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाए। पीएम ने तीखे लहजे में कहा, “कांग्रेस चाहती है कि गल्फ देशों में पैनिक फैले ताकि उन्हें मोदी को गाली देने का मौका मिले।” उन्होंने कांग्रेस से देश से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि उनके लिए केरल के लोगों की सुरक्षा सत्ता से ऊपर है।
सबरीमाला लूट और ‘झूठ की राजनीति’ का पर्दाफाश
सबरीमाला मंदिर में हुई कथित लूटपाट की घटनाओं पर पीएम मोदी ने एलडीएफ और यूडीएफ के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की जांच सीबीआई को न सौंपना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने विपक्षी दलों पर ‘द केरल फाइल्स’, ‘द कश्मीर फाइल्स’, यूसीसी (UCC) और सीएए (CAA) जैसे मुद्दों पर लगातार झूठ फैलाने का आरोप लगाया। मोदी ने कहा कि गोवा में दशकों से यूसीसी लागू है, लेकिन यहां डराया जा रहा है। उन्होंने अंत में कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ दोनों ‘भ्रष्टाचार और सांप्रदायिक राजनीति’ के दो पहलू हैं और केरल के युवाओं का भविष्य बचाने के लिए इन दोनों को सत्ता से बेदखल करना अनिवार्य है।
