आज की तेज रफ्तार जिंदगी में एनर्जी ड्रिंक युवाओं का पसंदीदा पेय बनता जा रहा है। कॉलेज, ऑफिस या वर्कआउट-हर जगह इसकी खपत बढ़ रही है। इन ड्रिंक्स में कैफीन, शुगर, टॉरिन और अन्य उत्तेजक तत्व होते हैं जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का वादा करते हैं। लेकिन क्या यह तात्कालिक ऊर्जा लंबे समय में शरीर के लिए नुकसानदेह है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनका अति सेवन स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। आइए जानते हैं 6 बिंदुओं में इसकी हकीकत और विशेषज्ञों की राय।
कैफीन की अधिक मात्रा: अलर्ट का कारण
एनर्जी ड्रिंक्स में सामान्य से कहीं अधिक मात्रा में कैफीन होती है, जो अस्थायी रूप से आपको ऊर्जावान तो बनाती है, लेकिन यह दिल की धड़कन, नींद की समस्या और घबराहट जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है। युवाओं का शरीर अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता, ऐसे में अधिक कैफीन उनके नर्वस सिस्टम पर बुरा असर डाल सकता है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि रोजाना 100-150 मिग्रा. से अधिक कैफीन युवाओं के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके नियमित सेवन से कैफीन पर निर्भरता भी विकसित हो सकती है।
हाई शुगर कंटेंट: डायबिटीज और मोटापे का खतरा
ज्यादातर एनर्जी ड्रिंक्स में भारी मात्रा में शक्कर पाई जाती है। एक कैन में लगभग 30-40 ग्राम शुगर होती है जो शरीर में इंसुलिन को अचानक बढ़ा देती है। इससे तात्कालिक ऊर्जा मिलती है लेकिन इसके बाद शरीर में थकावट और सुस्ती आ जाती है। लगातार सेवन से वजन बढ़ता है और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा पैदा होता है। इसके अलावा, दांतों की सड़न और लिवर से जुड़ी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं। शुगर फ्री विकल्प भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं होते।
दिल की सेहत पर पड़ता है सीधा असर
एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद स्टिमुलेंट्स जैसे कि कैफीन और टॉरिन, दिल की गति को तेज कर देते हैं। इससे हार्ट बीट अनियमित हो सकती है और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। जिन युवाओं को दिल से संबंधित कोई भी हल्की-फुल्की परेशानी हो, उनके लिए यह पेय और अधिक खतरनाक हो सकता है। कई अध्ययनों में यह सामने आया है कि एनर्जी ड्रिंक्स का अधिक सेवन युवाओं में कार्डियक अरेस्ट और स्ट्रोक जैसी घटनाओं को जन्म दे सकता है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि दिल की सेहत को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
खेल और जिम के लिए नहीं है सही विकल्प
कई युवा जिम या खेल के दौरान एनर्जी ड्रिंक का सेवन करते हैं, यह सोचकर कि यह उनकी स्टैमिना बढ़ाएगा। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स बेहतर विकल्प हैं। एनर्जी ड्रिंक शरीर में डीहाइड्रेशन बढ़ा सकते हैं क्योंकि इनमें डाइयूरेटिक तत्व होते हैं। इससे थकान, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। स्पोर्ट्स ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक में बड़ा अंतर है, जिसे समझना जरूरी है।
विशेषज्ञों की सलाह: संयम ही सुरक्षा है
स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि एनर्जी ड्रिंक का कभी-कभार सेवन हानिकारक नहीं है, लेकिन नियमित या अत्यधिक सेवन चिंता का विषय है। खासकर 18 साल से कम उम्र के युवाओं को इससे दूर रहना चाहिए। अगर थकान, ऊर्जा की कमी या नींद की समस्या है, तो इसका समाधान संतुलित आहार, नियमित नींद और व्यायाम में है। एनर्जी ड्रिंक एक ‘शॉर्टकट’ है जिसका दीर्घकालिक प्रभाव गंभीर हो सकता है। हमेशा लेबल पढ़कर ही कोई ड्रिंक लें और यदि कोई स्वास्थ्य समस्या हो, तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
यह भी पढ़ें:बच्चों की देखभाल में व्यस्त माएं अपनी सेहत का ध्यान कैसे रखें?
