सोनभद्र| शनिवार को रोजगार अधिकार अभियान की राष्ट्रीय संचालन समिति की वर्चुअल बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय सामानों पर 26 प्रतिशत सीमा शुल्क (टैरिफ) लगाने के निर्णय पर गहन चिंता व्यक्त की गई। इस नीति से देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ट्रंप प्रशासन व्यापार में मनमानी कर रहा है और टैरिफ नीति के जरिए वैश्विक व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों का उल्लंघन है, जिनमें भारत जैसे विकासशील देशों को विशेष संरक्षण प्रदान किया गया है।
नेताओं ने कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के 21 अप्रैल को प्रस्तावित भारत दौरे के दौरान जो समझौते होने की बातें सामने आ रही हैं, उन पर संसद और देश के विभिन्न मंचों पर खुली चर्चा होनी चाहिए। विशेषकर आयात शुल्क, कृषि, पशुपालन और ट्रेड जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जनता की सहमति और पारदर्शिता जरूरी है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रोजगार अधिकार अभियान में अब इस टैरिफ नीति को भी प्रमुख मुद्दे के रूप में जोड़ा जाएगा। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की गारंटी, सरकारी विभागों में खाली पदों पर नियुक्ति और सुपर रिच पर टैक्स लगाए जाने की मांग को भी और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर अभियान के कोआर्डिनेटर राजेश सचान, अर्जुन प्रसाद, सरोवर, सविता गोंड, गुंजा गोंड, राजेश कुमार सिंह, राम बहादुर पटेल, बागीश धर राय सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद उपस्थित रहे।
