प्रोटीन सप्लीमेंट का चलन युवाओं और जिम जाने वालों में बहुत तेजी से बढ़ा है। मसल्स बनाने और वजन बढ़ाने की चाह में लोग अक्सर बिना डॉक्टर की सलाह के प्रोटीन पाउडर का सेवन शुरू कर देते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से लिए गए सप्लीमेंट्स शरीर को गंभीर नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। आइए जानते हैं प्रोटीन सप्लीमेंट के 6 ऐसे दुष्प्रभाव जो आपकी सेहत बिगाड़ सकते हैं।
किडनी पर बढ़ता है अत्यधिक दबाव
प्रोटीन सप्लीमेंट के अधिक सेवन से शरीर में यूरिया का स्तर बढ़ जाता है। इससे किडनी पर जबरदस्त दबाव पड़ता है क्योंकि उसे अधिक मात्रा में अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर करना पड़ता है। लंबे समय तक ऐसा चलता रहा तो किडनी डैमेज का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो पहले से किडनी की किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, प्रोटीन सप्लीमेंट जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए चिकित्सकीय सलाह के बिना इसका नियमित सेवन नहीं करना चाहिए।
लिवर पर भी असर डालता है
कुछ लोग सोचते हैं कि प्रोटीन सिर्फ मसल्स के लिए होता है, पर हकीकत ये है कि ये आपके लिवर को भी प्रभावित करता है। विशेष रूप से जिन सप्लीमेंट्स में स्टेरॉयड मिलाए जाते हैं, वे लिवर की कार्यक्षमता को कमजोर कर सकते हैं। लिवर शरीर का डिटॉक्स सेंटर होता है, और जब उस पर ज्यादा काम का बोझ डाल दिया जाता है, तो वह सही से काम नहीं कर पाता। इससे पाचन, हार्मोन बैलेंस और इम्यूनिटी पर भी असर पड़ सकता है।
पाचन संबंधी समस्याएं
प्रोटीन सप्लीमेंट का ज्यादा सेवन आपके पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है। इससे गैस, कब्ज, डायरिया और पेट फूलना जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। खासकर जो लोग लैक्टोज इन्टॉलरेंट हैं, उनके लिए वे प्रोटीन पाउडर जिनमें दूध आधारित प्रोटीन (जैसे वे प्रोटीन) होता है, नुकसानदायक हो सकता है। यदि सप्लीमेंट लेने के बाद लगातार पेट से जुड़ी दिक्कतें हो रही हों, तो इसका सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए।
हार्मोन असंतुलन का खतरा
कुछ प्रोटीन सप्लीमेंट में छुपे हुए स्टेरॉयड और रसायन होते हैं, जो शरीर के हॉर्मोन सिस्टम को असंतुलित कर सकते हैं। पुरुषों में यह टेस्टोस्टेरोन के स्तर को घटा सकता है, जिससे बाल झड़ना, यौन समस्याएं और मूड स्विंग्स जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। महिलाओं में हार्मोन असंतुलन से पीरियड्स अनियमित, मुंहासे और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए केवल प्रमाणित और शुद्ध प्रोटीन सप्लीमेंट का ही सीमित मात्रा में सेवन करें।
शरीर की प्राकृतिक ग्रोथ को कर सकता है धीमा
प्रोटीन सप्लीमेंट की आदत शरीर की प्राकृतिक ग्रोथ प्रोसेस को प्रभावित कर सकती है। खासकर किशोरों में, यह नेचुरल हार्मोनल डेवलपमेंट को धीमा कर सकता है। जब शरीर सप्लीमेंट्स पर निर्भर हो जाता है, तो वह स्वयं प्रोटीन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों को उत्पन्न करने की क्षमता खोने लगता है। इससे लंबे समय में मांसपेशियों की ताकत और हड्डियों की मजबूती पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।
मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव
हालांकि यह सुनने में अजीब लगता है, लेकिन प्रोटीन सप्लीमेंट के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है। स्टेरॉयड मिश्रित या अत्यधिक सेवन से मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। कुछ युवाओं में अत्यधिक सप्लीमेंट सेवन की वजह से आत्म-छवि विकार (body image issues) पैदा हो जाते हैं, जिससे वे मानसिक तनाव का शिकार हो सकते हैं। अतः संतुलित डाइट को प्राथमिकता देना ज्यादा सुरक्षित है।
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