Headline
Manjalpur Bypoll Result
Manjalpur Bypoll Result: BJP की बड़ी जीत, सतीश पटेल ने 30 हजार+ वोटों से मारी बाजी
RSS Gen Z Outreach
RSS Gen Z Outreach: 100+ शहरों में युवाओं से संवाद करेंगे मोहन भागवत, बड़ा अभियान तैयार
Brij Bhushan Singh Case
Brij Bhushan Singh Case: बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत, कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में किया बरी
CWG 2026
CWG 2026: भारत के 39 मेडल पर PM मोदी का संदेश, खिलाड़ियों की मेहनत को सलाम
US-Iran Talks
US-Iran Talks: ट्रंप बोले- समझौता हुआ तो बचेगी कई लोगों की जान, आज से शुरू होगी वार्ता
Vitamin C in Monsoon
Vitamin C in Monsoon: सर्दी-जुकाम से बचाएगा Vitamin C, मानसून में डॉक्टरों की ये सलाह जरूर मानें हर दिन
Sawan 2026
Sawan 2026: सावन में अगर दिखें ये सपने, तो समझिए भोलेनाथ की कृपा बरसने वाली है
NEET UG Counselling 2026
NEET UG Counselling 2026: काउंसलिंग डेट घोषित, 8 सितंबर से शुरू होगा नया मेडिकल सत्र
World Breastfeeding Week
World Breastfeeding Week: स्तनपान से मां और बच्चे दोनों को फायदे, जानें मिथक और सच

डायबिटिक मरीज पेशाब क्यों नहीं रोक पाते? जानिए विशेषज्ञों की राय

डायबिटिक मरीज पेशाब क्यों नहीं रोक पाते? जानिए विशेषज्ञों की राय

डायबिटीज (मधुमेह) केवल ब्लड शुगर से जुड़ी बीमारी नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे शरीर के विभिन्न अंगों और क्रियाओं पर होता है। पेशाब पर नियंत्रण न रह पाना यानी बार-बार और अचानक पेशाब आना, डायबिटीज के सामान्य लक्षणों में से एक है। कई बार यह स्थिति बेहद असहज और सामाजिक रूप से परेशान करने वाली हो सकती है। आइए जानते हैं इसके पीछे छिपे मुख्य कारणों को, जो डायबिटीज से जुड़े होते हैं।

उच्च ब्लड शुगर का शरीर से बाहर निकलना

डायबिटीज में जब रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है, तो शरीर इसे किडनी के माध्यम से बाहर निकालने की कोशिश करता है। इससे पेशाब की मात्रा बढ़ जाती है। यह एक सामान्य जैविक प्रतिक्रिया है, जिससे शरीर अतिरिक्त शुगर से छुटकारा पाना चाहता है। लेकिन इससे मरीज को दिन-रात बार-बार पेशाब लगने लगती है। लंबे समय तक ऐसा होना शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) का कारण भी बन सकता है, जिससे थकावट और कमजोरी महसूस होती है।

बार-बार प्यास लगना और अधिक पानी पीना

डायबिटीज के मरीजों को अक्सर प्यास अधिक लगती है, क्योंकि शरीर पेशाब के माध्यम से अधिक तरल पदार्थ खो देता है। जब व्यक्ति अधिक पानी पीता है, तो पेशाब की मात्रा भी बढ़ती है और बार-बार पेशाब आने की शिकायत होती है। यह एक चक्र की तरह काम करता है-ज्यादा शुगर, ज्यादा प्यास, ज्यादा पानी, और अंत में ज्यादा पेशाब। यह स्थिति विशेष रूप से रात्रि में नींद खराब करने का कारण बनती है, जिसे नोक्तूरिया (nocturia) कहा जाता है।

ब्लैडर कंट्रोल पर नर्व सिस्टम का असर

डायबिटीज का लंबे समय तक असर नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) पर भी पड़ता है, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते हैं। इससे मूत्राशय (ब्लैडर) की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और मूत्र नियंत्रण करने वाली नसें अपना कार्य सही तरीके से नहीं कर पातीं। इस कारण पेशाब रोकने की क्षमता कम हो जाती है और कई बार पेशाब लीक होने की भी समस्या हो सकती है। यह स्थिति खासकर उन मरीजों में पाई जाती है जिनका ब्लड शुगर लंबे समय से अनियंत्रित रहता है।

ब्लैडर में मूत्र संचित करने की क्षमता कम होना

डायबिटीज में ब्लैडर की दीवारों में सूजन या कमजोरी आ जाती है, जिससे इसकी मूत्र संचित करने की क्षमता कम हो जाती है। जब मूत्राशय में थोड़ा भी मूत्र इकट्ठा होता है तो तुरंत पेशाब का दबाव महसूस होता है। यह स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि व्यक्ति को हर घंटे या दो घंटे में पेशाब जाना पड़ सकता है। इससे सामाजिक और मानसिक असुविधा होती है, और नींद की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।

पेशाब में संक्रमण (UTI) की संभावना बढ़ना

डायबिटीज के मरीजों में इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, जिससे उन्हें मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI) की संभावना अधिक रहती है। UTI के कारण भी बार-बार पेशाब लगना, पेशाब में जलन और अधूरी पेशाब का एहसास होता है। अगर संक्रमण बार-बार होता है तो यह क्रॉनिक समस्या बन जाती है। साथ ही, UTI की वजह से पेशाब रोकना और नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह और नियमित दवाइयों की आवश्यकता होती है।

डायबिटीज के कारण हार्मोनल बदलाव

डायबिटीज के कारण शरीर के कई हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं, जो मूत्राशय की कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं। जैसे-जैसे इंसुलिन की कार्यक्षमता घटती है, वैसे-वैसे अन्य हार्मोन भी असंतुलित हो जाते हैं, जिससे पेशाब पर नियंत्रण रखना कठिन होता है। यह विशेष रूप से महिलाओं में अधिक देखने को मिलता है। इसके अलावा, मधुमेह से जुड़ी अन्य बीमारियों जैसे हाई ब्लड प्रेशर या मोटापा भी मूत्र समस्याओं को बढ़ा सकते हैं।

यह भी पढ़ें:केसर का पानी: इम्यूनिटी, पाचन और त्वचा के लिए आयुर्वेदिक अमृत

One thought on “डायबिटिक मरीज पेशाब क्यों नहीं रोक पाते? जानिए विशेषज्ञों की राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
पहले सावन सोमवार की पूजा ऐसे करें सफल कहां से आया फ्रेंडशिप डे का विचार? तवे पर बार-बार चिपक रहा डोसा? नमक बरसात में क्यों पकड़ लेता है नमी? इन छोटे बदलावों से सिंपल ब्लाउज बनेगा डिजाइनर पीस