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BJP AAP News Today : राज्यसभा में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका, राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों का भाजपा में विलय

BJP AAP News Today

BJP AAP News Today :  भारतीय राजनीति के गलियारों में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) को राज्यसभा में करारा झटका लगा है। पार्टी के सात प्रमुख सांसदों ने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। राज्यसभा के सभापति ने इस विलय को विधिवत मंजूरी दे दी है, जिसके बाद सदन के सचिवालय द्वारा इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इस घटनाक्रम ने न केवल दिल्ली और पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि उच्च सदन में शक्ति संतुलन को भी बदल दिया है।

BJP AAP News Today :  राज्यसभा में बढ़ा भाजपा का कुनबा, संख्या पहुँची 113 के पार

आम आदमी पार्टी के इन सात सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद राज्यसभा में सत्ताधारी दल की स्थिति काफी मजबूत हो गई है। अब सदन में भाजपा के कुल सांसदों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। इन 113 सदस्यों में 5 वे सदस्य भी शामिल हैं जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया गया है। भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों की सूची में राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, अशोक कुमार मित्तल, संदीप कुमार पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजेंद्र गुप्ता जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं। इन नेताओं के पाला बदलने से ‘आप’ के लिए सदन में अपनी बात प्रभावी ढंग से रखना अब चुनौतीपूर्ण होगा।

BJP AAP News Today :  राघव चड्ढा का बड़ा बयान: ‘गलत पार्टी में फंसा हुआ था सही आदमी’

भाजपा में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा ने अपने इस फैसले पर खुलकर बात की। उन्होंने उन आलोचकों को जवाब दिया जो उनके इस कदम के पीछे की वजहों पर सवाल उठा रहे थे। चड्ढा ने भावुक होते हुए कहा, “मैं राजनीति में अपना करियर बनाने नहीं आया था, बल्कि अपना स्थापित करियर छोड़कर देश सेवा के लिए राजनीति में शामिल हुआ था। लेकिन पिछले कुछ समय से आम आदमी पार्टी के भीतर काम करने के माहौल को खत्म किया जा रहा था। मुझे महसूस हुआ कि मैं एक ‘सही आदमी’ हूँ जो ‘गलत पार्टी’ में काम कर रहा है।”

निजी फायदों के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गई है ‘आप’

राघव चड्ढा ने अपनी पूर्व पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी अब अपनी मूल विचारधारा से भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब उन लोगों के नियंत्रण में है जो केवल अपने निजी स्वार्थों और फायदों के लिए काम कर रहे हैं। चड्ढा के अनुसार, पार्टी के भीतर अब आंतरिक लोकतंत्र और सकारात्मक सुझावों के लिए कोई जगह नहीं बची है। यही कारण था कि सांसदों के इस समूह ने पार्टी से अलग होने का मन बना लिया।

भाजपा को चुनने के पीछे के तीन प्रमुख कारण

अपने इस्तीफे और नए सफर की शुरुआत पर स्पष्टीकरण देते हुए राघव चड्ढा ने बताया कि उनके सामने तीन रास्ते थे। पहला विकल्प राजनीति को पूरी तरह अलविदा कहना था, दूसरा ‘आप’ के भीतर रहकर सुधार की लड़ाई लड़ना था, और तीसरा विकल्प भाजपा जैसी बड़ी पार्टी के साथ जुड़कर अपनी ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक राजनीति के लिए करना था। उन्होंने कहा, “हम सात सांसदों ने मिलकर सामूहिक निर्णय लिया कि हमें भाजपा के साथ जुड़ना चाहिए। अब मैं जनता की समस्याओं को और अधिक मेहनत और मजबूती के साथ सदन में उठा पाऊँगा और उनके समाधान के लिए बेहतर काम कर सकूँगा।”

विपक्ष और आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया

इस बड़े राजनीतिक विलय के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह ‘ऑपरेशन लोटस’ का हिस्सा है और उनके सांसदों को डरा-धमकाकर या प्रलोभन देकर तोड़ा गया है। हालांकि, तकनीकी रूप से विलय को मंजूरी मिलने के बाद अब सांसदों की सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है। आने वाले दिनों में इस दलबदल का असर पंजाब और दिल्ली के आगामी चुनावों पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। विशेष रूप से स्वाति मालीवाल और राघव चड्ढा जैसे चेहरों का भाजपा में जाना केजरीवाल के लिए एक बड़ा व्यक्तिगत और राजनीतिक नुकसान है।

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