पूड़ी और पराठा दोनों ही अधिक मात्रा में तेल या घी में बनाए जाते हैं। इन्हें रोजाना नाश्ते में शामिल करना शरीर में अनावश्यक वसा की मात्रा बढ़ा सकता है। इससे कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ता है और हृदय रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। खासकर अगर आप फिजिकली एक्टिव नहीं हैं, तो यह आदत हानिकारक साबित हो सकती है। डॉक्टरों के अनुसार, संतुलित वसा का सेवन जरूरी है, लेकिन डीप फ्राइड खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से खाना दिल की सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता। बेहतर है कि सप्ताह में एक-दो बार ही इनका सेवन करें।
वजन बढ़ने का कारण बन सकता है यह नाश्ता
पूड़ी और पराठा कैलोरी से भरपूर होते हैं। अगर आप इनका रोज सेवन करते हैं और आपका शारीरिक श्रम कम है, तो यह वजन बढ़ने का बड़ा कारण बन सकता है। खासकर जब इन्हें आलू या मीठे व्यंजनों के साथ खाया जाए, तो कैलोरी का स्तर और भी बढ़ जाता है। शरीर में जब कैलोरी की खपत नहीं होती, तो यह फैट के रूप में जमा होने लगती है। धीरे-धीरे यह मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों जैसे डायबिटीज, हाई बीपी और जोड़ों के दर्द की वजह बन सकती है। इसलिए अपने नाश्ते को हेल्दी और लो-कैलोरी रखना ज्यादा समझदारी भरा होगा।
पाचन तंत्र पर असर डाल सकता है रोजाना तला-भुना खाना
तेल में तली हुई पूड़ी और भारी भरकम पराठे पाचन क्रिया को धीमा कर सकते हैं। जिन लोगों को एसिडिटी या अपच की समस्या होती है, उनके लिए यह नाश्ता और भी परेशानी खड़ी कर सकता है। रोजाना इस तरह का नाश्ता करने से कब्ज, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। शरीर को सुबह हल्का और पोषण युक्त भोजन चाहिए होता है, जिससे ऊर्जा मिले और पेट भी ठीक रहे। यदि नाश्ते में भारी और तले-भुने खाद्य पदार्थ शामिल होंगे, तो पूरे दिन (lethargy) यानी सुस्ती बनी रह सकती है।
खून में शुगर और कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने का खतरा
पूड़ी और पराठा आमतौर पर रिफाइंड आटे या मैदे से भी बनाए जाते हैं और इसके साथ मीठा या कार्बोहाइड्रेट युक्त व्यंजन खाया जाता है। यह खून में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ा सकता है, खासकर मधुमेह के मरीजों के लिए यह घातक हो सकता है। साथ ही इनमें उपयोग होने वाला तेल कई बार गर्म किया जाता है, जिससे उसमें ट्रांस फैट्स बन जाते हैं। ट्रांस फैट्स शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ाते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को कम करते हैं, जिससे दिल की बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
स्वस्थ विकल्प अपनाएं, स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन रखें
यदि आपको पूड़ी-पराठा खाना बहुत पसंद है, तो इन्हें हेल्दी तरीके से तैयार करें। पराठा बनाने के लिए कम घी या तेल का इस्तेमाल करें और उसमें भरावन के रूप में हरी सब्जियां या दालें इस्तेमाल करें। पूड़ी की जगह फुलका या बहु-अनाज वाली रोटी खाएं। ब्रेकफास्ट में अंकुरित अनाज, ओट्स, उपमा, पोहा या फलों को शामिल करना बेहतर विकल्प है। सप्ताह में एक बार स्वाद के लिए पूड़ी-पराठा चल सकता है, लेकिन इसे रोजाना खाना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। आदतों में थोड़ा बदलाव करके आप स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बना सकते हैं।

