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महिलाओं के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रही शराब, जानिए कैसे बढ़ रहा जोखिम

महिलाओं के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रही शराब, जानिए कैसे बढ़ रहा जोखिम

महिलाओं का शरीर जैविक रूप से पुरुषों की तुलना में शराब को अलग ढंग से संसाधित करता है। महिलाओं में शरीर में पानी की मात्रा कम और फैट का अनुपात ज्यादा होता है, जिससे शराब तेजी से रक्त में मिल जाती है और असर भी गहरा होता है। यही वजह है कि समान मात्रा में शराब पीने पर महिलाओं को अधिक नशा महसूस होता है और उनके अंगों पर अधिक नुकसान होता है। लिवर, दिमाग और दिल पर इसका सीधा दुष्प्रभाव पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं के लिए सुरक्षित शराब सीमा पुरुषों से लगभग आधी मानी जाती है।

शराब से महिलाओं में तेजी से बढ़ता है लिवर डैमेज का खतरा

लिवर शराब को डिटॉक्सीफाई करने वाला मुख्य अंग है। महिलाओं का लिवर पुरुषों की तुलना में शराब को धीमी गति से प्रोसेस करता है, जिससे कम मात्रा में शराब भी लिवर को तेजी से नुकसान पहुंचा सकती है। अध्ययन बताते हैं कि महिलाओं में शराबजनित लिवर रोग जैसे सिरोसिस और फैटी लिवर अधिक जल्दी विकसित होते हैं। यहां तक कि जिन महिलाओं का शराब सेवन पुरुषों की तुलना में कम होता है, उनमें भी लिवर फेल्योर का खतरा ज्यादा होता है। लंबे समय तक शराब पीने से कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है।

दिल और मस्तिष्क पर पड़ता है गहरा प्रभाव

शराब के कारण महिलाओं में दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा पुरुषों की तुलना में लगभग दोगुना हो जाता है। अत्यधिक शराब सेवन रक्तचाप बढ़ाता है, दिल की धड़कन अनियमित करता है और हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ाता है। इसके अलावा, मस्तिष्क पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है-याददाश्त कमजोर होना, डिप्रेशन, एंग्जायटी और व्यवहारिक परिवर्तन तेजी से देखने को मिलते हैं। किशोरावस्था में शराब पीने वाली लड़कियों में यह प्रभाव और भी अधिक खतरनाक हो सकता है।

प्रजनन क्षमता और गर्भावस्था पर भी बुरा असर

महिलाओं में शराब पीने की आदत प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डालती है। यह हार्मोन संतुलन को बिगाड़ सकती है जिससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और गर्भधारण में कठिनाई हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान शराब का सेवन भ्रूण के विकास में गंभीर बाधाएं डालता है। फेटल अल्कोहल सिंड्रोम (FAS) जैसी समस्याएं बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि प्रेगनेंसी प्लान करते समय और गर्भावस्था के दौरान शराब से पूरी तरह परहेज किया जाए।

कैंसर के बढ़ते खतरे से बेखबर महिलाएं

अत्यधिक शराब सेवन महिलाओं में कई प्रकार के कैंसर जैसे स्तन कैंसर, गले का कैंसर, यकृत कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है। रिसर्च के अनुसार, हर दिन एक ड्रिंक भी स्तन कैंसर के खतरे को 7-10% तक बढ़ा सकती है। शराब शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर को बढ़ाती है, जो कई तरह के हार्मोन-संबंधी कैंसर का मुख्य कारण बन सकता है। इसके बावजूद, महिलाओं में इस बढ़ते खतरे के प्रति जागरूकता की काफी कमी देखी जाती है। सही जानकारी और समय पर सावधानी से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

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