Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पार्टी ‘शिवसेना (यूबीटी)’ को एक और जोरदार झटका लगा है। पार्टी के 6 वरिष्ठ सांसद उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है। दल-बदल करने वाले इन प्रमुख सांसदों में संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल अष्टिकर शामिल हैं। इन नेताओं का शिंदे गुट में जाना उद्धव ठाकरे के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
एकनाथ शिंदे का तंज, ‘संजय’ को लेकर कही बड़ी बात
सांसदों के शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में ‘संजय’ नाम को लेकर तंज कसा। शिंदे ने कहा, “आज हमारे साथ 6 सांसद जुड़े हैं, जिनमें तीन संजय हैं। हमारे पास पहले से ही संजय राठौड़ जैसे दिग्गज नेता मौजूद हैं। अब जब हमारे साथ इतने संजय हैं, तो किसी और संजय (उद्धव गुट के संजय राउत की ओर इशारा) के बारे में बात करने की कोई आवश्यकता ही नहीं है।” सीएम शिंदे का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे उद्धव खेमे के लिए सीधे तौर पर एक मनोवैज्ञानिक दबाव के रूप में देखा जा रहा है।
‘ऑपरेशन टाइगर’ की सफलता पर सीएम शिंदे का दावा
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को ‘ऑपरेशन टाइगर’ का नाम दिया है। उन्होंने दावा किया कि यह ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा है। शिंदे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्टी के स्थापना दिवस पर ही नए नेताओं के शामिल होने के संकेत दे दिए थे। चार साल पहले 2022 में जब उन्होंने अपनी विचारधारा की रक्षा के लिए कदम उठाया था, तब 40 विधायक उनके साथ आए थे। उन्होंने इसे ‘दूसरे अध्याय’ की शुरुआत बताते हुए कहा कि अब उनके साथ छह ‘टाइगर’ और जुड़ गए हैं। शिंदे ने जोर देकर कहा कि वे कोई भी ऑपरेशन अधूरा नहीं छोड़ते हैं।
विकास और विचारधारा ही हमारा मुख्य एजेंडा
सीएम शिंदे ने साफ किया कि ये सभी नेता जमीनी स्तर से जुड़े हुए हैं और इन्होंने अपने क्षेत्र के विकास के लिए यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं का उद्देश्य व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं, बल्कि जनहित है। शिंदे ने कहा, “हम किसी के रास्ते में नहीं आते, लेकिन अगर कोई हमारे रास्ते में बाधा पैदा करता है, तो हम उसे छोड़ते भी नहीं हैं।” उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जनता ने उनकी विकास की नीयत और बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा पर अपना भरोसा जताया है। शिंदे के अनुसार, सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए इन सांसदों का स्वागत किया गया है, जिससे अब संगठन पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है और महाराष्ट्र में उनकी पकड़ और गहरी हो गई है।
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