Boat Accident : बिहार के पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है. यहां के ऐतिहासिक और सुप्रसिद्ध उमानाथ गंगा घाट पर सुबह-सुबह एक बहुत बड़ा नाव हादसा हो गया है. रोजमर्रा की तरह दियारा क्षेत्र की ओर जा रही एक सवारी नाव अचानक बीच गंगा नदी में अनियंत्रित होकर गहरे पानी में डूब गई. स्थानीय सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जब यह दर्दनाक हादसा हुआ, उस समय नाव पर कुल 14 लोग सवार थे. नदी में नाव के पलटते ही घाट और आसपास के इलाके में भारी चीख-पुकार और हड़कंप मच गया.
सात लोगों को सुरक्षित निकाला बाहर, दो के शव बरामद और पांच अब भी लापता
इस भीषण जल त्रासदी के बाद मौके पर मौजूद नाविकों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए नदी में छलांग लगा दी. उनके साहसिक प्रयासों की बदौलत अब तक 7 लोगों को तैरकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिससे उनकी जान बच सकी है. हालांकि, इस हादसे में दो लोगों की असमय मौत हो चुकी है और गोताखोरों की मदद से नदी से 2 शवों को बाहर निकाल लिया गया है. दुखद बात यह है कि नाव पर सवार बाकी 5 लोग अब भी गहरे पानी में लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए बेहद सघन स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
बीच गंगा नदी में अचानक असंतुलित होकर पलटी नाव, लापरवाही की आशंका
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों ने घटना के कारणों के बारे में बताते हुए कहा कि आज तड़के सुबह कुछ लोग अपने जरूरी कामों और खेती-बाड़ी के सिलसिले में उमानाथ गंगा घाट से नाव पर सवार हुए थे. वे सभी नदी पार कर दियारा इलाके की तरफ आगे बढ़ रहे थे. तभी अचानक तेज बहाव या ओवरलोडिंग के कारण बीच नदी में नाव पूरी तरह असंतुलित हो गई और देखते ही देखते गंगा नदी के गहरे पानी में समा गई. चीख-पुकार मचने के बाद घाट पर मौजूद लोग तुरंत नाव लेकर डूबे हुए लोगों को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक कई लोग तेज धारा में बह चुके थे.
प्रशासनिक अमला तुरंत एक्शन में, एसडीओ और एसडीपीओ ने घाट पर डाला डेरा
घटना की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जिला और पुलिस प्रशासन तुरंत पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. नाव डूबने की आधिकारिक सूचना मिलते ही बाढ़ की अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) गरिमा लोहिया और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) रामकृष्ण भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ खुद उमानाथ गंगा घाट पर पहुंच गए हैं. दोनों वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए खुद घाट पर कैंप कर रहे हैं. प्रशासन ने एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीमों को तुरंत काम पर लगा दिया है, ताकि लापता लोगों को जल्द ढूंढा जा सके.
घाट पर उमड़ा जनसैलाब, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, सुरक्षा पर उठे सवाल
इस भीषण और दुखद नाव हादसे की खबर जैसे ही पूरे बाढ़ शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में फैली, उमानाथ गंगा घाट पर हजारों लोगों का भारी हुजूम और जनसैलाब उमड़ पड़ा. हादसे का शिकार हुए लोगों के परिजनों का रो-रोकर बहुत बुरा हाल है और वे अपनों की सलामती की आस में टकटकी लगाए नदी की ओर देख रहे हैं. इस हादसे ने एक बार फिर गंगा नदी में चलने वाली नावों की सुरक्षा, लाइफ जैकेट की उपलब्धता और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक निगरानी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर केंद्रित है.
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