Punjab Politics : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ एक गंभीर विवाद ने तूल पकड़ लिया है, जिसके चलते राज्य भर में उनके ‘सामाजिक बहिष्कार’ की मांग जोर पकड़ रही है। श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा मुख्यमंत्री के सामाजिक बहिष्कार का आदेश दिए जाने के बाद, शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने सक्रियता दिखाते हुए बठिंडा, नाभा, मोगा और अन्य शहरों में पोस्टर चिपका दिए हैं। इन पोस्टरों में अकाल तख्त के निर्देशों का हवाला देते हुए सिखों से बहिष्कार का आह्वान किया गया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने भी इस दिशा में कदम उठाते हुए धार्मिक संगठनों और कविश्रों के साथ बैठक कर अकाल तख्त के इस निर्णय को जन-जन तक पहुँचाने का निर्देश दिया है।
सीएम मान का दावा: ‘विरोधियों द्वारा रची गई गहरी साजिश’
इस पूरे विवाद का केंद्र एक कथित आपत्तिजनक वीडियो है, जिसे लेकर अकाल तख्त ने इसे सही करार दिया था। इसके विपरीत, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने राजनीतिक विरोधियों की गहरी साजिश बताया है। बुधवार, 24 जून को जारी एक वीडियो बयान में सीएम मान ने स्पष्ट किया कि वायरल हो रहा वीडियो फर्जी है और उन्हें बदनाम करने के लिए जानबूझकर फैलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री का कहना है कि वे इस वीडियो में नहीं हैं और यह पूरी तरह से एक मनगढ़ंत और शरारतपूर्ण प्रचार है, जिसका उद्देश्य उनकी छवि को धूमिल करना है।
हरियाणा पुलिस की कार्रवाई: फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट का खुलासा
सियासी तपिश के बीच हरियाणा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने वीडियो की सत्यता को लेकर एक ‘फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट’ तैयार की थी। इस गिरफ्तारी के बाद से मामला और अधिक गंभीर हो गया है। विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस और भाजपा, इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री पर पूरी तरह हमलावर हैं। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है, जबकि भाजपा ने इस विवाद में भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं।
भाजपा का आरोप: होटल की सीसीटीवी फुटेज से हुआ ‘खुलासा’
भारतीय जनता पार्टी ने गुरुग्राम के एक होटल का सीसीटीवी फुटेज साझा करते हुए मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। भाजपा का आरोप है कि अकाल तख्त के आदेश के बाद मुख्यमंत्री ने लुधियाना के पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर मिलीभगत की और एक फर्जी फॉरेंसिक लैब के मालिकों के साथ डील की। भाजपा ने दावा किया कि ‘आम आदमी पार्टी’ के काले धन का उपयोग कर फॉरेंसिक रिपोर्ट को मैनेज किया गया। क्राउन प्लाजा होटल की फुटेज का हवाला देते हुए भाजपा ने कहा कि सच अब सामने आ चुका है और भगवंत मान का ‘सिख विरोधी चेहरा’ बेनकाब हो गया है।
पंजाब में बढ़ता तनाव और राजनीतिक संकट
यह पूरा घटनाक्रम पंजाब की राजनीति में एक बड़े संकट के रूप में उभर रहा है। एक तरफ धार्मिक मर्यादा का मामला है, तो दूसरी तरफ फॉरेंसिक रिपोर्ट की प्रामाणिकता पर उठते सवाल हैं। विपक्षी पार्टियाँ इसे केवल एक वीडियो का मामला न मानकर इसे सरकारी तंत्र के दुरुपयोग और पवित्र धार्मिक संस्थाओं के अपमान के रूप में देख रही हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद पंजाब की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ मजबूती से डटे हुए हैं।
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