Headline
Agniveer News
Agniveer News : अग्निवीरों को दिवाली का तोहफा, अब नियमित सैनिक बनने का मिलेगा अतिरिक्त मौका
PM Modi Diwali Wishes 2026
PM Modi Diwali Wishes 2026 : दिवाली पर PM मोदी ने देशवासियों को दी बधाई, जवानों संग मनाएंगे त्योहार, अयोध्या में भव्य दीपोत्सव
Ayodhya Deepotsav 2026
Ayodhya Deepotsav 2026 :  अयोध्या में दीपोत्सव की धूम, CM योगी ने की आरती, लाखों दीयों से जगमगाई रामनगरी
Ghaziabad Police Chowki Blast
Ghaziabad Police Chowki Blast : गाजियाबाद पुलिस चौकी धमाका, ‘गाजी 2’ अकाउंट के दावे से मचा हड़कंप, ATS जांच में जुटी
Weight Loss
Weight Loss: वजन घटाने के लिए प्रोटीन क्यों है जरूरी, जानिए इसके फायदे और सही मात्रा
Diwali 2026
Diwali 2026: दिवाली की रात कितने दीपक जलाएं, जानिए घर की किन जगहों पर रखना है शुभ
CBSE Board Exam 2027 Date Sheet OUT, 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं फरवरी से शुरू
Nishikant Dubey Statement : निशिकांत दुबे ने नेहरू पर साधा निशाना
ECMS Scheme 2026 : भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति की तैयारी, 118 नई यूनिट्स से बढ़ेंगे रोजगार और घटेगा आयात

Passport India : पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं, विदेश मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए दी अहम जानकारी

Passport India

Passport India : हाल ही में विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भारतीय पासपोर्ट की प्रकृति को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट मुख्य रूप से विदेश यात्रा के लिए जारी किया गया एक वैध यात्रा दस्तावेज है, जिसे नागरिकता का अंतिम या निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता है। यह बयान उन भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से दिया गया है जिनमें कई लोग पासपोर्ट को नागरिकता का प्राथमिक साक्ष्य मान लेते हैं। अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2025 में विदेश मंत्रालय ने 1.5 करोड़ से अधिक पासपोर्ट और उससे संबंधित सेवाएं प्रदान की हैं, जिनमें अकेले पासपोर्ट जारी करने की संख्या 1.39 करोड़ रही है, जो भारतीयों की बढ़ती वैश्विक सक्रियता को दर्शाता है।

पासपोर्ट सेवा केंद्रों के विस्तार और बढ़ती दक्षता

मंत्रालय ने पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए बुनियादी ढांचे में भारी निवेश किया है। अधिकारी के अनुसार, पुलिस वेरिफिकेशन को छोड़ दिया जाए तो पासपोर्ट जारी करने की मानक प्रक्रिया अब केवल छह कामकाजी दिनों में पूरी हो जाती है। देश भर में फैले पासपोर्ट सेवा केंद्रों (PSK) और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों (POPSK) में आवेदन की प्रक्रिया अब 45 मिनट से भी कम समय में पूरी हो जाती है। पिछले एक दशक में केंद्रों की संख्या में छह गुना वृद्धि दर्ज की गई है; 10 साल पहले जहां केवल 77 केंद्र थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 545 हो गई है। मंत्रालय ने पिछले साल 10 नए POPSK खोले थे और इस वर्ष भी 10 और केंद्रों को खोलने की योजना है।

वैश्विक स्तर पर भारतीय पासपोर्ट की बढ़ती स्वीकार्यता

भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक ताकत में निरंतर वृद्धि हो रही है। अधिकारी के मुताबिक, वर्तमान में 27 ऐसे देश हैं जहां भारतीय नागरिक वीजा-फ्री एंट्री ले सकते हैं, जबकि वर्ष 2019 में यह संख्या मात्र 16 थी। इसके अतिरिक्त, 47 देशों में भारतीयों के लिए ‘वीजा ऑन अराइवल’ और 66 देशों में ई-वीजा की सुविधा उपलब्ध है। मंत्रालय ने यूरोप के प्रमुख देशों के साथ ‘मोबिलिटी एग्रीमेंट’ किए हैं, जो छात्रों, शोधकर्ताओं, पर्यटकों और कारोबारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय आवाजाही को बेहद आसान बनाते हैं। ये समझौते न केवल पर्यटन और शिक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि अवैध प्रवासियों की वापसी के लिए भी एक सुव्यवस्थित तंत्र का निर्माण कर रहे हैं।

नागरिकता कानून: जन्म प्रमाण पत्र और आधार की भूमिका

कानूनी दृष्टिकोण से, केवल पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र या [Aadhaar Redacted] नागरिकता साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। नागरिकता अधिनियम के अनुसार, 1 जुलाई 1987 के बाद भारत में जन्मे किसी भी व्यक्ति के लिए नागरिकता का दावा तब तक मान्य नहीं होता, जब तक उसके माता-पिता में से कम से कम एक भारतीय नागरिक न हो। वर्ष 2013 के बॉम्बे हाई कोर्ट के एक ऐतिहासिक निर्णय में भी यही स्पष्ट किया गया था कि पासपोर्ट और [Aadhaar Redacted] जैसे दस्तावेज होने के बावजूद, अवैध प्रवासियों के मामलों में माता-पिता की भारतीय नागरिकता साबित करना अनिवार्य है।

नागरिकता के लिए पात्रता का निर्धारण

भारतीय कानून के तहत नागरिकता की शर्तें जन्म की तारीख पर निर्भर करती हैं। यदि किसी व्यक्ति का जन्म 26 जनवरी 1950 और 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में हुआ है, तो वह जन्म से भारतीय है। लेकिन 1 जुलाई 1987 के बाद जन्मे व्यक्तियों के लिए माता-पिता की भारतीय नागरिकता का प्रमाण प्रस्तुत करना कानूनी रूप से आवश्यक है। अतः, किसी भी सरकारी दस्तावेज का होना नागरिकता की पूरी कानूनी प्रक्रिया का विकल्प नहीं हो सकता। मंत्रालय का यह स्पष्टीकरण कानूनी जटिलताओं को समझने और नागरिकता से संबंधित भ्रामक सूचनाओं से बचने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Read More :  Shiv Sena UBT : शिवसेना यूबीटी के लिए संकट, संसद में कार्यालय छिनने का बढ़ा खतरा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त जानें धनतेरस पर खरीदारी के लिए बन रहे खास योग, जानें शुभ चौघड़िया 38 साल के हुए विराट कोहली, जानिए उनके करियर की 8 बड़ी उपलब्धियां इस दिवाली बाजार जैसे खूबसूरत दिखेंगे घर के दीये मिट्टी के दीयों से क्यों रोशन करते हैं घर? जानें इसका महत्व