US Iran Peace Deal : अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पश्चिम एशिया में जारी तनाव और जंग की समाप्ति का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. ट्रंप ने बेहद उत्साह के साथ लिखा कि ईरान के साथ शांति समझौता पूरी तरह से संपन्न हो गया है और इस कामयाबी के लिए सभी बधाई के पात्र हैं.
उन्होंने आगे घोषणा की कि इस डील के बाद अब महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) को पूरी तरह खोल दिया जाएगा. इसके साथ ही क्षेत्र में तैनात अमेरिकी नौसेना की सख्त घेरेबंदी को भी हटा लिया जाएगा. इस ऐतिहासिक समझौते पर आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक मुहर लगेगी, जिसकी पुष्टि ईरान की तरफ से भी कर दी गई है. इस पर हस्ताक्षर होने के साथ ही दोनों देशों के बीच 60 दिनों का युद्धविराम (सीजफायर) प्रभावी हो जाएगा, जिसके दौरान परमाणु समझौते को लेकर आगे की बातचीत शुरू की जाएगी.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर ट्रंप की पोस्ट, पाकिस्तान ने जताई खुशी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने खुद के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस डील की बारीकियों को साझा किया. उन्होंने लिखा, “मैं इस बेहद पेचीदा समझौते को अंजाम तक पहुंचाने में शामिल सभी पक्षों का दिल से धन्यवाद करता हूं.” हालांकि, शुरुआती पलों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से इस पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई थी, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पड़ोसी देश पाकिस्तान ने ट्रंप के ऐलान के तुरंत बाद ही इस समझौते के पूरी तरह सफल और कंप्लीट होने की पुष्टि कर दी. इस मध्यस्थता की सफलता से वैश्विक मंच पर शांति की नई उम्मीद जगी है.
दुनिया भर के तेल जहाजों को ट्रंप का संदेश
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को टोल-फ्री यानी पूरी तरह से मुफ्त खोलने का ऐलान करता हूं. इसके साथ ही मैं अमेरिकी नौसेना को निर्देश दे रहा हूं कि वे होर्मुज क्षेत्र से अपनी नाकेबंदी और उपस्थिति को तुरंत हटा लें. दुनिया भर के व्यापारिक और तेल जहाजों को संदेश देते हुए ट्रंप ने कहा कि अब वे अपने जहाजों के इंजन स्टार्ट कर लें और वैश्विक तेल कारोबार को बिना किसी डर के सुचारू रूप से शुरू होने दें. ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में स्पष्ट किया कि शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में समझौते पर आधिकारिक मुहर लगते ही होर्मुज को आम जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा.
ईरान की शर्तें और उप-विदेश मंत्री का बड़ा बयान
इस पूरे मामले पर ईरान का रुख भी सामने आ चुका है. ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया कि शुक्रवार को होने वाले मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के बाद तेहरान और वॉशिंगटन के बीच 60 दिनों की आगामी बातचीत पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका अपने तीन प्रमुख वादे समय पर पूरे करे.
ईरान की सबसे बड़ी और मुख्य मांग यह है कि अमेरिका द्वारा फ्रीज (जब्त) किए गए ईरान के अरबों डॉलर के फंड को तुरंत जारी किया जाए. गरीबाबादी ने कड़े शब्दों में कहा कि इन शर्तों में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह खत्म करना, सैन्य अभियानों और युद्ध जैसी स्थिति को समाप्त करना तथा वित्तीय फंड की बहाली शामिल है. उन्होंने साफ किया कि जब ईरान इन वित्तीय और सुरक्षा कदमों की पुष्टि कर लेगा, तभी दोनों देशों के बीच तकनीकी वर्किंग-ग्रुप की वार्ता आगे बढ़ सकेगी.
मध्यस्थ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का बयान
इस बीच, दोनों महाशक्तियों के बीच मध्यस्थता की कमान संभाल रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस कूटनीतिक सफलता पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा कि एक बेहद लंबी, जटिल और सघन बातचीत के बाद हमें दुनिया को यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान आखिरकार एक व्यापक शांति समझौते पर सहमत हो गए हैं. शहबाज शरीफ ने आगे जानकारी दी कि समझौते के तहत दोनों ही पक्ष लेबनान सहित दुनिया के तमाम युद्धग्रस्त मोर्चों पर तत्काल और स्थायी तौर पर सैन्य कार्रवाई रोकने और पूर्ण युद्धविराम लागू करने के लिए पूरी तरह राजी हो गए हैं.
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