Headline
Jantar Mantar Terror Plot
Jantar Mantar Terror Plot: जंतर-मंतर आतंकी हमले की साजिश नाकाम, ISI मॉड्यूल का खुलासा, 9 आरोपी गिरफ्तार
RBI Repo Rate Update
RBI Repo Rate Update: RBI ने Repo Rate 5.25% पर रखा स्थिर, लोन EMI में राहत नहीं
Article 370
Article 370: आर्टिकल 370 हटाने से पहले का सीक्रेट मिशन, इन 7 चेहरों ने निभाई अहम भूमिका
Food Cravings
Food Cravings: चॉकलेट और मीठा खाने का मन क्यों करता है? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
Shravan Amavasya 2026
Shravan Amavasya 2026: सावन अमावस्या कब है? जानें तिथि, मुहूर्त और पूजा के नियम
Mangal Milan Meeting
BJP Mangal Milan Meeting: मांडविया ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां, UPA पर साधा निशाना
Amit Shah Big Statement
Amit Shah Big Statement: 7 साल में 36 देशों से लौटे 275 भगोड़े अपराधी, शाह ने गिनाईं उपलब्धियां
Lok Sabha
Lok Sabha: ध्वनिमत से पास हुआ विनियोग विधेयक 2026, विपक्ष ने चर्चा का किया बहिष्कार
Bypoll Results
Bypoll Results : उपचुनाव नतीजों पर BJP में मंथन, नितिन नवीन बोले- नई ऊर्जा और संकल्प के साथ जनता के बीच जाएंगे

Yoga Meditation : योग में ॐ उच्चारण क्यों जरूरी है, जानिए इसके आध्यात्मिक और मानसिक फायदे

oga Meditation

Yoga Meditation :  हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में पूरी दुनिया भारतीय संस्कृति के इस अनमोल उपहार को मनाती है। योग केवल शारीरिक व्यायाम का नाम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा के मिलन की एक प्राचीन विधा है। योग के किसी भी सत्र की शुरुआत या समाप्ति प्रायः ‘ॐ’ के गुंजायमान उच्चारण के साथ होती है। क्या आपने कभी विचार किया है कि इस एक ध्वनि में ऐसा क्या जादू है? वास्तव में, योग में ॐ का महत्व केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा वैज्ञानिक, दार्शनिक और आध्यात्मिक आधार छिपा है। यह ध्वनि साधक को बाहरी दुनिया से काट कर उसकी आंतरिक चेतना से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।

ॐ: सृष्टि का मूल और प्रणव मंत्र का अर्थ

सनातन धर्म में ‘ॐ’ को केवल एक शब्द नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की ‘मूल ध्वनि’ या ‘प्रणव मंत्र’ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पवित्र ध्वनि तीन मुख्य अक्षरों—’अ’, ‘उ’, और ‘म’—से मिलकर बनी है। ‘अ’ सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा का, ‘उ’ जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु का और ‘म’ संहारकर्ता भगवान शिव का प्रतीक है। इस प्रकार, ॐ का उच्चारण संपूर्ण ब्रह्मांड की त्रिमूर्ति और उसकी ऊर्जा को अपने भीतर समाहित करने जैसा है। इसे संपूर्ण सृष्टि की चेतना का प्रतिनिधित्व करने वाली ध्वनि माना गया है, जो ब्रह्मांड के हर कण में स्पंदित हो रही है।

योग साधना में एकाग्रता और मानसिक शांति का आधार

योग का मूल उद्देश्य मन की चंचलता को शांत करना और स्वयं की अंतरात्मा से जुड़ना है। जब हम योग की शुरुआत ॐ के उच्चारण से करते हैं, तो यह हमारे मस्तिष्क में एक विशेष प्रकार का कंपन उत्पन्न करता है। यह कंपन मन को बाहरी तनाव, चिंताओं और कोलाहल से हटाकर एकाग्रता की स्थिति में ले आता है। योग से पहले ॐ का जाप व्यक्ति को वर्तमान क्षण में स्थिर करता है। इससे मन शांत होता है, सांसें व्यवस्थित होती हैं और शरीर योग के गहन अभ्यासों को स्वीकार करने के लिए तैयार हो जाता है। यह मानसिक संतुलन योग को और अधिक प्रभावी और लाभप्रद बना देता है।

ग्रंथों में वर्णित आध्यात्मिक चेतना का मार्ग

हिंदू धर्मग्रंथों जैसे वेद, उपनिषद और भगवद्गीता में ॐ की महिमा का विस्तार से वर्णन मिलता है। वेदों के अनुसार, सृष्टि की उत्पत्ति के समय गूंजने वाली यह पहली ध्वनि थी। आध्यात्मिक दृष्टि से, ॐ का नियमित जाप व्यक्ति के भीतर सुप्त पड़ी आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने में सहायक होता है। यह साधक को ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण की भावना से भर देता है। योगियों का मानना है कि ॐ का उच्चारण हृदय चक्र को खोलने और शरीर के भीतर ऊर्जा के प्रवाह (प्राण) को शुद्ध करने का कार्य करता है, जिससे आत्मिक शांति प्राप्त होती है।

सकारात्मक ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का संदेश

ॐ का उच्चारण न केवल व्यक्ति के मन को शांत करता है, बल्कि यह आसपास के संपूर्ण वातावरण में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। यह नकारात्मक विचारों और भारीपन को दूर करने में अत्यंत प्रभावी है। आज के इस व्यस्त युग में, जहाँ मानसिक तनाव आम है, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हमें ॐ के माध्यम से आंतरिक शांति खोजने का संदेश देता है। यह ध्वनि हमें याद दिलाती है कि हम बाहरी भागदौड़ के बीच भी अपने भीतर की शांति को सुरक्षित रख सकते हैं। वास्तव में, ॐ का जाप ही वह सरल साधन है जो व्यक्ति को स्वयं से, समाज से और अंततः ब्रह्मांड से जोड़ने में सक्षम है।

Read More  :  International Yoga Day : ‘50 की उम्र में भी 30 जैसी ऊर्जा’, पीएम मोदी ने बताया योग को जीवन का आधार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
घर की सूनी दीवार को बनाएं हराभरा ग्रीन साड़ी में रॉयल और ट्रेंडी दिखने के लिए अपनाएं ये तरीके पिंपल्स वाली स्किन के लिए मेकअप के आसान टिप्स पहले सावन सोमवार की पूजा ऐसे करें सफल कहां से आया फ्रेंडशिप डे का विचार?