Headline
Hardeep Singh Puri
Hardeep Singh Puri मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे, कांग्रेस की आपत्तियां खारिज, निर्विरोध जीत दर्ज
Agniveer Scheme New Rules: अग्निवीरों को मिलेगा दो साल एक्सटेंशन, शादी की अनुमति पर भी विचार
CAIT Protest
CAIT Protest: राहुल गांधी को व्यापारियों की चेतावनी, देशभर में मनाया जाएगा धिक्कार दिवस
Supreme Court Arrest Verdict
Supreme Court Arrest Verdict : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पुलिस हिरासत के 24 घंटे नियम पर बदला कानून
Chirag Paswan
Chirag Paswan: चिराग पासवान ने फिर दिखाई बगावती तेवर, BJP पर उठाए सवाल
Kiren Rijiju Rahul Gandhi
Kiren Rijiju Rahul Gandhi: राहुल गांधी को रिजिजू की सात शर्तें, बोले- कांग्रेस ज्यादा सांसद जिताना चाहती है तो
Child Swallowed Object : बच्चे ने निगल ली बैटरी या सिक्का? तुरंत अपनाएं ये जरूरी कदम
Choti Diwali 2026
Choti Diwali 2026 Date : छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली एक ही दिन, जानिए सही तारीख
CM Yogi on Congress
CM Yogi on Congress: योगी ने कांग्रेस से मांगा आपातकाल पर माफी का जवाब, विपक्ष पर साधा निशाना

AI Impact Summit 2026: दिल्ली में एआई महाकुंभ! पीएम मोदी ने बताया कैसे भारत बनेगा ग्लोबल एआई लीडर

AI Impact Summit 2026

AI Impact Summit 2026: राजधानी दिल्ली का भारत मंडपम आज एक ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एआई इम्पैक्ट लीडरशिप समिट 2026’ का औपचारिक उद्घाटन किया। सुबह लगभग 9:40 बजे शुरू हुआ यह शिखर सम्मेलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े मंचों में से एक है। इस उद्घाटन सत्र की गरिमा बढ़ाने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस जैसी विश्वविख्यात हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले पीएम मोदी ने वैश्विक उद्योग जगत के कप्तानों और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर भारत की तकनीकी प्रगति पर चर्चा की। यह समिट वैश्विक सहयोग और एआई के भविष्य को लेकर एक नई दिशा तय करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।

AI Impact Summit 2026 : इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो और सीईओ गोलमेज सम्मेलन: पीएम का व्यस्त शेड्यूल

उद्घाटन सत्र के पश्चात प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम काफी व्यापक है। सुबह 11 बजे के करीब वे अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो’ का दौरा करेंगे। इस प्रदर्शनी में दुनिया भर के देशों ने अपने पवेलियन लगाए हैं, जहाँ एआई-संचालित अत्याधुनिक नवाचारों और समाधानों को प्रदर्शित किया गया है। दोपहर के समय प्रधानमंत्री ‘नेताओं के पूर्ण सत्र’ (Plenary Session) में भाग लेंगे, जिसमें एआई के वैश्विक शासन तंत्र, बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की रूपरेखा पर गहन मंथन होगा। दिन का समापन शाम 5:30 बजे एक महत्वपूर्ण सीईओ गोलमेज सम्मेलन के साथ होगा, जिसमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी दिग्गज तकनीकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी प्रधानमंत्री के साथ एआई के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों पर चर्चा करेंगे।

AI Impact Summit 2026: सत्यता और सुरक्षा पर जोर: वॉटरमार्क और ‘चाइल्ड सेफ’ एआई का आह्वान

शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल दुनिया में ‘कंटेंट की प्रमाणिकता’ (Authenticity) पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रति लोगों का विश्वास तभी बढ़ेगा जब वे असली और नकली के बीच भेद कर पाएंगे। पीएम ने बढ़ती वॉटरमार्क परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि यह तकनीक में शुरू से ही अंतर्निहित (Built-in) होनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने एआई को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाने का कड़ा संदेश दिया। पीएम ने तर्क दिया कि जिस प्रकार स्कूलों का सिलेबस मानक (Standard) होता है, उसी तरह एआई स्पेस भी ‘चाइल्ड सेफ’ और ‘फैमिली गाइडेड’ होना चाहिए। उनका स्पष्ट मानना है कि तकनीक के विकास के साथ-साथ नैतिक सुरक्षा के मानकों को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

भय नहीं, भविष्य: भारत की एआई क्षमताओं पर पीएम का भरोसा

प्रधानमंत्री ने एआई को लेकर दुनिया में व्याप्त दो दृष्टिकोणों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “दुनिया में कुछ लोग एआई में भय (Fear) देखते हैं, जबकि कुछ इसमें भाग्य (Fortune) देखते हैं। मुझे गर्व है कि भारत को एआई में डर नहीं, बल्कि अपना भाग्य और उज्ज्वल भविष्य नजर आता है।” उन्होंने भारत के पास मौजूद विशाल टैलेंट पूल, ऊर्जा और स्पष्ट नीतिगत ढांचे (Policy Clarity) को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। खुशी व्यक्त करते हुए पीएम ने जानकारी दी कि इस समिट के दौरान तीन भारतीय कंपनियों ने अपने स्वदेशी एआई मॉडल और ऐप्स लॉन्च किए हैं, जो भारतीय युवाओं की रचनात्मकता और देश की बढ़ती तकनीकी गहराई का जीवंत प्रतिबिंब हैं।

एआई: मानव इतिहास का एक नया ‘टर्निंग प्वाइंट’

पीएम मोदी ने एआई की तुलना मानव इतिहास के उन महत्वपूर्ण मोड़ों से की जिन्होंने सभ्यता की दिशा बदल दी। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे पत्थर से निकली चिंगारी ने ‘आग’ के रूप में सभ्यता को बदला, जैसे संकेतों के भाषा में बदलने से ज्ञान का प्रसार हुआ और जैसे सूचना क्रांति ने आधुनिक दुनिया को गढ़ा, ठीक वैसे ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास का एक नया ‘ट्रांसफॉर्मेशन’ है। उनके अनुसार, वर्तमान में हम जो कुछ भी देख रहे हैं, वह एआई की असीमित संभावनाओं का महज एक शुरुआती संकेत है। यह तकनीक आने वाली सदियों तक मानव विकास की कहानी लिखेगी।

मशीन-केंद्रित नहीं, मानव-केंद्रित एआई: विनाश बनाम समाधान

प्रधानमंत्री ने एक बहुत ही दार्शनिक और महत्वपूर्ण विचार साझा किया। उन्होंने कहा कि एआई केवल मशीनों को तेज नहीं बना रही, बल्कि यह मानव सामर्थ्य (Human Potential) को कई गुना बढ़ा रही है। उन्होंने एआई को एक ‘युगांतकारी शक्ति’ बताया और इसकी तुलना परमाणु ऊर्जा (Nuclear Power) से की। पीएम ने चेतावनी देते हुए कहा, “दिशाहीन एआई विनाश ला सकती है, लेकिन अगर इसे सही दिशा मिली, तो यह मानवता की सबसे जटिल समस्याओं का समाधान बनेगी।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को ‘मशीन-सेंट्रिक’ के बजाय ‘मानव-सेंट्रिक’ और संवेदनशील बनाना ही इस समिट का मुख्य उद्देश्य है।

140 करोड़ भारतीयों का उत्साह: एआई को अपनाने की रिकॉर्ड गति

अंत में, प्रधानमंत्री ने भारत की ‘अडॉप्टेबिलिटी’ (अपना लेने की क्षमता) की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत उन दुर्लभ देशों में शामिल है जो नई तकनीक का न केवल निर्माण करते हैं, बल्कि उसे रिकॉर्ड गति से अपनाते भी हैं। उन्होंने कृषि सुरक्षा (Agri-Security) से लेकर जटिल तकनीकी चुनौतियों तक में युवाओं की भागीदारी को सराहा। पीएम ने गर्व के साथ कहा कि 100 से अधिक देशों की भागीदारी और एआई जगत के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी इस समिट को सफल बनाती है। युवा पीढ़ी द्वारा एआई को जिस भरोसे के साथ अपनाया गया है, वह अभूतपूर्व है और यही ऊर्जा भारत को वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी बनाएगी।

Read More: Shivaji Jayanti 2026: शिवाजी महाराज का वो समुद्री मास्टरप्लान, जिसने अंग्रेजों और पुर्तगालियों की उड़ा दी थी नींद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
38 साल के हुए विराट कोहली, जानिए उनके करियर की 8 बड़ी उपलब्धियां इस दिवाली बाजार जैसे खूबसूरत दिखेंगे घर के दीये मिट्टी के दीयों से क्यों रोशन करते हैं घर? जानें इसका महत्व गुलमर्ग से औली तक, न्यू ईयर पर इन जगहों का करें दीदार कभी दाल में पानी मिलाकर खाते थे शाहरुख खान