Headline
Ram Mandir Controversy :
Ram Mandir Controversy : राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई, ट्रस्ट की मांग पर SIT गठित
PoK Protest
PoK Protest : पीओके में भड़की आजादी की चिंगारी, शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को बताया आतंकवादी
TMC Rebel MP
TMC Rebel MP : टीएमसी में बगावत तेज! Sudip Bandyopadhyay पहुंचे Bhupender Yadav से मिलने
Lt Gen Dhiraj Seth Army Chief
Lt Gen Dhiraj Seth Army Chief होंगे नए सेना प्रमुख, 30 जून से संभालेंगे भारतीय सेना की कमान
INDIA Alliance Rift
INDIA Alliance Rift : INDIA गठबंधन की फूट उजागर, लेफ्ट ने पूछा- राहुल गांधी केरल सीएम को गले क्यों नहीं लगाते?
Demographic Change
Demographic Change : देश में डेमोग्राफी बदलाव के अध्ययन के लिए उच्चस्तरीय समिति बनेगी, अमित शाह ने दिए सख्त निर्देश
Vikram 1 Rocket Launch
Vikram 1 Rocket Launch : भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-I’ तैयार, श्रीहरिकोटा से रचा जाएगा इतिहास
PM Modi France Visit
PM Modi France Visit : फ्रांस में मैक्रों संग मुलाकात और जी7 समिट, पीएम मोदी के एजेंडे में क्या?
US Iran Conflict
US Iran Conflict : डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों पर भड़का ईरान, अमेरिका पर लगाया भारतीय नाविकों की हत्या का आरोप

US Iran Conflict : पाकिस्तान की बड़ी कूटनीतिक कोशिश, गृहमंत्री मोहसिन नकवी विशेष संदेश लेकर पहुंचे तेहरान

US Iran Conflict

US Iran Conflict : क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी एक बार फिर ईरान की राजधानी तेहरान की यात्रा पर पहुंच गए हैं। नकवी की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील संदेश ईरानी नेतृत्व तक पहुंचाना है। पाकिस्तान की शीर्ष निर्णयकर्ताओं और नीति निर्धारकों में से एक माने जाने वाले मोहसिन नकवी का यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि जबसे ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की स्थिति बनी है, तबसे यह उनकी तीसरी ईरान यात्रा है। इस हाई-प्रोफाइल दौरे पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

मोज्तबा खामेनेई को सौंपेंगे विशेष पत्र

ईरान की आधिकारिक ‘तस्नीम न्यूज एजेंसी’ द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, मोहसिन नकवी पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और देश के प्रधानमंत्री की ओर से मोज्तबा खामेनेई को एक विशेष गोपनीय पत्र सौंपने के लिए तेहरान पहुंचे हैं। खुद मोहसिन नकवी ने इस बात की पुष्टि करते हुए मीडिया से कहा, ‘मैं पाकिस्तान के सेना प्रमुख और प्रधानमंत्री की ओर से मोज्तबा खामेनेई के लिए एक अत्यंत विशेष पत्र लेकर ईरान आया हूं।’ राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान नकवी की ईरान के शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के साथ कई दौर की द्विपक्षीय बैठकें भी निर्धारित हैं, जिनमें सुरक्षा और शांति बहाली पर चर्चा होगी।

नाजुक मोड़ पर पहुंचा अमेरिका-ईरान सीजफायर

पाकिस्तानी गृहमंत्री का यह महत्वपूर्ण तेहरान दौरा ऐसे संवेदनशील समय में हो रहा है, जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रही पर्दे के पीछे की बातचीत बेहद नाजुक मोड़ पर खड़ी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान के शीर्ष नेतृत्व को कड़े लहजे में धमकियां दे रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिकी प्रशासन ने सीजफायर के लिए ईरान के सामने अपने संवर्धित यूरेनियम (इनरिच्ड यूरेनियम) को देश से बाहर भेजने की एक बेहद कड़वी और अनिवार्य शर्त रख दी है। इसके अलावा, खुद अमेरिकी राजनीतिक गलियारों के भीतर ही इस पूरे विवाद में पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका और उसकी निष्पक्षता पर लगातार गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।

ट्रंप प्रशासन और ईरानी राष्ट्रपति से लगातार संपर्क

पाकिस्तान पिछले लंबे समय से अमेरिका और ईरान दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ लगातार कूटनीतिक संपर्क बनाए हुए है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस संकट को टालने के लिए एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, मार्को रुबियो और जेडी वेंस से बातचीत कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ वे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और विदेश मंत्री अराघची के साथ भी निरंतर संवाद में हैं। हालांकि, इन तमाम भारी प्रयासों के बावजूद अब तक दोनों महाशक्तियों के बीच किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका है। ऐसे में कूटनीतिक विश्लेषक पाकिस्तान को दोनों देशों के बीच सफल मध्यस्थता कराने में पूरी तरह फेल मान रहे हैं।

होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी के बीच वार्ता का प्रयास

मोहसिन नकवी एक ऐसे भयावह माहौल के बीच तेहरान पहुंचे हैं, जब ईरान लगातार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर और बहरीन जैसे खाड़ी देशों पर मिसाइलें दाग रहा है। वैश्विक व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाने वाला ‘होर्मुज स्ट्रेट’ अभी भी पूरी तरह से बंद पड़ा है, जिसका सीधा और बेहद बुरा असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति पर पड़ रहा है। हालांकि, इस पूरे तनाव के बीच वैश्विक राहत की एकमात्र बात यह है कि गत 8 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच हुआ अस्थायी संघर्षविराम बेहद नाजुक स्थितियों के बावजूद अभी भी जमीनी स्तर पर लागू है, जिससे पूर्ण युद्ध टला हुआ है।

Read more :  India Fertility Rate : एलोन मस्क ने जताई चिंता, भारत की प्रजनन दर रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे पहुंची

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
कामाख्या मंदिर दर्शन के लिए बेहतरीन बजट ऑफर ढाबे जैसा पनीर पराठा घर पर कैसे बनाएं राजस्थान में आज भी राबड़ी है पहली पसंद गर्मी में Hot Coffee से मिलती है ठंडक? स्किन ऑयली है?