Headline
Ram Mandir Controversy :
Ram Mandir Controversy : राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई, ट्रस्ट की मांग पर SIT गठित
PoK Protest
PoK Protest : पीओके में भड़की आजादी की चिंगारी, शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को बताया आतंकवादी
TMC Rebel MP
TMC Rebel MP : टीएमसी में बगावत तेज! Sudip Bandyopadhyay पहुंचे Bhupender Yadav से मिलने
Lt Gen Dhiraj Seth Army Chief
Lt Gen Dhiraj Seth Army Chief होंगे नए सेना प्रमुख, 30 जून से संभालेंगे भारतीय सेना की कमान
INDIA Alliance Rift
INDIA Alliance Rift : INDIA गठबंधन की फूट उजागर, लेफ्ट ने पूछा- राहुल गांधी केरल सीएम को गले क्यों नहीं लगाते?
Demographic Change
Demographic Change : देश में डेमोग्राफी बदलाव के अध्ययन के लिए उच्चस्तरीय समिति बनेगी, अमित शाह ने दिए सख्त निर्देश
Vikram 1 Rocket Launch
Vikram 1 Rocket Launch : भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-I’ तैयार, श्रीहरिकोटा से रचा जाएगा इतिहास
PM Modi France Visit
PM Modi France Visit : फ्रांस में मैक्रों संग मुलाकात और जी7 समिट, पीएम मोदी के एजेंडे में क्या?
US Iran Conflict
US Iran Conflict : डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों पर भड़का ईरान, अमेरिका पर लगाया भारतीय नाविकों की हत्या का आरोप

Heart Patients Exercises : हार्ट पेशंट्स के लिए वरदान हैं ये चार आसान एक्सरसाइज, दिल रहेगा हमेशा मजबूत 

Heart Patients Exercises

हार्ट यानी दिल से जुड़ी विभिन्न बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं में सही तरीके से एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी और फायदेमंद माना जाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित रूप से की जाने वाली शारीरिक गतिविधि न सिर्फ इंसानी दिल की मांसपेशियों को फौलाद जैसा मजबूत बनाने में मदद करती है, बल्कि इससे पूरे शरीर को अन्य कई प्रकार के चमत्कारी फायदे भी मिलते हैं। हालांकि, कार्डियक मरीजों को वर्कआउट करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि सही तरीके, उचित समय और डॉक्टरों की देखरेख में एक्सरसाइज की जाए, तो यह दिल की कार्यप्रणाली (कार्डियोवस्कुलर हेल्थ) को काफी हद तक बेहतर बनाने में मदद कर सकती है और भविष्य में आने वाले हार्ट अटैक के खतरों को टाल सकती है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट: बीपी होगा कंट्रोल और बैड कोलेस्ट्रॉल से मिलेगी मुक्ति

दुनिया की प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्था ‘अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन’ (AHA) के एक हालिया शोध के अनुसार, जो लोग लगातार और बिना नागा किए शारीरिक गतिविधियों में शामिल रहते हैं, उनका हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) प्राकृतिक रूप से कम हो जाता है। नियमित कसरत करने से पूरे शरीर में खून का बहाव (ब्लड सर्कुलेशन) सुचारू होता है और नसों की कार्यप्रणाली में तेजी से सुधार होता है। इसके अलावा, एक्सरसाइज करने से शरीर में ‘गुड कोलेस्ट्रॉल’ (HDL) की मात्रा बढ़ती है, जबकि धमनियों को ब्लॉक करने वाला खतरनाक ‘बैड कोलेस्ट्रॉल’ (LDL) तेजी से कम होने लगता है। कसरत के जरिए बढ़ते वजन और बढ़े हुए ब्लड शुगर को भी आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है, जिससे मरीज का मूड, एनर्जी लेवल और रात की नींद भी काफी बेहतर हो जाती है।

ब्रिस्क वॉक है सबसे सुरक्षित और सरल उपाय, धीरे-धीरे बढ़ाएं चलने का समय

दिल के मरीजों के लिए ‘ब्रिस्क वॉक’ यानी तेज कदमों से टहलना सबसे फायदेमंद और पूरी तरह सुरक्षित वर्कआउट में से एक माना गया है। इस साधारण सी कसरत की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे करते समय शरीर के नाजुक जोड़ों पर ज्यादा जोर या अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता है। नियमित रूप से की जाने वाली ब्रिस्क वॉक शरीर में रक्त के थक्के जमने से रोकती है, खून के बहाव को बनाए रखती है और दिल की धड़कन (हार्ट रेट) को पूरी तरह संतुलित रखती है। इसे करने के लिए आपको किसी महंगे जिम जाने की भी आवश्यकता नहीं है। शुरुआत में मरीजों को हर बार 10 से 15 मिनट तक बिल्कुल सामान्य गति से चलना चाहिए, और फिर धीरे-धीरे क्षमता के अनुसार इसे बढ़ाकर रोजाना 30 मिनट तक ले जाना चाहिए।

साइकिलिंग से जोड़ों को मिलेगी राहत, फिटनेस वॉच से धड़कन मॉनिटर करना आसान

साइकिल चलाना भी दिल की सेहत को दुरुस्त रखने का एक बेहतरीन और मजेदार तरीका है। साइकिलिंग करने से घुटनों और टखनों के जोड़ों पर बहुत कम जोर पड़ता है, और साथ ही कार्डियोवस्कुलर सिस्टम को इसके अद्भुत फायदे मिलते हैं। आजकल की आधुनिक तकनीक जैसे फिटनेस वॉच या स्मार्ट बैंड के माध्यम से आप साइकिल चलाते समय अपने दिल की धड़कन और पल्स रेट को आसानी से लाइव मॉनिटर भी कर सकते हैं। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, जिन मरीजों को गठिया (आर्थराइटिस) या शरीर का संतुलन बनाने में कोई गंभीर समस्या है, उनके लिए हवाई या स्टैटिक (एक जगह खड़ी रहने वाली) साइकिलिंग सबसे बेस्ट और सुरक्षित वर्कआउट साबित होती है।

तैराकी है लो-इम्पैक्ट एरोबिक एक्सरसाइज, पानी में तैरने से कम होगी नसों की सूजन

तैराकी यानी की स्विमिंग दिल के पुराने मरीजों के लिए एक अत्यंत सुरक्षित, लो-इम्पैक्ट (कम दबाव वाली) और पूरी तरह प्रभावी एरोबिक एक्सरसाइज है। जब कोई व्यक्ति पानी में उतरता है, तो पानी का प्राकृतिक उछाल उसके शरीर के वास्तविक वजन को खुद संभाल लेता है। इसके चलते हृदय और हड्डियों के जोड़ों पर कोई अतिरिक्त या हानिकारक दबाव डाले बिना ही व्यक्ति की कार्डियोवस्कुलर फिटनेस में जादुई सुधार होने लगता है। रोजाना कुछ देर पानी में तैरने से शरीर की सभी सोई हुई नसें जाग्रत हो जाती हैं, खून का बहाव बहुत ज्यादा बेहतर होता है और शरीर के अंदरूनी अंगों व पैरों में आई हुई पुरानी सूजन भी धीरे-धीरे कम होने लगती है।

योग से बढ़ेगा रक्त वाहिकाओं का लचीलापन, मानसिक तनाव दूर कर स्थिर होगी हृदय गति

प्राचीन भारतीय पद्धति ‘योग’ आपके समग्र हृदय स्वास्थ्य को सुधारने के लिए ब्रह्मांड का एक बेहतरीन और अचूक वर्कआउट है। नियमित रूप से योगाभ्यास, प्राणायाम और ध्यान करने से शरीर की मुख्य रक्त वाहिकाओं (धमनियों और शिराओं) में लचीलापन बहुत तेजी से बढ़ता है। धमनियों का यह लचीलापन हाई ब्लड प्रेशर को बिना दवाओं के नियंत्रित करने में बेहद मददगार साबित होता है। योग न सिर्फ मानसिक तनाव, अवसाद और गुस्से को शांत करता है, बल्कि यह हृदय की पंपिंग क्षमता को भी बेहतर बनाता है। इसके नियमित अभ्यास से आराम की स्थिति (रेस्टिंग मोड) में भी मरीज की हृदय गति पूरी तरह स्थिर और सामान्य बनी रहती है।

Read More : Twisha Sharma Case : ट्विशा केस में बड़ा यू-टर्न, हाईकोर्ट से झटका लगते ही पूर्व जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
कामाख्या मंदिर दर्शन के लिए बेहतरीन बजट ऑफर ढाबे जैसा पनीर पराठा घर पर कैसे बनाएं राजस्थान में आज भी राबड़ी है पहली पसंद गर्मी में Hot Coffee से मिलती है ठंडक? स्किन ऑयली है?