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Twisha Sharma Case : ट्विशा केस में बड़ा यू-टर्न, हाईकोर्ट से झटका लगते ही पूर्व जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार

Twisha Sharma Case

Twisha Sharma Case : हाईप्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बहुत बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। मामले की मुख्य आरोपी और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी हिरासत में ले लिया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत अर्जी को सिरे से खारिज किए जाने के तुरंत बाद सीबीआई की एक विशेष टीम भोपाल स्थित उनके आवास पर दबिश देने पहुंची। कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए टीम उन्हें अपने साथ ले गई, जिसके बाद सुरक्षा घेरे में आरोपी गिरिबाला सिंह को अनिवार्य मेडिकल जांच के लिए भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ले जाया गया। इस गिरफ्तारी के बाद से इस संवेदनशील मामले में न्याय की आस लगाए बैठे मृतका के परिवार को एक बड़ी उम्मीद बंधी है।

‘टनल व्यू’ तकनीक से री-कंस्ट्रक्शन: ट्विशा के आखिरी लम्हों का सच खंगाल रही सीबीआई

गिरफ्तारी से पहले सीबीआई की फोरेंसिक और जांच टीम ने कटारा हिल्स स्थित उस घर का गहन मुआयना किया, जहां यह दर्दनाक घटना घटी थी। ट्विशा शर्मा के जीवन के अंतिम घंटों की कड़ियों को आपस में जोड़ने के लिए जांच एजेंसी ने आधुनिक ‘टनल व्यू’ (Tunnel View) जांच पद्धति का इस्तेमाल किया है। इस अत्याधुनिक वैज्ञानिक तकनीक के जरिए सीबीआई पूरे घर का एक विस्तृत वर्चुअल री-कंस्ट्रक्शन (आभासी पुनर्निर्माण) कर रही है।

इसका मुख्य उद्देश्य यह सटीकता से समझना है कि ट्विशा के आखिरी वक्त में घर के भीतर और आस-पास किस तरह की गतिविधियां हो रही थीं। कौन व्यक्ति किस समय घर में दाखिल हुआ और कब बाहर गया, इसका पूरा लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है। इसके लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और इंटरनेट हिस्ट्री की बेहद बारीकी से फोरेंसिक मैपिंग की जा रही है।

मध्य प्रदेश पुलिस से सीबीआई के हाथ में आई कमान: पति समर्थ सिंह पहले से ही हिरासत में

सीबीआई ने चालू सप्ताह की शुरुआत में ही मध्य प्रदेश पुलिस से इस हाईप्रोफाइल मामले की डायरी और पूरी तफ्तीश अपने हाथों में ले ली थी। मामले में ट्विशा के पति और पेशे से वकील समर्थ सिंह को सीबीआई पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वे फिलहाल एजेंसी की सख्त रिमांड पर हैं। इससे पहले, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के उस फैसले को पूरी तरह पलट दिया, जिसमें पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को उनकी बहू की दहेज मृत्यु के गंभीर मामले में अग्रिम जमानत की सुरक्षा दी गई थी।

बुधवार को जारी किए गए कड़े आदेश में हाई कोर्ट ने भोपाल की सत्र अदालत द्वारा बीते 15 मई को दी गई अंतरिम राहत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। उच्च न्यायालय ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जमानत की अर्जी मंजूर करते समय केस डायरी और चश्मदीदों के बयानों जैसे महत्वपूर्ण कानूनी बिंदुओं को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया था।

जस्टिस देव नारायण मिश्रा का सख्त रुख: निचली अदालत की गंभीर कमियों पर उठाई उंगली

हाई कोर्ट के माननीय न्यायाधीश जस्टिस देव नारायण मिश्रा ने भोपाल सत्र न्यायालय के अग्रिम जमानत के आदेश को निरस्त करते हुए मातहत अदालत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि निचली अदालत मामले से जुड़ी मूल केस डायरी, गवाहों के महत्वपूर्ण बयानों और सबसे अहम सबूत यानी दोनों पक्षों के बीच हुई व्हाट्सएप (WhatsApp) चैट की गहराई से पड़ताल करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई थी।

उच्च न्यायालय ने समूचे मामले की नए सिरे से न्यायिक समीक्षा करने के बाद पाया कि सत्र न्यायालय के फैसले में प्रक्रियात्मक और कानूनी तौर पर बेहद गंभीर कमियां थीं। खंडपीठ ने यह भी रेखांकित किया कि ट्रायल कोर्ट ने उन अहम दस्तावेजी साक्ष्यों को नजरअंदाज कर दिया, जो इस पूरी साजिश में सीधे तौर पर गिरिबाला सिंह की संलिप्तता की ओर साफ इशारा कर रहे थे।

कटारा हिल्स में फंदे से लटकी मिली थी लाश: प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न का संगीन मामला

उल्लेखनीय है कि 33 वर्षीय युवा ट्विशा शर्मा की लाश बीती 12 मई की रहस्यमयी रात को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके ससुराल में फांसी के फंदे से लटकती हुई बरामद हुई थी। घटना की शुरुआती जांच में ही पुलिस को मामला आत्महत्या के बजाय अत्यधिक संदिग्ध प्रतीत हुआ था। इसके तुरंत बाद मृतका के मायके वालों ने ट्विशा के पति, सास और अन्य ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और मोटी रकम की मांग को लेकर उसका शारीरिक उत्पीड़न भी हो रहा था। इन गंभीर आरोपों के आधार पर ही भोपाल पुलिस ने शुरुआत में 15 मई को संबंधित धाराओं के तहत दहेज मृत्यु (Dowry Death) और घरेलू क्रूरता की एफआईआर दर्ज की थी, जिसकी कमान अब देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी के हाथों में है।

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