PM Modi Appeal : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों के बीच 24 घंटे के भीतर दूसरी बार देशवासियों से एक अत्यंत महत्वपूर्ण अपील की है। वडोदरा, गुजरात में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक जीवन में कुछ बदलाव लाकर देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने में अपना योगदान दें। पीएम मोदी ने मुख्य रूप से पेट्रोल-डीजल के संयमित उपयोग, सोने की खरीद टालने और कार्यशैली में आधुनिक बदलावों को अपनाने पर जोर दिया है।
ईंधन की बचत और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर जोर
प्रधानमंत्री ने ईंधन के बढ़ते दामों और विदेशी मुद्रा पर इसके प्रभाव को देखते हुए नागरिकों से व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास करने को कहा है। उन्होंने कहा, “मेरी देश के हर नागरिक से अपील है कि जहां तक संभव हो, पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करें।” उन्होंने विकल्पों के तौर पर मेट्रो रेल, इलेक्ट्रिक बसों और सार्वजनिक परिवहन के अधिक से अधिक इस्तेमाल का सुझाव दिया। साथ ही, उन्होंने निजी वाहन मालिकों को ‘कार पूलिंग’ को बढ़ावा देने की सलाह दी, ताकि एक ही वाहन में अधिक लोग यात्रा कर सकें और सड़क पर गाड़ियों का बोझ व ईंधन की खपत दोनों कम हो सकें।
डिजिटल तकनीक और ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्राथमिकता
तकनीक की शक्ति का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज डिजिटल इंडिया ने हमारे काम को बहुत आसान बना दिया है। उन्होंने सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के दफ्तरों से आह्वान किया कि जहां संभव हो, वहां ‘वर्चुअल मीटिंग्स’ और ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए। इससे न केवल सड़कों पर भीड़ कम होगी, बल्कि आवाजाही में खर्च होने वाले ईंधन की भी बड़ी बचत होगी। उन्होंने इसे एक रणनीतिक कदम बताया जो वर्तमान संकट से निपटने में मददगार साबित होगा।
सोने की खरीद और विदेशी मुद्रा का संरक्षण
देश की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने एक साहसी अपील करते हुए लोगों से सोने की खरीदारी फिलहाल टालने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत का एक बड़ा पैसा सोने के आयात (इंपोर्ट) पर खर्च होता है, जो विदेशी मुद्रा के रूप में बाहर जाता है। पीएम ने नागरिकों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा, “जब तक हालात सामान्य न हो जाएं, हम सोने की खरीद को टालें, क्योंकि इसकी अभी कोई तुरंत जरूरत नहीं है।” उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा बचाना आज प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय कर्तव्य है।
‘वोकल फॉर लोकल’ को जन-आंदोलन बनाने की जरूरत
स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ के नारे को एक जन-आंदोलन में बदलने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमें विदेशी सामानों की जगह स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि हमारे अपने गांव और शहरों के उद्यमियों को ताकत मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें ऐसे हर काम से बचना चाहिए जिससे विदेशी मुद्रा खर्च होती हो। पीएम ने उदाहरण दिया कि जिस तरह देश ने एकजुट होकर कोरोना महामारी का मुकाबला किया था, उसी तरह साझा प्रयासों से हम इस वैश्विक आर्थिक संकट से भी पार पा लेंगे।
युवा शक्ति, अप्रेंटिसशिप और स्टार्टअप मिशन
भावी भारत की नींव रखते हुए पीएम मोदी ने युवाओं के कौशल विकास और ‘स्टार्टअप इंडिया’ मिशन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अनुभव की कमी के कारण दिशाहीन होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार उन्हें अप्रेंटिसशिप के बड़े अवसर प्रदान कर रही है। इससे देश को एक स्किल्ड वर्कफोर्स मिलेगी, जिसका सीधा लाभ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को होगा। गुजरात के युवाओं की उद्यमशीलता की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि छोटे शहरों के युवा भी अब एंटरप्रेन्योर बन रहे हैं और इसमें महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सुखद संकेत है।
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