देश में तेजी से बढ़ रही मधुमेह (डायबिटीज़) की समस्या को देखते हुए अब लोग एलोपैथिक दवाओं के साथ-साथ घरेलू नुस्खों और देशी इलाज की ओर भी रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय रहते उचित खानपान, व्यायाम और आयुर्वेदिक उपायों को अपनाया जाए, तो ब्लड शुगर लेवल को बिना दवा के भी नियंत्रित किया जा सकता है।
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ बन रहीं सहारा
करेला, दालचीनी, मेथी और गिलोय जैसी जड़ी-बूटियाँ ब्लड शुगर को प्राकृतिक रूप से कम करने के लिए कारगर मानी जाती हैं। ये शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाकर शर्करा के स्तर को संतुलित करती हैं।
देशी नुस्खों से लाभ
नीम की पत्तियां, तुलसी के पत्ते और जामुन की गुठली पाउडर जैसे नुस्खे वर्षों से ग्रामीण भारत में मधुमेह नियंत्रण के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। खाली पेट करेला या आंवले का रस पीना भी बेहद लाभकारी माना जाता है।
संतुलित आहार की भूमिका अहम
साबुत अनाज, हरी सब्जियां, फल, दालें, और मेवे का सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में सहायक होता है। प्रोसेस्ड फूड, चीनी और अधिक फैट वाले खाद्य पदार्थों से परहेज जरूरी है।
नियमित व्यायाम जरूरी
योग, तेज चलना, और प्राणायाम जैसे व्यायाम से शरीर की ऊर्जा खपत बढ़ती है और ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। हर दिन कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज, जैसे तेज चलना, योग, प्राणायाम, साइकलिंग या हल्का दौड़ना, शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है और शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है।
तनाव कम करें और भरपूर पानी पिएं
तनाव हार्मोन (कॉर्टिसोल) शुगर लेवल को बढ़ा सकता है। ध्यान, योग, गहरी साँसें लेना और पर्याप्त नींद लेना तनाव को घटाने में मदद करते हैं। पानी शरीर से ग्लूकोज को बाहर निकालने में सहायक होता है। दिनभर में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं।
