वाराणसी| वाराणसी शहर में यातायात को सुगम बनाने के लिए बन रहे रोपवे परियोजना के पहले फेज के पहले सेक्शन का कार्य 75 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। यह सेक्शन गोदौलिया से कैंट रेलवे स्टेशन तक तैयार किया जा रहा है, जिसका काम मई तक पूरा कर लिया जाएगा। रोपवे चालू होने के बाद यात्रियों को गोदौलिया से कैंट तक पहुँचने में मात्र 16 मिनट लगेंगे।
रोपवे की ट्रॉली (गंडोला) अत्याधुनिक तकनीक से युक्त है। इसकी कुल ऊँचाई 45 से 50 मीटर होगी, और कुल 148 ट्रॉली कारें चलेंगी, जिनमें एक ट्रॉली में 10 यात्री बैठ सकेंगे। एक दिशा में प्रतिघंटा 3000 और दोनों दिशाओं में 6000 लोग यात्रा कर सकेंगे। गंडोला हर 1.5 से 2 मिनट में उपलब्ध रहेगा और संचालन मेट्रो की तरह 16 घंटे तक होगा।
खास बात यह है कि रोपवे तेज हवा (60 किमी प्रति घंटा), कोहरा और बारिश में भी सुरक्षित रूप से चलेगा। सेंसर सिस्टम हवा की तीव्रता बढ़ने पर अलर्ट देगा और स्थिति बिगड़ने पर गंडोले को गैरेज में सुरक्षित पार्क कर दिया जाएगा। बिजली कटने की स्थिति में बैकअप व्यवस्था भी की गई है।
रथयात्रा से गोदौलिया सेक्शन सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। गंडोलों में सौर ऊर्जा से जलने वाली लाइटें लगाई जा रही हैं, जिससे पर्यावरण हित में भी योगदान मिलेगा। रथयात्रा पर ही सभी गंडोलों की पार्किंग की जाएगी।
हालांकि भारत माता मंदिर परिसर में बन रहे बिजली उपकेंद्र के पूरा होने में अभी तीन महीने का समय लगेगा। जब तक यह उपकेंद्र नहीं बनता, रोपवे का पूर्ण संचालन संभव नहीं होगा।

